पोइला वैशाख पर मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, की पूजा-अर्चना

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दुर्गापुर व इसके आसपास के इलाके के बंगाली समाज के लोगों ने रविवार को पोइला वैशाख हर्षोल्लास से मनाया. बांग्ला नववर्ष के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंिदरों में उमड़ी. बंगाली महिलाओं ने नई लाल बार्डर की व्हाइट साड़ी और पुुरुषों ने नये व्हाइट कुर्ता, धोती पहन कर परिवार और समाज की खुशहाली के […]

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दुर्गापुर व इसके आसपास के इलाके के बंगाली समाज के लोगों ने रविवार को पोइला वैशाख हर्षोल्लास से मनाया. बांग्ला नववर्ष के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंिदरों में उमड़ी. बंगाली महिलाओं ने नई लाल बार्डर की व्हाइट साड़ी और पुुरुषों ने नये व्हाइट कुर्ता, धोती पहन कर परिवार और समाज की खुशहाली के लिये पूजा-अर्चना की. सोशल मीडिया से भी नववर्ष की बधाई का सिलसिला दिनभर जारी रहा. युवा वर्ग ने इसमें खास दिलचस्पी दिखाई. युवाओं के एक बड़े वर्ग ने पूजा-पाठ को ज्यादा महत्व दिया.
उन्होंने वर्ष की शुरूआत पूजा-पाठ से करनी ही बेहतर समझी. पोइला वैशाख को व्यापार के लिये भी काफी शुभ माना जाता है. बंगाली परिवारों ने अपने घरों, दुकानों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में भगवान गणेश एवं देवी लखी की पूजा-अर्चना की. व्यावसायियों ने नये बही-खातों की शुरूआत की. मौके पर बंगाली परिवार के लोगों ने व्यक्तिगत स्तर पर विभिन्न प्रकार पकवानों का लुत्फ उठाया. बंगाली समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को ‘शुभो नव बरस’ कह कर नये साल की बधाई दी. पोइला वैशाख का बंगाल के लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं. यहां वैशाख के पूरे महीने को शुभ माना जाता है. लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं. सुबह जल्दी उठकर लोगों ने स्नान किये और नये कपड़े पहने. घरों में खास पकवान बनाये गये. लोगों ने वर्ष के पहले दिन परिवार की समृद्धि और भलाई के लिये पूजा-अर्चना की. इस दिन शहर के भिरंगी स्थित कालीमंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखी गई. काली बाड़ी के पुरोहित देबू भट्टाचार्य ने बताया कि पोइला वैशाख पर लोग जल्दी उठकर उगते हुये सूर्य को देखते हैं. मान्यता है कि ऐसा करना शुभ होता है. लोग गीत गाते हैं. बंगाली लोग इस दौरान पारंपारिक कपड़े में सजे-धजे नजर आते हैं. युवतियां नई साड़ी पहनती हैं. युवा कुर्ता पायजामा या धोती पहनते हैं. बंगाली समाज इस दौरान भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है. इस दौरान अच्छी बारिश के लिये बादलों की पूजा की जाती है. इस दिन लोग कोशिश करते हैं कि उनके ऊपर कोई कर्ज ना रहे. व्यापारी इस दिन नया बही खाता बनाते हैं, जिसे हालखाता के नाम से जाना जाता है. पूजा के बाद ही इसमें हिसाब लिखना शुरू होता है. पूजा के दौरान पंडित मंत्र पढ़ते हैं और हालखाता पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाते हैं. बंगाली लोगों के लिए नए साल का बड़ा ही महत्व है. खासतौर पर शादी-ब्याह के मद्देनजर वैशाख के इस पूरे महीने को शुभ माना जाता है. पोइला बैसाख के दिन बंगाली लोग अपने और अपने परिवार के बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते हैं. बंगाली लोग इस दिन से नये काम की शुरुआत करना शुभ मानते हैं. इन सबके अलावा भोज इस दिन का मुख्य आकर्षण होता है. इसमें मांस, मछली विभिन्न प्रकार के छेने की मिठाइयों की प्रधानता होती है. लोग एक दूसरे को घर पर भोजन के लिए बुलाते हैं. घर में छोटे बड़ों के पैर छूते हैं और घर के बाहर भी मिठाई लेकर बड़ों के पैर छुये जाते हैं. आज भी बंगाल में पोइला वैशाख उतने ही पारंपरिक रूप से मनाया जाता है जैसे कि पुराने समय में मनाया जाता था. यह त्योहार बंगाल की बृहद सांस्कृतिक एकता का नमूना है.
