माध्यमिक में ग्रामीण छात्रों ने मारी बाजी, सौगत बने टॉपर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 22 May 2019 6:20 AM

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा पर्षद ने मंगलवार को माध्यमिक परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिये. इस साल 86.07 फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं. कुल 1050397 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे. छात्राओं की संख्या छात्रों की अपेक्षा 12.56 प्रतिशत अधिक रही. 591179 छात्राओं व 459218 छात्रों ने परीक्षा दी थी. परीक्षा में बैठने वाली […]

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा पर्षद ने मंगलवार को माध्यमिक परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिये. इस साल 86.07 फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं. कुल 1050397 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे. छात्राओं की संख्या छात्रों की अपेक्षा 12.56 प्रतिशत अधिक रही. 591179 छात्राओं व 459218 छात्रों ने परीक्षा दी थी.

परीक्षा में बैठने वाली लड़कियों की संख्या अधिक रही लेकिन लड़कों का पास प्रतिशत ज्यादा रहा. लड़कों का पास प्रतिशत 89.97 फीसदी व लड़कियों का पास प्रतिशत 82.87 फीसदी रहा. टॉप 10 की सूची में इस बार भी ग्रामीण इलाके व जिलों के विद्यार्थियों ने बाजी मारी है. महम्मदपुर देशप्राण विद्यापीठ, पूर्व मेदिनीपुर के छात्र सौगत दास ने 700 में 694 अंक (99.14 प्रतिशत) लेकर राज्य टॉपर होने का गौरव हासिल किया है.
691 अंकों के साथ फालाकाटा गर्ल्स हाइस्कूल, अलीपुरद्वार की श्रेयशी पाल व इला देवी गर्ल्स हाइस्कूल, कूचबिहार की छात्रा देवस्मिता साहा ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया है.
रायगंज गर्ल्स हाइस्कूल (उत्तर दिनाजपुर) की छात्रा कैमेलिया राय व शांतिपुर म्यूनिसिपल हाइस्कूल (नदिया) के छात्र ब्रातिन मंडल 689 अंक हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे.
पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली ने मंगलवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर परीक्षा परिणाम जारी किये. उन्होंने बताया कि टॉप 10 की सूची में शामिल 51 विद्यार्थियों में िसर्फ दो परीक्षार्थी कोलकाता के हैं. इनमें दसवें स्थान पर रहे जादवपुर विद्यापीठ के सोहम दास व बिराटी विद्यालय फॉर गर्ल्स की प्रत्याशा मजुमदार ने 681 अंक हासिल किये हैं. बाकी 49 विद्यार्थी जिलों के हैं. बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि परीक्षा 12 फरवरी से 22 फरवरी तक आयोजित हुई थी. नतीजे 88 दिनों के अंदर घोषित किये गये हैं. परीक्षा नतीजों में सबसे अच्छी बात यह है कि लड़कियों में शिक्षा के प्रति रुचि काफी बढ़ी है. कन्याश्री योजना के कारण अल्पसंख्यक परिवार की लड़कियों की संख्या माध्यमिक परीक्षा में काफी बढ़ी है.
रिसर्चर बनना चाहते हैं नदिया के ब्रातिन मंडल
तीसरे टॉपर रहे ब्रातिन मंडल ने कहा कि वह फिजिक्स विषय में रिसर्चर बनना चाहते हैं. उनकी सफलता का राज स्मार्ट फोन से दूर रहकर पढ़ाई करना है. उन्होंने बताया कि शुरुआत में वह चार-पांच घंटे अध्ययन करते थे. बाद में उन्होंने अध्ययन का समय बढ़ा दिया. परीक्षा से पू‍र्व वह प्रतिदिन लगभग 14 से 15 घंटे अध्ययन करते थे. भविष्य में ब्रातिन अपने पूर्व विद्यालय से ही भौतिकी का अध्ययन करेंगे. गौरतलब है कि ब्रातिन के माता-पिता भौतिकी के शिक्षक हैं. छात्र ने कहा कि ट्यूशन की तुलना में उनके लिए स्कूल अधिक महत्वपूर्ण है. पढ़ाई के अलावा, ब्रातिन को फुटबॉल खेलना बहुत पसंद है.
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