बच्चा खराब होने के बाद भी किया गर्भवती का ढोंग
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Mar 2017 8:42 AM
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फरवरी में डिलिवरी की थी तारीख, दिसंबर में हो गया था गर्भपात लोगों को संदेह ना हो, इसके लिए गर्भवती बनी रही गर्भवती महिला व नवजात बच्चों पर रखती थी नजर कई सरकारी अस्पतालों का लगा रही थी चक्कर कोलकाता : मेडिकल कॉलेज अस्पताल से बच्चे को चुरा कर भागने के आरोप में गिरफ्तार चिन्मई […]
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फरवरी में डिलिवरी की थी तारीख, दिसंबर में हो गया था गर्भपात
लोगों को संदेह ना हो, इसके लिए गर्भवती बनी रही
गर्भवती महिला व नवजात बच्चों पर रखती थी नजर
कई सरकारी अस्पतालों का लगा रही थी चक्कर
कोलकाता : मेडिकल कॉलेज अस्पताल से बच्चे को चुरा कर भागने के आरोप में गिरफ्तार चिन्मई बेज नवजात बच्चे की खोज में महानगर के सरकारी अस्पतालों का चक्कर लगाया करती थी. प्राथमिक जांच में बऊबाजार थाने की पुलिस को पता चला कि चिन्मई भी गर्भवती थी. एक स्वास्थ केंद्र में उसका इलाज चल रहा था.
फरवरी में वह मां बननेवाली थी, लेकिन दिसंबर में उसका बच्चा खराब हो गया था. यह बात उसने सबसे छुपाये रखा. वह गर्भवती की तरह ही इलाके में रह रही थी. पेट में साड़ी के अंदर दुपट्टा या गमछा बांध कर वह गर्भवती की तरह इलाके में घूमती रहती थी. उसने मन ही मन यह तय किया था कि फरवरी के अंतिम सप्ताह से लेकर मार्च के प्रथम सप्ताह के बीच किसी भी सरकारी अस्पताल में जाकर वहां से नवजात बच्चा उठा कर घर ले जायेगी.
इसके कारण समय-समय पर वह महानगर के कई सरकारी अस्पताल के चक्कर भी लगा चुकी थी, लेकिन इसी बीच उसे पता चला कि उसके घर के पास सरस्वती नस्कर नामक एक महिला गर्भवती है. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में वह भरती है. इसके बाद से आया बन कर वह लगातार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जा रही थी. मंगलवार को मौका देखते ही वह वहां से देबराज नस्कर नामक चार दिन के शिशु को उठा कर अपने साथ घर ले आयी.
बेटा जन्म देने के कारण देवरानी की घर में ज्यादा थी पूछ
देवर व उसके परिवार को ज्यादा अहमियत मिलने से आरोपी महिला घर में रहती थी दुखी
कोलकाता : घर में देवरानी से ज्यादा महत्व पाने के लिए ही गिरफ्तार चिन्मई बेज ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल से चार दिन के देबराज नस्कर को चुराया था. बऊबाजार थाने की पुलिस के मुताबिक चिन्मई बेज की एक बेटी थी. इसके कारण उसे घर में महत्व नहीं मिलता था. उसकी देवरानी का एक बेटा व एक बेटी थी. इसके कारण उसकी सास छोटी बहू को ज्यादा प्यार करती थी.
घर में उसके देवर की अहमियत भी काफी ज्यादा थी. वहीं बेटा नहीं होने के कारण उसे व पेशे से ऑटो चालक उसके पति प्रशांत बेज का उसके घर में कोई महत्व नहीं था. घर में इन सब समस्याओं को देखते हुए आरोपी महिला ने किसी भी तरह से एक बेटा घर में लाने का फैसला लिया था.
गर्भवती चिन्मई का बच्चा खराब होने के बावजूद उसने बेटा लाने का फैसला नहीं बदला, उसने अस्पताल से किसी भी तरह से बच्चा चोरी कर उसे सास की गोद में रखने का फैसला लिया. इसके कारण ही जब वह चोरी के बच्चे को लेकर अपने ससुराल पहुंची तो उसे सबसे पहले अपनी सास के गोद में दे दी, जिससे उसकी सास खुश हो सके. पुलिस इन सब जानकारी के बाद चिन्मई के परिवारवालों से पूछताछ कर रही है.
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