छह जून को होगी जेबीसीसीआइ की बैठक
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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पहल. कोयला उद्योग में त्रिदिवसीय हड़ताल की नोटिस पर सरकार, सीआइएल प्रबंधन रेस साढ़े तीन लाख कोयला कर्मियों के वेतन समझौते पर प्रबंधन व यूनियन नेताओं के बीच बने टकराव को समाप्त करने के लिए प्रबंधन ने जेबीसीसीआइ की बैठक बुला कर सार्थक पहल की है. हालांकि यदि प्रबंधन के स्तर से ठोस प्रस्ताव नहीं […]
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पहल. कोयला उद्योग में त्रिदिवसीय हड़ताल की नोटिस पर सरकार, सीआइएल प्रबंधन रेस
साढ़े तीन लाख कोयला कर्मियों के वेतन समझौते पर प्रबंधन व यूनियन नेताओं के बीच बने टकराव को समाप्त करने के लिए प्रबंधन ने जेबीसीसीआइ की बैठक बुला कर सार्थक पहल की है. हालांकि यदि प्रबंधन के स्तर से ठोस प्रस्ताव नहीं रखे गये तो यह बैठक भी पिछली ती न बैठकों की तरह बेनतीजा होगी तथा दोनों पक्षों के बीच कटुता और बढ़ेगी.
आसनसोल : केंद्र सरकार के सत्ताशीन होने के तीन साल के राष्ट्रब्यापी जश्न को निर्विवाद आयोजित करने के दौरान किसी भी विवाद से बचने के लिए केंद्रीय सरकार ने सात सूत्री मांगों को लेकर पांच केंद्रीय मजदूर संगठनों की ओर से कोयला उद्योग में आगामी 19 जून से 21 जून तक होनेवाली हड़ताल के स्थगन की पहल शउरू की है. आगामी छह जून को जेबीसीसीआइ-10 की बैठक बुलायी गयी है. सात मांगों में अधिकांश मांगे जेबीसीसीआइ-10 से जुड़ी है. सीआइएल के वरीय प्रबंधक (पी/जे) मनोज कुमार ने यह पक्ष जारी किया है. बैठक नयी दिल्ली में होगी.
जारी पत्र में बैठक के मुद्दों के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया है. सिर्फ इतना लिखा गया है कि जेबीसीसीआइ-10 की चौथी बैठक नयी दिल्ली में आगामी छह जून को बुलायी गयी है. सभी सदस्यों को इस बैठक में शामिल होने को कहा गया है. सीआइएल के महाप्रबंधक दिवाकर श्रीवास्तव, सीआइएल (मुख्यालय) के सलाहकार (एमपी, आइआर व जेबीसीसीआइ) भगवान पांडेय तथा वरीय प्रबंधक (पी/जे) श्री कुमार को समन्वय का दायित्व दिया गया है.
पत्र की प्रति जेबीसीसीआइ-10 सह सीआइएल के चेयरमैन सुतीर्थ भट्टाचार्या, सीआइएल के निदेशक (विप्पणन)सह निदेशक (कार्मिक व औद्योगिक संबंध) एसएन प्रसाद, सीआइएल के वित्त निदेशक सीके दे, तकनीकी निदेशक शेखर शरण, सीसीएल सह बीसीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह, एनसीएल के सीएमडी टीके नाग, डब्ल्यूसीएल सह इसीएल के सीएमडी आरआर मिश्र, एमसीएल के सीएमडी एके झा, एसइसीएल के सीएमडी बीआर रेड्डी, एनसीएल की कार्मिक निदेशक शांतिलता साहु, इसीएल के कार्मिक निदेशक केएस पात्र, एससीसीएल के सीएमडी (आइएएस) जे पवित्र कुमार, बीएमएस प्रतिनिधि डॉ बीके राय, प्रदीप कुमार दत्त, बीके राय, वाइएन सिंह, एचएमएस के प्रतिनिधि नत्थूलाल पांडेय, राजेन्द्र प्रसाद सिंघा, संजीव सिंह व उमा शंकर सिंह, एटक प्रतिनिधि रमेन्द्र कुमार, सीथारमैया वी, आरसी सिंह तथा सीटू प्रतिनिधि डीडी रामानंदन, वंशगोपाल चौधरी व एम नरसिम्हा राव को भेजी गयी है.
