बांग्लादेशी वृद्ध की मौत, अंतिम संस्कार बना मुसीबत
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 May 2017 6:52 AM
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मालदा. वैध पासपोर्ट-वीसा के जरिये एक वृद्ध अपनी पत्नी का इलाज कराने बांग्लादेश से मालदा पहुंचे, लेकिन हृदय रोग से अचानक उनकी मौत हो गयी. अब उनका अंतिम संस्कार परिवार और रिश्तेदारों के लिए मुसीबत बन गया है. उनका कहना है कि अगर शव को बांग्लादेश ले जाया जाये, तो कम से कम इसमें तीन […]
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मालदा. वैध पासपोर्ट-वीसा के जरिये एक वृद्ध अपनी पत्नी का इलाज कराने बांग्लादेश से मालदा पहुंचे, लेकिन हृदय रोग से अचानक उनकी मौत हो गयी. अब उनका अंतिम संस्कार परिवार और रिश्तेदारों के लिए मुसीबत बन गया है. उनका कहना है कि अगर शव को बांग्लादेश ले जाया जाये, तो कम से कम इसमें तीन दिन लगेगा. और यदि भारत में अंतिम संस्कार किया जाये, तो इमीग्रेश विभाग के जरिये हाइकमीशन को खबर देनी होगी. पासपोर्ट आदि की जांच के बाद ही काम हो सकेगा. इसमें कम से कम सात दिन लगेंगे. अब परिवार के लोगों की चिंता इतने दिनों तक शव को सुरक्षित रखने की है.
मृत बांग्लादेशी नागरिक का नाम भद्रकांत बरूई (72) है. उनका घर बोरिसाल जिले के अबैलघड़ा थाने के मोल्लापाड़ा इलाके में है. दो महीने पहले वह अपनी पत्नी चारुवाणी को लेकर मालदा के इंगलिशबाजार थाने के महदीपुर इलाके में एक रिश्तेदार के घर आये थे. तब से वह पत्नी के इलाज के लिए महदीपुर में ही थे. उन्होंने वैध वीसा-पासपोर्ट के जरिये वनगांव सीमांत से भारत में प्रवेश किया था.
मृतक के एक साले अनिल मंडल ने बताया कि भद्रकांत की मौत रविवार रात करीब सात बजे महदीपुर में हमारे घर में हुई. इसके बाद उन्हें मालदा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. सोमवार को उनका पोस्टमार्टम हुआ. उनके दो बेटे मृणालकांति और स्वपनकांति पिता की मृत्यु की खबर पाकर बांग्लादेश से रवाना हो चुके हैं.
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