आसनसोल.
ऑनलाइन ठगी के साथ साइबर अपराधी खुलेआम पुलिस को चुनौती देते हुए बड़े-बड़े ज्वेलरी शोरूम में आकर ठगी की घटनाएं को अंजाम दे रहे हैं. आसनसोल स्थित सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स शोरूम में 27 दिसंबर 2025 को आठ लाख रुपये का चूना लगानेवाला अमित कुमार नामक व्यक्ति ने 26 दिसंबर 2025 को बोकारो (झारखंड) सिटी सेंटर इलाके स्थित सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स के शोरूम में 7.16 लाख रुपये और 28 दिसंबर 2025 को भागलपुर (बिहार) में स्थित सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स के शोरूम में 12 लाख रुपये का चूना लगाकर फरार हो गया है. पुलिस को तीनों जगह का सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुआ है, जिसमें एक ही व्यक्ति ने तीनों जगह के शोरूमों में सोना लिया और आइएमपीएस के माध्यम से साइबर ठगी का पैसा भुगतान करके निकल गया. जिसके बाद ही बैंक ने उसके द्वारा भुगतान की गयी राशि को होल्ड पर रख दिया है. आसनसोल साइबर क्राइम थाना पुलिस आरोपी की तलाश में झारखंड, बिहार और ओडिशा में सर्च अभियान चला रही है. पुलिस को अंदेशा है कि यह आरोपी अन्य किसी जगह पर ठगी के कांड को अंजाम दे रहा होगा. जिसकी जानकारी बाद में मिलेगी.साइबर अपराध के पैटर्न में आया बड़ा बदलाव, पुलिस भी है परेशान
साइबर अपराध के पैटर्न में लगातार बदलाव हो रहा है. साइबर विभाग में पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि साइबर अपराध को लेकर लोगों को जागरूक करने काम चल रहा है. एक पैटर्न को लेकर लोगों को बताया जा रहा, तबतक साइबर अपराधी नया पैटर्न निकाल ले रहे हैं. प्रतिष्ठित ज्वेलरी शोरूम में एक के बाद एक जिस तरह से कांड को अंजाम दिया गया, यह काफी हैरान करनेवाला है. आसनसोल सेनको गोल्ड के शोरूम में 23 दिसम्बर को 9938896578 नम्बर से दोपहर को चार बार कॉल आया. कॉलर आइडी में कॉल करनेवाले का नाम कालकार्तिक हाटी दिख रहा था. इस व्यक्ति ने सोने का सिक्का खरीदने की इच्छा जतायी और जिसके लिए शोरूम का बैंक डिटेल्स भेजने का अनुरोध किया, वह अपने इंटरनेट बैंकिग में बेनिफिशरी जोड़ना चाहता था. शोरूम ने बैंक डिटेल्स दे दिया. 27 दिसंबर को वह दोपहर 2.52 मिनट पर शोरूम में आया. उसने 24 कैरेट सोने का 50 ग्राम का एक और एक-एक ग्राम का तीन कुल चार सिक्के खरीदा. पेमेंट आइएमपीएस के माध्यम से किया. आइएमपीएस में पांच लाख से ज्यादा एकबार में भुगतान नहीं हो सकता है, इसलिए उसने आठ लाख रुपये को दो किश्तों 4.10 लाख और 3.90 लाख रुपये में किया आहार 6,453 रुपये कैश में भुगतान किया. नियमानुसार दो लाख रुपये से अधिक का परचेस ऑनलाइन में करना पड़ता है.
आयकर विभाग के नियमों के हिसाब से शोरूम में भुगतान करनेवाले का पैन कार्ड और आधार कार्ड लिया. इनवॉइस पर जो फोन नम्बर दिया गया, उसपर फोन करके वेरिफिकेशन किया कि फोन नम्बर सही है या नहीं. यहां भी सब ठीक था. पेमेंट का डिटेल्स वेरिफिकेशन करने पर पाया गया कि यह राशि किसी राजकिशोर अग्रवाल के एचडीएफसी बैंक से आया है. राजकिशोर का आधार कार्ड भी उसने जमा किया. इनवॉइस उसने कार्तिक हाटी के नाम से बनाया था, उसका भी आधार और पैन कार्ड का दिया. सारा कुछ वेरिफिकेशन होने के बाद वह 53 ग्राम के सोने का सिक्का लेकर शाम 4:49 मिनट पर शोरूम से निकला. करीब एक घंटा तक वह शोरूम में रहा. 29 दिसम्बर को शोरूम को बैंक से मेल आया कि 4.10 लाख और 3.90 लाख की राशि को होल्ड पर रख दिया गया है. यह साइबर ठगी का पैसा है और राजकिशोर अग्रवाल के खाते से ठगी हुई है. उस अपराधी के पास राजकिशोर अग्रवाल का सारे डॉक्युमेंट्स मौजूद थे.बोकारो में भी एक ही पैटर्न पर कांड को अंजाम दिया गया. यहां भी उसने 23 दिसम्बर को 9938896578 नम्बर से कॉल करके सोने का सिक्का खरीदने की इच्छा जतायी. कॉलर आइडी में नाक कार्तिक हाटी आया. 26 दिसम्बर को दोपहर दो बजे वह शोरूम में आया और नौ पीस पांच ग्राम का, दो पीस एक ग्राम का, दो पीस 0.100 ग्राम का कुल 13 पीस सोने का सिक्का लिया. सोमनाथ जाना नामक किसी व्यक्ति के खाते से आइएमपीएस के माध्यम से पांच लाख रुपये और 2.16 लाख रुपये का भुगतान किया और 865 रुपये उसने कैश दिया. प्रत्यूष नायक के नाम से बिल बनाने को कहा. सभी का आधार कार्ड उसने जमा किया. उसके शोरूम से निकलने के आधा घंटा बाद ही बैंक से मैसेज आया कि 7.16 लाख रुपये जो खाते में आया है, उसे होल्ड पर रख दिया गया है. यह साइबर ठगी का पैसा है. भागलपुर में भी आरोपी ने एक ही पैटर्न में कांड को अंजाम दिया. पुलिस इस आरोपी का फोटो विभिन्न राज्यों में स्थित ज्वेलरी के बड़े शोरूम में मुहैया करा रही है.
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