ऑक्सीटाउन हत्याकांड के आरोपी निर्दोष साबित

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Mar 2017 8:13 AM

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कोलकाता : महानगर के चर्चित ऑक्सीटाउन हत्याकांड मामले में दोनों मुख्य आरोपियों को निर्दोष करार देते हुए रिहा करने का हाईकोर्ट ने निर्देश दिया. गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट के न्यायाधीश असीम कुमार राय व न्यायाधीश एमएम बनर्जी की डिवीजन बेंच ने पर्याप्त सबूताें के अभाव में दोनों आरोपी अभीक घोष व […]

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कोलकाता : महानगर के चर्चित ऑक्सीटाउन हत्याकांड मामले में दोनों मुख्य आरोपियों को निर्दोष करार देते हुए रिहा करने का हाईकोर्ट ने निर्देश दिया. गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट के न्यायाधीश असीम कुमार राय व न्यायाधीश एमएम बनर्जी की डिवीजन बेंच ने पर्याप्त सबूताें के अभाव में दोनों आरोपी अभीक घोष व सोमनाथ तांती को बेकसूर करार दिया. हालांकि इन्हें दोषी करार देते हुए निचली अदालत ने एक को फांसी व दूसरे आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी.

गौरतलब है कि ठाकुरपुकुर थाना क्षेत्र के ऑक्सीटाउन में गृहवधु मौसमी घोष तथा नौकरानी पारुल बाला की हत्या मामले में अलीपुर अदालत ने मौसमी के इंजीनियर पति अभीक घोष को फांसी तथा सोमनाथ तांती को उम्रकैद की सजा सुनायी थी. अलीपुर अदालत के सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ कांजीलाल ने दोनों को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया था.

जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर, 2010 को 1 ए ऑक्सीटाउन स्थित फ्लैट में मौसमी की नृशंस हत्या की गयी थी. हत्यारों की पहचान न हो इसलिए नौकरानी पारुल को भी मार डाला गया था. अपनी दूसरी पत्नी मौसमी की हत्या कराने के लिए अभीक ने पेशे से मिस्त्री सोमनाथ तांती को सुपारी दी थी. फैसला सुनाते वक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ कांजीलाल ने कहा था कि मौसमी की जब हत्या हुई थी तब उसके दो छोटे-छोटे बच्चे थे. उनमें से एक तीन माह का था. पिता होकर भी अभीक घोष ने पत्नी की हत्या करवाकर मासूम बच्चों को मातृ स्नेह से वंचित किया. उन्होंने इसे रेयर फॉर द रेयरेस्ट का मामला बताते हुए अभीक घोष को फांसी तथा सुपारी किलर सोमनाथ तांती को उम्रकैद की सजा सुनायी. सत्र न्यायाधीश ने कहा कि हत्या की साजिश अभीक ने रची थी. सोमनाथ ने रुपयों के लालच में उसे अंजाम दिया, इसलिए उसे उम्रकैद की सजा सुनायी जाती है लेकिन हाइकोर्ट में राज्य सरकार उसके खिलाफ आरोपों को साबित नहीं कर पायी.
क्या थी घटना
मौसमी और अभीक की शादी मई, 2006 में हुई थी. अभीक का यह दूसरा विवाह था. वह बिहार के मुंगेर में काम करता था. आरोप है कि अभीक मायके से रुपए लाने के लिए मौसमी पर हमेशा दबाव डालता था. वह ऑक्सीटाउन के अपने छोटे फ्लैट को बेचकर बड़ा फ्लैट खरीदना चाहता था. उस पर आरोप था कि इसे लेकर वह मौसमी पर अत्याचार करता था. उसने पत्नी की हत्या करवाने के लिए सोमनाथ को सुपारी दी थी. वारदात के दिन सोमनाथ अपने तीन सहयोगियों के साथ फ्लैट में पहुंचा. मौसमी के दरवाजा खोलते ही उसने उसके सिर पर जोर से वार किया. मृत्यु निश्चित करने के लिए मौसमी का गला रेत दिया गया. उस वक्त नौकरानी पारुल बाला फ्लैट में थी. पहचान लिए जाने के डर से हत्यारों ने उसकी भी हत्या कर दी. उस दिन अभीक मुंगेर में था. कड़ी पूछताछ के बाद अभीक ने पुलिस के सामने स्वीकार किया था कि उसने ही मौसमी की हत्या करवाई है.
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