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बांकुड़ा : डीवीसी के मजदूर यूनियन भवन में पूर्व सांसद दिवंगत वासुदेव आचार्य की मूर्ति स्थापित

Updated at : 12 May 2025 12:21 AM (IST)
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बांकुड़ा : डीवीसी के मजदूर यूनियन भवन में पूर्व सांसद दिवंगत वासुदेव आचार्य की मूर्ति स्थापित

डीवीसी अधिकारियों ने अपनी पहल पर डीवीसी के रघुनाथपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के अंदर दिवंगत सांसद वासुदेव आचार्य की प्रतिमा स्थापित की, लेकिन उन्होंने मेजिया थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए इसे मंजूरी नहीं दी.

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डीवीसी अधिकारियों की आपत्ति के बावजूद यूनियन कार्यालय में किया गया अनावरण

प्रतिनिधि, बांकुड़ा.

डीवीसी अधिकारियों ने अपनी पहल पर डीवीसी के रघुनाथपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के अंदर दिवंगत सांसद वासुदेव आचार्य की प्रतिमा स्थापित की, लेकिन उन्होंने मेजिया थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए इसे मंजूरी नहीं दी. मेजिया में सीआईटीयू द्वारा संचालित डीवीसी वर्कर्स यूनियन के दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन के अवसर पर रविवार को वासुदेव आचार्य की प्रतिमा का अनावरण किया जाना था. श्रमिक संगठन के नेताओं ने प्रतिमा की स्थापना से जुड़े सभी मुद्दों को सुलझा लिया था. इसी कारण माकपा नेता, वकील और पूर्व सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य शनिवार शाम को मेजिया आये थे. आखिरी समय में डीवीसी एमटीपीएस अधिकारियों ने पत्र भेजकर कहा कि प्रतिमा स्थापित नहीं की जायेगी. यह सुनकर विकास भट्टाचार्य क्रोधित हो गये. उन्होंने डीवीसी का आतिथ्य अस्वीकार कर दिया और रात बिताने के लिए दुर्गापुर के एक होटल में लौट गये.

विकास भट्टाचार्य ने जताया विरोध, डीवीसी पर लगाये आरोप : वह रविवार की सुबह श्रमिक संगठन सम्मेलन का उद्घाटन करने के लिए मेजिया लौट आये. उनके निर्देशानुसार, श्रमिक नेताओं ने अपने संगठन के कार्यालय में एक मेज पर लाल कपड़े में लपेटकर वासुदेव आचार्य की एक प्रतिमा रख दी. सम्मेलन के उद्घाटन से पहले उन्होंने प्रतिमा के आवरण का अनावरण किया और डीवीसी अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा, “कोई भी घटना संयोगवश नहीं होती. इसके पीछे इतिहास है. लेकिन वर्तमान डीवीसी प्राधिकारियों में से कई लोग डीवीसी का इतिहास नहीं जानते हैं. वासुदेव आचार्य और डीवीसी एक दूसरे के पूरक हैं. मुझे नहीं पता था कि मेजिया पावर प्रोजेक्ट के कुछ अनजान अधिकारियों ने यह निर्णय लिया है. यदि मुझे पहले पता होता तो मैं उन्हें ऐसे कठघरे में खड़ा कर देता जिसकी कल्पना भी वे नहीं कर सकते थे. आज हमने विरोध स्वरूप वासुदेव बाबू की प्रतिमा का अनावरण किया है, लेकिन यह प्रतिमा वहीं स्थापित की जायेगी जहां उसे स्थापित किया जाना है और यह डीवीसी अधिकारियों की मौजूदगी में किया जायेगा.

डीवीसी के पूर्व महासचिव ने मुख्यालय से हुई बातचीत का जिक्र किया : डीवीसी वर्कर्स यूनियन के पूर्व महासचिव जीवन आइच ने कहा, “हमने काफी समय पहले कोलकाता स्थित डीवीसी के मुख्यालय डीवीसी टावर्स में चेयरमैन से बात की थी. ” चेयरमैन ने मेजिया थर्मल पावर प्रोजेक्ट के मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रमुख को दूरभाष पर प्रतिमा स्थापना की जानकारी दी थी. हमें यह नहीं बताया गया कि इसके बाद कोई और बाधा आयेगी. आखिरी क्षण में उन्होंने एक पत्र लिखकर कहा कि हमने पीपी अधिनियम का उल्लंघन करते हुए प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया है.

संगठन के अध्यक्ष व अधिवक्ता विकास भट्टाचार्य ने रविवार को एमटीपीएस सभागार में दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन इस परिचर्चा के साथ किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUBODH KUMAR SINGH

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