Android 17 का नया AI फीचर करेगा स्कैमर्स का खेल खत्म, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी पर लगेगी लगाम
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 30 May 2026 10:28 AM
Android 17 अपडेट के बाद साइबर ठगी होगी मुश्किल / एआई-जेनरेटेड रिप्रेजेंटेशनल इलस्ट्रेशन
गूगल का Android 17 अपडेट फर्जी कॉल, स्पूफ नंबर, OTP चोरी और खतरनाक ऐप्स से बचाने के लिए कई नये AI आधारित सिक्योरिटी फीचर्स ला सकता है. जानिए क्या होगा खास.
ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड आज स्मार्टफोन यूजर्स के लिए सबसे बड़ी परेशानियों में से एक बन चुके हैं. फर्जी बैंक कॉल, OTP स्कैम, स्क्रीन शेयरिंग फ्रॉड और नकली लिंक के जरिए हर दिन हजारों लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं. ऐसे समय में गूगल का आगामी Android 17 अपडेट यूजर्स के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंड्रॉयड 17 में कई ऐसे एडवांस्ड AI आधारित सिक्योरिटी फीचर्स शामिल किए जा रहे हैं जो संदिग्ध कॉल, फर्जी नंबर और खतरनाक ऐप्स की पहचान करने में मदद करेंगे.
कॉल के दौरान ही मिलेगा स्कैम अलर्ट
Android 17 का सबसे चर्चित फीचर रियल-टाइम स्कैम डिटेक्शन माना जा रहा है. यह सिस्टम फोन कॉल के दौरान संदिग्ध गतिविधियों को पहचानने की कोशिश करेगा. अगर AI को लगे कि सामने वाला व्यक्ति किसी तरह की धोखाधड़ी करने की कोशिश कर रहा है, तो यूजर को तुरंत चेतावनी दिखाई जा सकती है.
इसका मकसद लोगों को उस समय सतर्क करना है जब वे स्कैमर्स के झांसे में आने वाले होते हैं. खासकर बैंकिंग, KYC अपडेट और इनाम जीतने जैसी कॉल्स में यह फीचर काफी उपयोगी साबित हो सकता है.
फर्जी और स्पूफ नंबरों की पहचान होगी आसान
साइबर अपराधी अक्सर ऐसे नंबरों का इस्तेमाल करते हैं जो देखने में स्थानीय या आधिकारिक लगते हैं. कई बार यूजर्स इन्हें बैंक, सरकारी विभाग या किसी विश्वसनीय संस्था का नंबर समझ लेते हैं.
Android 17 में ऐसे स्पूफ नंबरों की पहचान करने की क्षमता को और मजबूत बनाया जा रहा है. इससे यूजर्स को कॉल रिसीव करने से पहले ही संभावित जोखिम की जानकारी मिल सकती है.
OTP और निजी डेटा रहेगा ज्यादा सुरक्षित
ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान के दौर में OTP सबसे संवेदनशील जानकारी बन गया है. कई मालवेयर और फर्जी ऐप्स OTP चुराने की कोशिश करते हैं.
नई रिपोर्ट्स के अनुसार Android 17 में ऐसे फीचर्स शामिल किए जा सकते हैं जो OTP को कुछ समय के लिए सुरक्षित रखेंगे और दूसरे ऐप्स की पहुंच से दूर रखेंगे. इससे साइबर अपराधियों के लिए यूजर्स के अकाउंट तक पहुंच बनाना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो जाएगा.
Google Play Protect बनेगा और ज्यादा ताकतवर
Google Play Protect पहले से ही एंड्रॉयड डिवाइस में सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. Android 17 में इसे और ज्यादा स्मार्ट बनाया जा रहा है.
यह फीचर संदिग्ध ऐप्स की निगरानी करेगा और यूजर को बताएगा कि कौन-सा ऐप स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर रहा है, माइक्रोफोन एक्सेस कर रहा है या बैकग्राउंड में संवेदनशील जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है. इससे प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी.
एडवांस्ड कॉल स्क्रीनिंग से मिलेगा अतिरिक्त सुरक्षा कवच
Android 17 में कॉल स्क्रीनिंग फीचर को भी नए स्तर पर ले जाने की तैयारी है. यह तकनीक अनजान कॉलर्स से पहले बातचीत कर सकती है और कॉल करने का कारण जान सकती है.
अगर कॉल संदिग्ध लगती है, तो यूजर को पहले से जानकारी दी जा सकती है. इससे अनचाही और धोखाधड़ी वाली कॉल्स को काफी हद तक रोका जा सकेगा.
बढ़ते साइबर खतरे के बीच क्यों अहम है Android 17?
भारत समेत दुनिया भर में डिजिटल फ्रॉड के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. लोग बैंकिंग, शॉपिंग और सरकारी सेवाओं के लिए स्मार्टफोन पर निर्भर हो चुके हैं. ऐसे में सुरक्षा फीचर्स अब सिर्फ एक अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि जरूरत बन गए हैं.
Android 17 के नए AI आधारित टूल्स अगर उम्मीद के मुताबिक काम करते हैं, तो यह अपडेट लाखों यूजर्स को साइबर अपराधियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
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By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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