यूपी के 1.5 लाख से अधिक युवाओं को मिलेगी निशुल्क फाइनेंशियल स्किल्स की ट्रेनिंग
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 13 Jun 2026 7:35 AM
निशुल्क फाइनेंशियल स्किल्स की ट्रेनिंग (Photo: AI)
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और एनएसई के बीच एमओयू हुआ. यूपीएसडीएमयू और डीडीयू-जीकेवाई के 1000 से अधिक केन्द्रों में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा लाभांवित होंगे. मिशन रोजगार के साथ-साथ युवाओं को ‘स्किल + फाइनेंशियल इंटेलीजेंस’ मॉडल पर आत्मनिर्भर बनाएगा.
प्रदेश के युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ना ही अब योगी सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि अपनी प्राथमिकताओं का दायरा बढ़ाते हुए युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, जागरूक और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार नागरिक बनाना भी प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री योगी के इसी विजन को धरातल पर उतारते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बीच शुक्रवार को एमओयू हुआ. मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर पहली बार कौशल प्रशिक्षण को वित्तीय शिक्षा से जोड़ा जा रहा है. इस साझेदारी के तहत यूपीएसडीएम तथा दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू जीकेवाई) के अंतर्गत प्रदेश भर में 1000 से अधिक ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 1.5 लाख से अधिक युवाओं को अगले हफ्ते से फाइनेंशियल स्किलिंग की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी.
मिलेगी फाइनेंशियल स्किलिंग की ट्रेनिंग
एमओयू से पहले मिशन मुख्यालय स्थित सभागार में फाइनेंशियल लिटरेसी एंड अवेयरनेस वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों को वित्तीय जागरूकता एवं आर्थिक निर्णय क्षमता का महत्व बताया गया. मिशन निदेशक भी वर्कशॉप में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं और वित्तीय अनिश्चितताओं के दौर में युवाओं को वित्तीय शिक्षा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है. इसी को ध्यान में रखते हुए हमने फाइनेंशियल स्किलिंग की ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया है.
एक्सपर्ट्स ने बताए वित्तीय सफलता के 12 मूल मंत्र
प्रेसेंटेशन के माध्यम से एनएसई के अधिकारियों ने फाइनेंशियल सक्सेस के 12 मूल मंत्र बताए. उन्होंने बताया पहले खुद के भविष्य के लिए बचत करें. इनकम से कम खर्च करें. आपातकालीन फंड तैयार रखें. हाई इंटरेस्ट पर ऋण लेने से बचें, रेगुलर इन्वेस्टमेंट करें। इन्वेस्टमेंट में विविधता रखें. रिस्क और रिटर्न की समझ रखें। टैक्स को देखते हुए निवेश करें. आवश्यक बीमा करवाएं. लॉन्ग टर्म एसेट्स लें और समय-समय पर इन्वेस्टमेंट की समीक्षा करें.
‘सारथी एप’ बनेगा युवाओं का डिजिटल वित्तीय मार्गदर्शक
वर्कशॉप में कर्मचारियों को सारथी एप (SaaRthi App) के बारे में भी विस्तार से बताया गया. यह इन्वेस्टमेंट एजुकेशन के लिए बनाया गया एक उपयोगी डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो उपयोगकर्ताओं को इन्वेस्टमेंट संबंधी शैक्षणिक वीडियो, वित्तीय योजना के टूल्स, कैलकुलेटर और फाइनेंशियल हेल्थ चेकअप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है.
कौशल के साथ आर्थिक समझ भी जरूरी
यह एमओयू प्रदेश के युवाओं के जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा. कौशल प्रशिक्षण के बाद रोजगार पाने वाले युवा अब केवल आय अर्जित नहीं करेंगे, बल्कि यह भी समझेंगे कि पहली सैलरी का सही उपयोग कैसे करें, बजट और बचत कैसे शुरू करें, इन्वेस्टमेंट कब और कहां करना चाहिए, अनावश्यक ऋण से कैसे बचना है, भविष्य की आर्थिक सुरक्षा कैसे तैयार करनी है. यह ट्रेनिंग युवाओं को घर खरीदने, व्यवसाय शुरू करने, परिवार की आर्थिक सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवानिवृत्ति जैसे जीवन के बड़े निर्णय लेने में भी सक्षम बनाएगी. साथ ही वित्तीय जागरूकता उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी निवेश योजनाओं और आर्थिक जोखिमों से सुरक्षित रहने में भी मदद करेगी. युवाओं को “स्किल + फाइनेंशियल इंटेलीजेंस” के माध्यम से रोजगार से आगे बढ़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाला एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा. वर्कशॉप में अपर मिशन निदेशक पूजा मिश्रा, जॉइंट डायरेक्टर मयंक गंगवार, वित्त नियंत्रक संदीप कुमार, असिस्टेंट डायरेक्टर एम के सिंह, असिस्टेंट डायरेक्टर पवित्रा टंडन व मिशन के अन्य कर्मचारी मौजूद रहें. वहीं, एनएसई से चीफ रेग्युलेटरी ऑफिसर अंकित शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट जोगिंदर सिंह और यूपी रीजन की सीनियर इंचार्ज श्रुति शर्मा भी वर्कशॉप में मौजूद रहीं.
आज रोजगार पाना जरूरी
कौशल विकास का वास्तविक उद्देश्य तब तक अधूरा है, जब तक हमारे युवा अपनी कमाई का सही उपयोग और मैनेजमेंट करना न सीखें. आज रोजगार पाना जरूरी है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है वित्तीय रूप से समझदार बनना. एनएसई के साथ यह साझेदारी युवाओं को स्किल + फाइनेंशियल इंटेलीजेंस के मॉडल पर तैयार करेगी, जिससे वे केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि आर्थिक रूप से सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे.
पुलकित खरे, मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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