मरते दम तक खाली नहीं करेंगे रानीगंज को
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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रानीगंज : रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के सभागार में रानीगंज के पुनर्वासन को लेकर बैठक हुई. इसमें चेंबर, रानीगंज सिटीजन फोरम के सदस्यों के साथ ही तमाम व्यवसायी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. सभी ने एक सुर में कहा िक मरते दम तक रानीगंज शहर को खाली नहीं करेंगे. रानीगंज नगरपािलका के […]
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रानीगंज : रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के सभागार में रानीगंज के पुनर्वासन को लेकर बैठक हुई. इसमें चेंबर, रानीगंज सिटीजन फोरम के सदस्यों के साथ ही तमाम व्यवसायी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. सभी ने एक सुर में कहा िक मरते दम तक रानीगंज शहर को खाली नहीं करेंगे.
रानीगंज नगरपािलका के पूर्व चेयरमैन गौतम घटक ने कहा िक रानीगंज कोयला अंचल के भू धंसान प्रभावित इलाके को चिन्हित किया गया था और तत्कालीन सांसद हराधन राय ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित यािचका दायर की थी. उन्हें इसमें जीत भी िमली थी. रानीगंज के पुनर्वासन के िलये अड्डा को िजम्मेदारी दी गई थी.
डीजीएमएस को सहयोग करना था. इसमें आने वाले खर्च का वहन केंद्रीय सरकार करेगी. योजना शुरू हुई और बचाव कार्य के लिए कदम भी उठाया गया था लेकिन वास्तुस्थिति आज क्या है, इसकी कोई जानकारी नहीं है. अंचल को खाली कराने का जो षडयंत्र शुरू हुआ है, उसका िवरोध करना ही होगा.
सूत्रों के मुतािबक आज से दो दशक पहले ही झरिया कोलफील्ड की तरह रानीगंज कोलफील्ड क्षेत्र को भी खाली कराने की नोटिस जारी की गई थी. रानीगंज के पश्चिम का इलाका एवं कुमारबाजार इलाके को चिन्हित किया गया था.
कहां गया था की निजी मालिकों द्वारा अवैज्ञानिक तरीके से कोयले की खनन िकये जाने से यह पूरा क्षेत्र असुरिक्षत है और उसे खाली कराने की बात कही गई थी. लेकिन पूर्व सांसद हराधन राय की जनहित यािचका पर सुप्रीम कोर्ट ने राय दी थी िक क्षेत्र को खाली नहीं कराया जायेगा बल्कि बालू भरकर इसे सुरक्षित िकया जाये. लेकिन पिछले एक सप्ताह से रानीगंज अंचल में सर्वेक्षण की वजह से यहां के लोग एक बार पुन: आतंकित हो गये हैं. इस अवसर पर अभियंता पवन टंडन ने रानीगंज के अंडरग्राउंड भौगोलिक स्थिति की जानकारी दी. संस्था के सदस्य गोपाल आचार्य, दयाशंकर राय, विद्युत पांडेय आिद ने अपने विचार प्रस्तुत किये.
केंद्र सरकार एवं एनजीओ की टीम ने िकया सर्वे
रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव संदीप झुनझुनवाला ने बताया िक िपछले दिनों रानीगंज के मारवाड़ी पट्टी में केंद्र सरकार एवं एनजीओ के प्रतिनिधियों की टीम रानीगंज में सर्वे को आई थी. पता चला िक रानीगंज शहर को खाली कराने की योजना तैयार की जा रही है. चेंबर की चार सदस्यीय टीम ने अड्डा कार्यालय में जाकर जानकारी ली तो अड्डा के एइओ सुमन दास गुप्ता ने बताया कि आज नहीं तो कल रानीगंज को खाली करना ही पड़ेगा क्योंकि यह इलाका धंसान प्रभावित है.
केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण प्रॉपर्टी तथा ऊर्जा का संसाधन कोयला है. हालांिक उन्होंने कहा िक िफलहाल इसके िलये कोई लिखित सूचना नहीं दी गई है. सिटीजन फोरम के अध्यक्ष राम दुलाल बसु ने कहा कि पिछले एक दशक से रानीगंज को खाली कराने की बात बीच-बीच मे उठाई जा रही है. हमलोगों के िवरोध के पश्चात कुछ समय के लिये मामला ठंडे बस्ते में डाल िदया गया. लेिकन पुन: एक बार इलाके के सर्वे की बात कहकर लोगों को आतंकित किया जा रहा है.
रानीगंज को खाली कराने की हो रही सािजश
चेंबर ऑफ कॉमर्स के सलाहकार कन्हैया सिंह ने कहा कि हमें पूरी तरह से अंधकार में रखकर कोल इंडिया रानीगंज को खाली कराने का षडयंत्र रच रही है. इसे पूरा नहीं होने देंगे. प्रोफेसर आरएन दीिक्षत ने कहा िक अड्डा चेयरमैन तापस बनर्जी से बात की. उन्होंने कहा िक रानीगंज का सर्वे हो रहा है.
उन्हें यह जानकारी है लेकिन रानीगंज को खाली कराये जाने संबंधी जानकारी उनके पास नहीं पहुंची है. चेंबर ऑफ कॉमर्स से कार्यकारी अध्यक्ष आरपी खेतान ने कहा कि केंद्र सरकार व कोल इंडिया को क्या करना है. इसकी जानकारी सटीक रूप से लिखित तौर पर चेंबर को देनी हो होगी. वैसे भी लाखों लोग इस क्षेत्र में रहते हैं, बलपूर्वक कोई भी प्रयास किया गया तो उसे सफल नहीं होने िदया जायेगा.
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