यूनियन प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
जेबीसीसीआइ सदस्य व एटक प्रतिनिधि आरसी सिंह तथा जेबीसीसीआइ के वैकल्पिक सदस्य व एचएमएस प्रतिनिधि एसके पांडेय ने कहा कि इस बैठक में यूनियन प्रतिनिधि शामिल तो होंगे लेकिन इससे कुछ रिजल्ट आने की संभावना काफी कम है. यूनियनों के द्वारा हड़ताल की नोटिस के बाद की यह कवायद है. तीन बैठकों में प्रबंधन तथा सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति तथा लगातार श्रमिक विरोधी नीतियों के अख्तियार करने के बाद हड़ताल का निर्णय लिया गया है. किसी भी बैठक में प्रबंधन व सरकार को पहले सीएमपीएफओ के इपीएफ में विलय के निर्णय को वापस लेना होगा तथा वेज रीविजन के मुद्दे पर अपना रूख स्पष्ट करना होगा कि वह वेज में कितनी प्रतिशत की वृद्धि चाहता है. उन्होंने कहा कि 25 फीसदी से कम वृद्धि पर विचार का सवाल ही नहीं उठता है. जहांतक हड़ताल स्थगन का मामला है तो इसकी नोटिस इंटक के साथ मिल कर दी गयी है. इस संबंध में इंटक की गैर मौजूदगी में कोई चर्चा हो ही नहीं सकती है.
जश्न में कोई विवाद नहीं चाहती है सरकार
जानकारों का मानना है कि हड़ताल को लेकर मजदूर संगठनों की तैयारियों ने कोयला मंत्रलय को सोचने पर मजबूर कर दिया है. दूसरे नरेन्द्र मोदी सरकार के तीन साल के जश्न और भाजपा के अगले चुनाव की तैयारियों की वजह से भी सरकार इस हड़ताल को टालना चाहती है.
यही कारण है कि अधिकारियों को रेस किया गया है. पहले कोल इंडिया प्रबंधन ने आगामी 29 मई को बैठक बुलायी. मजदूर संगठनों ने इस बैठक मं भाग लेने से साफ इंकार कर दिया. इसके बाद सीएमपीएफआयुक्त ने भी हड़ताल के मुद्दे पर ही आगामी 31 मई को बैठक बुलायी. मजदूर नेताओं ने सीएमपीएफ के अधिकार पर सवाल उठाते हुए इस बैठक में भी शामिल होने से इंकार कर दिया. इसके बाद कोल इंडिया लिमिटेड के कार्मिक निदेशक (प्रभारी) एसएन प्रसाद ने दो जून को दिल्ली में बैठक बुलायी है. बैठक का विषय- ‘महत्वपूर्ण चर्चा’है न कि हड़ताल. सूत्र बताते हैं कि दो जून की बैठक में सीएमपीएफ के विलय के मुद्दे पर प्रबंधन के स्तर से ठोस आश्वासन मिलने की संभावना है. हड़ताल के मद्देनजर कोयला मंत्रलय ने विलय की प्रक्रिया धीमी कर दी है. बीते 14-15 मई को होनेवाली बैठक नहीं हुयी है. पहले डेड लाइन 31 मई थी. जिसे बढ़ा कर 31 अगस्त कर दी गयी है. बताते हैं कि आगामी दो जून की बैठक के बाद छह जून को जेबीसीसीआइ-10 की चौथी बैठक बुलायी गयी है.
क्या है इसकी पृष्टभू्मि
साढ़े तीन लाख कोयला मजदूरों के 10वें वेतन समझौते के लिए जेबीसीसीआइ-10 की तीन बैठकें हो चुकी हैं. लेकिन वेतन समझौते की दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं हो सकी है. यूनियनों का आरोप है कि केंद्रीय सरकार के निर्देश पर सीआइएल प्रबंधन लगातार असहयोग कर रहा है.
इसी बीच कोयला मंत्रलय ने सीएमपीएफओ का इपीएफओ में विलय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी. वेतन समझौते पर कोल इंडिया प्रबधन के रूख से पहले से ही नाराज चल रहे मजदूर संगठनों को मंत्रलय के इस कदम ने और भड़का दिया. नौ मई को दिल्ली स्थित बीएमएस कार्यालय में पांच केंद्रीय यूनियनों की संयुक्त बैठक हुयी. जिसमें सर्वसहमति से आगामी 19 जून से 21 जून तक त्रिदिवसीय राष्ट्रीय कोयला हड़ताल करने का फैसला लिया गया. बैठक के बाद उसी दिन हड़ताल की नोटिस कोयला मंत्रलय के सचिव तथा कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) प्रबंधन को जारी कर दी गयी. हड़ताल को सफल बनाने के लिए मजदूर संगठनों ने जमीनी स्तर पर तैयारी शुरू कर दी.
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