आसनसोल में किया वादा भूल गये प्रधानमंत्री: मलय

Updated:
विज्ञापन

सिटी बस स्टैंड के सामने तृणमूल ने आयोजित की प्रतिरोध सभा केंद्रीय सरकार पर जम कर बरसे श्रम सह कानून मंत्री मलय घटक बाबूल बन गये मंत्री, युवकों न मिला रोजगार, न आया विदेश से काला धन आसनसोल : आसनसोल नॉर्थ ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस ने एफआरडीआई बिल के खिलाफ शनिवार को सिटी बस स्टैंड के […]

विज्ञापन

सिटी बस स्टैंड के सामने तृणमूल ने आयोजित की प्रतिरोध सभा

केंद्रीय सरकार पर जम कर बरसे श्रम सह कानून मंत्री मलय घटक
बाबूल बन गये मंत्री, युवकों न मिला रोजगार, न आया विदेश से काला धन
आसनसोल : आसनसोल नॉर्थ ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस ने एफआरडीआई बिल के खिलाफ शनिवार को सिटी बस स्टैंड के पास प्रतिरोध सभा आयोजित की. श्रम सह विधि व न्याय मंत्री मलय घटक, आसनसोल नॉार्थ ब्लॉक वन तृणमूल के अध्यक्ष पार्षद गुरूदास चटर्जी, एमएमआईसी (रोजगार व आदिवासी उन्नयन) श्याम सोरेन, एमएमआईसी (सेनटरी) लखन ठाकुर, बोरो चेयरमैन अनिमेश दास, पार्षद उमा सर्राफ, पार्षद स्वपन बनर्जी, पार्षद दीपक साव, पार्षद हाजी नसीम अंसारी, तृणमूल महिला जिला कार्यकारी अध्यक्ष रेखा सिंह, मनु घोष, मुनमुन मुखर्जी, पवन साव, कुर्बान अली आदि उपस्थित थे.
श्रम सह विधि व न्याय मंत्री श्री घटक ने कहा कि साढ़े तीन वर्ष पहले आसनसोल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रथम बार आये थे. उन्होंने कहा कि उनको आसनसोल से बाबूल सांसद के रूप में चाहिए. साथ ही कहा कि दो करोड युवाओ को रोजगार देंगे. सौ दिनो में विदेशो से कालाधन देश में वापस लायेगे. लेकिन साढे तीन साल में कोई रूपया वापस नही आया. उल्टे नोटबंदी की मार लोगो को ङोलनी पड़ी. जन योजना में नि:शुल्क खाता खोल दिया गया. जिसमें तीन हजार रूपये रखना अनिवार्य कर दिया गया. नोटबंदी से पूंजीपति वर्ग को फायदा हुआ. पांच सौ और एक हजार रूपये के प्रतिबंधित नोट 99 फीसदी बैंक में जमा हो गया.
जिसमें पूंजीपतियो का काला रूपया एक नंबर का हो गया. साथ ही जीएसटी लागू कर दिया गया. जिससे गरीब जनता को मंहगाई की मार ङोलनी पडी. खाने पीने के चीजो में भी जीएसटी लागू हो गया है. बैंक में सधारण जनता का रूपया रखा हुआ है. केन्द्र सरकार एक नये बिल पास करने जा रही है. इस एफआरडीआई बिल से पूंजी वर्ग के कर्ज की भरपाई साधारण जनता के बैक खातो के रूपये से भरपाई की जायेगी. बैको का छह लाख हजार करोड़ रूपये का कर्ज पूंजीपतियो के पास पड़ा है.
केन्द्र सरकार की नीतियो का मुख्य मंत्री ममता बनर्जी ने विरोध कि या है. डॉ विधान राय को बंगाल उपकार के नाम से जानता है. उन्हे 11 वर्ष में विकास कार्य किया था. तो ममता बनर्जी ने छह वर्ष में उनसे अधिक विकास कार्य कर दिखाया है. इसलिए ममजा बनर्जी को बंगाल का नव उपकार कहना चाहिए.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola