उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए हेल्पलाइन

Updated at : 09 Jun 2019 5:19 AM (IST)
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उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए हेल्पलाइन

खाद्य पदार्थों संबंधी शिकायतें व फोटो अपलोड कर पायेंगे उपभोक्ता शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग के स्तर से जांच कर होगी जरूरी कार्रवाई आसनसोल : विश्व खाद्य दिवस पर चीफ मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (सीएमओएच) कार्यालय जिले भर में जागरूकता अभियान चलाकर उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और खाद्य व भोज्य पदार्थ विक्रेताओं को उनके दायित्वों […]

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खाद्य पदार्थों संबंधी शिकायतें व फोटो अपलोड कर पायेंगे उपभोक्ता

शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग के स्तर से जांच कर होगी जरूरी कार्रवाई

आसनसोल : विश्व खाद्य दिवस पर चीफ मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (सीएमओएच) कार्यालय जिले भर में जागरूकता अभियान चलाकर उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और खाद्य व भोज्य पदार्थ विक्रेताओं को उनके दायित्वों से अवगत करायेगा. भारतीय खाद्य सुरक्षा मानकों के अधिकार में उपभोक्ताओं को भोजन संबंधी जारी नियमावलियों और पोषकता के बारे में जानकारी दी जायेगी.

अभियान में कृषक के खाद्य पदार्थ के उगाने से लेकर विभिन्न हाथों से होकर पके हुए भोजन के उपभोक्ता की थाली तक पहुंचने तक उसकी पूरी सुरक्षा व गुणवत्ता सुनिश्चित करना कृषक, विक्रेता सबका दायित्व है.

उपभोक्ताओं के खाद्य पदार्थों से संबंधित शिकायतों को दर्ज कराने के लिए सीएमओएच कार्यालय के स्तर से सोशल मीडिया के फेसबुक एकाउंट पर फेसबुक हेल्प लाइन जारी की गई है.

www.facebook/fsc.pas.bwn हेल्प लाइन पर उपभोक्ता खाद्य पदार्थों संबंधी शिकायतों और खाद पदार्थों में अनियमितता या गंदगी के वीडियो और फोटो अपने संपर्क ब्यौरे के साथ अपलोड कर सकेंगे. बाद में विभाग द्वारा पूरे मामले की जांच कर दोषी पक्ष पर विभागीय कार्रवाई की जायेगी.

सीएमओएच- टू डॉ अनुराधा दे ने कहा कि विश्व खाद्य दिवस पर सीएमओएच कार्यालय से पूरे जून माह में जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित रूप से खाद्य सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जायेगा.

भारतीय खाद्य सुरक्षा मानकों के अधिकार के तहत जारी नारा – ‘अगर यह सुरक्षित नहीं है तो यह भोजन नहीं है’ के महत्व को उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जायेगा. उन्होंने कहा कि पैकेट एवं डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों, शीतल पेय पर कंपनी द्वारा दी जाने वाले जरूरी जानकारियां निर्माण की तिथि, अंतिम उपयोग की तिथि, निर्माण में उपयोग किये गये पदार्थों की पूरी जानकारी, एफएसएसएआई की मान्यता, भोजन शाकाहार है या मांसाहार आदि जानकारियां दी जानी अनिवार्य है.

उन्होंने कहा कि रानीगंज स्वास्थ्य केंद्र में 16 जून को, दुर्गापुर में 21 जून को, आसनसोल जिला अस्पताल में 25 जून को जागरूकता अभियान चलाया जायेगा. जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं स्वास्थ्य अधिकारी अभियान में शामिल होंगे.

लैंसेट की सर्वें रिपोर्ट के अनुसार खराब माहौल और असुरक्षित ढंग से तैयार किये गये खाद्य पदार्थों से भारत में हर साल 15 लाख लोगों की फूड पॉयजनिंग से मौत हो जाती है. खराब खाने से मौत के मामले में भारत चीन के बाद दूसरे नंबर पर है. उन्होंने कहा कि जिले भर में प्रतिदिन बडी संख्या में कामकाजी लोग, स्टूडेंटस, कार्यवश घरों से बाहर निकलने वाले लोग शहर के होटलों, फूड काउंटरों, रेस्तरां, फुटपाथ पर लगने वाले फुड काउंटरों पर भोजन करने को बाध्य होते हैँ.

उन्होंने कहा कि इन काउंटरों पर ग्राहकों को परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की पोषकता को लेकर ग्राहकों को जानकारी देना अनिवार्य है. परिस्थितिवश बाहर खाना खाने वालों को सही भोजन न परोसे जाने से उनका जीवन, स्वास्थ्य और दिनचर्या प्रभावित होता है. फूड काउंटरों पर खाद्य पदार्थों को तलने वाले तेल को तीन बार से ज्यादा उपयोग नहीं किया जा सकता है. अत्यधिक रंग व रसायन से बने हुए खाद्य पदार्थों को खाने से स्वास्थ्य प्रभावित होता है.

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