पुरूलिया में उल्लास के साथ नववर्ष का स्वागत
आद्रा. पुरूलिया में बांग्ला नववर्ष का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया गया. सुबह से ही जिले के सभी स्थानों में सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. व्यवसायियों ने नये बही-खाता तथा अपने आराध्य देवता की पूजा-अर्चना की. जिले के कई हिस्सों में नये वर्ष के स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये गये. जिले के कई स्थानों में स्वयंसेवी संस्थाओं ने राहगीरों के साथ-साथ वाहन चालकों, यात्रियों को शरबत पिलाया. परंपरा को िनभाते हुये जिले में कई जगहों पर फुटबॉल खेल शुरू किया गया. पूजा के साथ नये फुटबॉल को लेकर फुटबॉल खिलाड़ियों ने मैदान पर जमकर फुटबॉल खेला. जिले के सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने तरीके से नव वर्ष का स्वागत किया तथा कार्यकर्ताओं को नववर्ष की शुभकामानाएं दीं.
रानीगंज में निकाली शांति रैली
रानीगंज. सामाजिक संस्था ‘शरण्या’ ने पोइला वैशाख पर शांति रैली निकाली. इसमें रानीगंज के प्रबुद्ध नागरिक, समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया. रानीगंज के बंग भवन से निकाल नगर परिक्रमा करते हुये नेताजी स्टैच्यू के पास पहुंच नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गयी. संयोजक ज्योतिका बनर्जी ने बताया िक पिछले दिनों रानीगंज में जो कुछ भी हुआ, उससे शहर को काफी नुकसान हुआ है. भाईचारा पर प्रश्न चिन्ह लग गया है. समाजसेवी संजय बाजोरिया ने बताया कि संस्था की पहल पर रानीगंज में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने की कोशिश अत्यन्त ही सराहनीय कदम है. रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संदीप भालोटिया ने कहा िक रानीगंज का ऐतिहासिक महत्व है. शहर के लोग आपस में मिलजुल कर रहने में विश्वास रखते हैं. लेकिन पिछले दिनों जो भी घटनाएं हुईं काफी दुख पहुंचाया. ऐसे में रैली का बहुत ही अधिक महत्व है. रैली में प्रोफेसर डॉक्टर रामलाल बसु, आलोक बासु, पूर्व चेयरमैन गौतम घटक प्रमुख रूप से उपस्थित थे.
पोइला वैशाख पर बर्दवान में प्रभात फेरी
बर्दवान. बंगला नववर्ष उत्सव कमेटी ने पोइला वैशाख के उपलक्ष्य में टाउनहाल मैदान से कर्जन गेट तक प्रभात फेरी िनकाली. मौके पर काव्यावृति, संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया. बर्दवान के कई संगठनों, लघु समाचारपत्रों और जनसंगठनों ने मिलकर कार्यक्रम का आयोजन किया था. मौके पर समाजसेवी कन्हैयालाल विश्वास, श्यामाप्रसाद चौधरी, तनुश्री अचारिया, उदय घोषाल, उदय सिंह, संजय कर्मकार आदि उपस्थित थे. सुबह आठ से 10.30 बजे तक समारोह आयोजित हुआ.
पानागढ़ खेत्रपाल बाबा मंदिर में भक्तों की भीड़
पानागढ़. पूर्व बर्दवान जिले के पानागढ़ सेना छावनी स्थित बाबा खेत्रपाल मंदिर में भक्तों की भीड़ देखी गई. सुबह से ही भक्त पानागढ़ सेना छावनी स्थित खेत्रपाल बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना के लिये जाते देखे गये. इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ लगी रही.
महिलाओं ने पहनी लाल बार्डर की व्हाइट साड़ी, पुरुषों ने व्हाइट कुर्ता, पैजामा
पानागढ़. वीरभूम जिले के विश्वभारती शांतिनिकेतन में बांग्ला नववर्ष के मद्देनजर उपासना परिसर में विश्वभारती शांतिनिकेतन के छात्र-छात्राओं व शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया. इस दौरान विश्वभारती शांतिनिकेतन की उपाचार्य सबुजकली सेन भी उपस्थित थी. सुबह से ही विश्वभारती परिसर में जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये. पर्यटकों की भीड़ भी काफी देखी गई. बांग्ला नववर्ष के मद्देनजर जिले के तारापीठ मंदिर में भक्तों की भीड़ भी उमड़ पड़ी. सुबह से ही विशेष पूजा को लेकर तारापीठ मंदिर में भक्तों की भीड़ देखी गई. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. सुबह से ही भक्तों की लंबी लाइन लगी रही. तारापीठ में नववर्ष के मद्देनजर विशेष पूजा आयोिजत की गयी. जिले के ही कमलेश्वरी मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ सुबह से ही देखी गई.
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