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धनबाद नगर निगम चुनाव: BJP के बागी संजीव सिंह बने मेयर, JMM समर्थित प्रत्याशी को मिली बड़ी हार

Updated at : 28 Feb 2026 8:23 PM (IST)
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Jharkhand Muncipal Election Result 2026

संजीव सिंह की फाइल फोटो

Jharkhand Muncipal Election Result 2026: धनबाद नगर निगम चुनाव का परिणाम घोषित हो गया! भाजपा के बागी उम्मीदवार संजीव सिंह ने झामुमो समर्थित चंद्रशेखर अग्रवाल को हराकर मेयर पद पर कब्जा जमाया. शुरुआती रुझानों से ही संजीव सिंह की बढ़त बरकरार रही. पढ़ें धनबाद चुनाव की विस्तृत रिपोर्ट और जीत के समीकरण.

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Jharkhand Muncipal Election Result 2026, धनबाद : लंबे इंतजार के बाद धनबाद नगर निगम चुनाव के मेयर पद के लिए चल रही कुर्सी की लड़ाई थम गयी है. इस सीट से बीजेपी के बागी उम्मीदवार संजीव सिंह ने हाल ही में भाजपा छोड़कर झामुमो आए चंद्रशेखर अग्रवाल को हरा दिया. झरिया के पूर्व विधायक रहे संजीव सिंह के भाई सिद्धार्थ गौतम ने 7वें राउंड के बाद ही इसकी जानकारी मीडिया को दे दी. हालांकि मतों की गिनती 9 वें राउंड तक होना है. झामुमो समर्थित उम्मीदवार ने भी विजेता प्रत्याशी को जीत की बधाई दे दी है. बता दें कि संजीव सिंह शुरुआती राउंड से ही आगे चल रहे थे.

धनबाद व चिरकुंडा दोनों जगहों पर हार गयी पार्टी

धनबाद को लंबे समय से भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है. यहां पार्टी धनबाद व चिरकुंडा दोनों जगहों पर बुरी तरह हार गयी. दोनों ही जगह भाजपा के बागी विजय हुए. पार्टी डैमेज कंट्रोल नहीं कर पायी. धनबाद नगर निगम में महापौर पद के भाजपा समर्थित उम्मीदवार संजीव कुमार की हार और संजीव सिंह की जीत ने संगठन की रणनीति और जमीनी पकड़ पर सवाल खड़े कर दिये हैं. चुनाव परिणाम सामने आते ही यह साफ हो गया कि राष्ट्रीय से लेकर स्थानीय स्तर तक किये गये तमाम प्रयास मतदाताओं को साधने में नाकाम रहे.

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राष्ट्रीय नेताओं का जोरदार प्रचार भी बेअसर

भाजपा समर्थित प्रत्याशी संजीव कुमार के पक्ष में प्रचार के लिए पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर के दिग्गजों को मैदान में उतारा था. पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा और बिहार के प्रदेश मंत्री संतोष रंजन ने धनबाद में ताबड़तोड़ सभाएं व बैठकें की. अलग-अलग वार्डों में कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश हुई और मतदाताओं को साधने के लिए मुद्दों को धार देने का प्रयास किया गया.

डैमेज कंट्रोल की कोशिशें भी रहीं नाकाम

चुनाव से पहले अंदरूनी नाराजगी और गुटबाजी की खबरों के बीच पार्टी ने बंद कमरे में डैमेज कंट्रोल करने की रणनीति अपनायी. स्थानीय स्तर पर संजीव सिंह समेत तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कई दौर की बैठकें हुईं, ताकि असंतोष कम किया जा सके. बावजूद इस कवायद का जमीनी स्तर पर असर नहीं दिखा.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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