कोल इंडिया एपेक्स कमेटी की बैठक में नहीं हो सका बोनस का फैसला

Updated at : 28 Sep 2018 4:10 AM (IST)
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कोल इंडिया एपेक्स कमेटी की बैठक में नहीं हो सका बोनस का फैसला

आसनसोल : कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) तथा इसकी अनुषांगिक कोयला कंपनियों के करीब 3.5 लाख स्थायी श्रमिकों व कर्मचारियों तथा 2.75 लाख आउटसोर्स ठेका श्रमिकों के दुर्गापूजा बोनस के मुद्दे पर गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित कोल इंडिया एपेक्स कमेटी की बैठक भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के बहिष्कार के कारण बिना किसी निर्णय के […]

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आसनसोल : कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) तथा इसकी अनुषांगिक कोयला कंपनियों के करीब 3.5 लाख स्थायी श्रमिकों व कर्मचारियों तथा 2.75 लाख आउटसोर्स ठेका श्रमिकों के दुर्गापूजा बोनस के मुद्दे पर गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित कोल इंडिया एपेक्स कमेटी की बैठक भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के बहिष्कार के कारण बिना किसी निर्णय के स्थगित हो गई.
अगली बैठक कोलकाता में संभवत: एक अक्तूबर को होगी. लेकिन ट्रेड यूनियनों के बीच लगातार चल रहे अंतर्विरोधों के कारण उक्त बैठक की सफलता पर संदेह है. बहिष्कार करने से पहले बीएसएस के प्रतिनिधि डॉ बीके राय ने प्रबंधन तथा यूनियन प्रतिनिधियों के खिलाफ जम कर भड़ास निकाला.
कोयला मजदूरों की निगाहें दिल्ली में होने वाली दो महत्वपूर्ण बैठकों पर लगी थी. पर यूनियनों में एकता नहीं रहने के कारण उन्हें निराशा हाथ लगी. बीएमएस ने एपेक्स जेसीसी की बैठक का बहिष्कार कर दिया. जिस कारण अपराह्न तीन बजे से बोनस पर आयोजित बैठक स्थगित कर दी गई. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि बोनस पर अगली बैठक एक अक्तूबर को कोलकता में होगी.
इधर एपेक्स जेसीसी की बैठक का बीएमएस के बहिष्कार करने के बाद माहौल ऐसा बन गया कि बैठक तो हुई पर कुछ फ़ैसला नहीं हुआ. बैठक में बीएमएस नेता डॉ बीके राय आए, सम्बोधन किया और फिर बहिष्कार कर चलते बने. कोल इंडिया चेयरमैन एके झा ने बहुत आग्रह किया पर वे नहीं माने. अध्यक्षता कोल इंडिया चेयरमैन श्री झा ने की.
कोल इंडिया के सभी निदेशक, इसीएल के सीएमडी पीएस मिश्रा, बीसीसीएल के सीएमडी एके सिंह, डब्ल्यूसीएसल के सीएमडी आरआर मिश्रा सहित अन्य कंपनियों के सीएमडी, रमेंद्र कुमार (एटक), नत्थूलाल पांडेय (एचएमएस) तथा डीडी रामनन्दन (सीटू) उपस्थित थे.
संवेदनहीन लोगों से क्या बात करना : डॉ राय
बीएमएस नेता डॉ राय ने कहा कि प्रबंधन और तीनों यूनियनों के नेता संवेदनहीन है. इनसे क्या बात करना? प्रबंधन कोयला मंत्री की बात नहीं सुनता है. मंत्री ने अक्तूबर तक 400 चिकित्सको की बहाली करने का निर्देश दिया था. अब तक उसकी प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई. उन्होंने एटक, सीटू, एचएमएस पर हमला करते हुए कहा कि अंदर समझौता करते है और बाहर विरोध करते हैं.
पेंशन और मेडिकेयर स्कीम पर इन्होंने भी दस्खत किया. एचएमएस ने साइन नहीं किया पर मानकीकरण समिति में सहमति जताई. अब कह रहा है कि कटौती नहीं होनी चाहिए. अब मजदूरों को कटौती के खिलाफ भड़का रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसी के चलते बहिष्कार किया. उन्होंने कहा कि बोनस मानकीकरण समिति तय करती है, एपेक्स नहीं. प्रबंधन ने बैठक बुलाई है, लोग तय करें.
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