खरबों रुपये का निवेश कर साइबर ठगों के चंगुल में फंसे हुए हैं लोग
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 23 Sep 2024 12:53 AM
साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए अपने हर दांव का इस्तेमाल कर रहे हैं और लोग उनके चंगुल में फंस रहे है.
आसनसोल. पुलिस और वित्तीय संस्थानों द्वारा लगातार विभिन्न माध्यमों से जागरूकता फैलाने के बावजूद भी लोग कम समय में अधिक मुनाफा कमाने की लालच में अपना सबकुछ गंवा दे रहे हैं. लोगों को लूटने का साइबर अपराधियों का सिलसिला घटने के बजाय लगातार बढ़ रहा है. साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए अपने हर दांव का इस्तेमाल कर रहे हैं और लोग उनके चंगुल में फंस रहे है. सबसे ज्यादा राशि की ठगी शेयर ट्रेडिंग के नाम पर हो रही है.
रानीगंज एनएसबी रोड इलाके की निवासी निधि केडिया से साइबर अपराधियों ने शेयर ट्रेडिंग के झांसे में फंसाकर 29.21 लाख रुपये लूट लिये. जिसकी शिकायत उन्होंने आसनसोल साइबर क्राइम थाना में दर्ज करायी. उनकी शिकायत के आधार पर कांड संख्या 80/24 में बीएनएस की धारा 319(2)/318(4)/316(2)/61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई है. रानीगंज निवासी निधि केडिया ने अपनी शिकायत में बताया कि इस साल जून महीने में उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया और पूछा गया कि क्या शेयर बाजार में दिलचस्पी है और बाजार के बारे में सीखना है. सुश्री केडिया ने इसमें रुचि दिखायी, उसके बाद शुरू हो गया लालच देकर चंगुल में फंसाने का कार्य. उनका पंजीकरण कराया गया और धन सिक्युरिटी नामक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया. उस ग्रुप में सैकड़ों लोग मोटी रकम का मुनाफा कमा रहे थे, यह उन्हें दिखाया गया. उन्होंने कुछ दिनों तक ग्रुप पर नजर रखी और आखिरकार निवेश करने का निर्णय लिया.अपने पंजाब नेशनल बैंक के खाते से चार जुलाई से सात अगस्त के बीच कुल 17 ट्रांजेक्शन में 29.21 लाख रुपये व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से ठगों के विभिन्न खातों में भेजे. एक माह बाद जब उन्होंने उस राशि को निकालने का प्रयास किया तो प्रक्रिया बार-बार अस्वीकार होने लगी.
पूछताछ के बाद उन्हें बताया गया कि उनके द्वारा निवेश की गयी राशि को आनेवाले आइपीओ के आवंटन के लिए निवेश किया जा चुका है. पैसे चाहिए तो विभिन्न शुल्क/लेविस/दंड के रूप में और अधिक राशि की मांग की गयी. फिर वह समझ गयी कि वह साइबर ठगी की शिकार हो चुकी हैं.इस साल अबतक 80 मामले दर्ज होने का बना रिकार्ड
आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट में इस साल साइबर ठगी के मामलों का नया रिकॉर्ड बन गया है. वर्ष 2017 में कुल 32 प्राथमिकी, वर्ष 2018 में कुल सात प्राथमिकी, वर्ष 2019 में कुल 13 प्राथमिकी, वर्ष 2020 के कुल 37 प्राथमिकी, वर्ष 2021 में कुल 62 प्राथमिकी, वर्ष 2022 में भी कुल 62 प्राथमिकी और वर्ष 2023 में कुल 40 प्राथमिकी दर्ज हुई थी. इस साल 19 सितंबर तक कुल 80 प्राथमिकी दर्ज हुई हैं. – स्रोत-एडीपीसी एफआइआर रिपोर्ट.
खरबों रुपये का चल रहा है खेल, लोग खुद जाकर फंस रहे हैं इनके चंगुल में
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर कम समय में अधिक मुनाफा देने का लालच देकर लोगों को लूटने का साइबर अपराधियों का धंधा जोरों से चल रहा है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह खरबों रुपये का कारोबार हैं. अकेले कमिश्नरेट इलाके में, जहां की आबादी 29 लाख की है, पिछले आठ माह में ही 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी होने की शिकायत दर्ज हुई है. जिसमें 95 फीसदी की राशि शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर ठगी हुई है. इस हिसाब से पूरे देशभर में कितनी राशि की ठगी हो रही होगी, इसका अंदाजा लगाना ही कठिन है. इसमें लोग खुद जाकर ठगों के चंगुल में फंस रहे हैं. कुछ दिन पहले एक पूर्व बैंक प्रबंधक ने कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में 1.35 करोड़ रुपये गंवा दिये. अपना सबकुछ गंवा देने वाले वह अकेले नहीं हैं. भारी संख्या में ऐसे लोग हैं. जागरूकता के अभाव में यह अवैध कारोबार बढ़ रहा है.
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