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लॉक डाउन में मैखाना बंद, ताड़ीखाना हुये गुलजार, बलिया के नसीराबाद गांव में खुलेआम बिक रही ताड़ी

Updated at : 26 Apr 2020 12:54 PM (IST)
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लॉक डाउन में मैखाना बंद, ताड़ीखाना हुये गुलजार, बलिया के नसीराबाद गांव में खुलेआम बिक रही ताड़ी

लॉकडाउन के बीच शराब के शौकीन अब ताड़ी से काम चलाने लगे हैं. लाॅकडाउन के दौरान एक तरपफ जहां शराब की दुकानें बंद चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ताड़ीखाना गुलजार हो रहे हैं. फेफना थाना क्षेत्र के नसीराबाद गांव के बगीचे में इन दिनों धड़ल्ले से ताड़ी उतारने का काम जारी है. वहीं, दोपहर और शाम के समय महफिल भी लग रही है.

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बलिया. लॉकडाउन के बीच शराब के शौकीन अब ताड़ी से काम चलाने लगे हैं. लाॅकडाउन के दौरान एक तरपफ जहां शराब की दुकानें बंद चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ताड़ीखाना गुलजार हो रहे हैं. फेफना थाना क्षेत्र के नसीराबाद गांव के बगीचे में इन दिनों धड़ल्ले से ताड़ी उतारने का काम जारी है. वहीं, दोपहर और शाम के समय महफिल भी लग रही है. लोग चना के साथ लीटर के लीटर ताड़ी पी रहे हैं. एक तरफ जहां लॉकडाउन का उल्लंघन हो रहा है, वहीं सोशल डिस्टेंस की जमकर धज्जियां उड़ायी जा रही है. इसे लेकर स्थानीय पुलिस भी सवालों के घेरे में हैं. वैसे तो जनपद में ताड़ी के शौकीनों की कमी नहीं है, आम समय भी अप्रैल से जून तक जनपद के विभिन्न जगहों पर ताड़ीखाना सजता है. पासी ताड़ी उतारते हैं और लोग चखना लेकर शुरू भी हो जाते हैं, लेकिन सवाल फिलहाल लॉकडाउन का है.

सप्ताह में सातों दिन चलने वाले शराबखानों पर जहां ताला लग गया है, वहीं, ताड़ीखाना का इस तरह गुलजार होना जिला प्रशासन की कार्यशैली को सवालों के घेरे में लाता है. इन दिनों शहर से महज पांच किमी की दूरी पर नसीराबाद गांव में ताड़ी उतारा जा रहा है. वहीं बगीचे के बीच विशालकाय पेड़ की आड़ में झुग्गी डालकर महफिल भी सजायी जा रही है. नसीराबाद गांव का बगीचा सुर्खियों में वैसे आमदिनों की बात करें तो नसीराबाद का ताड़ीखाना जनपद में मशहूर है. यहां शौकीन लोग दूर-दूर से आते हैं. अप्रैल से जून तक यहां लोग बगीचे में बैठकर महफिल सजाते हैं फिर दो-तीन घंटे बाद मजे से ताड़ी पीकर नशे में धुत होकर घर जाते हैं. चूंकि बगीचे से सटे ही मलकपुरा, पांडेयपुरा गांव है, लिहाजा इस गांव में खासकर महिलाओं को कई बार छींटाकशी का शिकार होना पड़ता है.

इससे ग्रामीवासी त्रस्त है और पूर्व में कई बार ताड़ीखाने के खिलाफ आवाज भी बुलंद किए, लेकिन नतीजा सिफर रहा है. जब विवाद होता है पुलिस आकर खानापूर्ति कर नतीजन यहां हर साल ताड़ीखाना लगता है औरइन जगहों पर मिल रही ताड़ीनसीराबाद गांव को आप ताड़ी का हब कह सकते हैं, इसके अलावा शहर कोतवाली क्षेत्र के बहेरी गांव में रेलवे लाइन के उसपार, उमरगंज, रामपुर महावल, चंद्रशेखरनगर कालोनी के पीछे, परमांदापुर, जेपी नगर, फेफना थाना के मुलायम नगर, सागरपाली, मिड्ढा, अगरसंडा सुखपुरा थाना क्षेत्र के देवकली में भी खूब ताड़ी इन दिनों उताड़ी जा रही है, यहां ताड़ के पेड़ों के आसपास ही बेचने वाला खड़ा रह रहा है, जैसे ही पासी ताड़ी उतार रहा है लोग बोतलों में भरकर ले जा रहे हैं.

संबंधित थानाध्यक्षों पर होगी कार्रवाई

एसपी देवेंद्र नाथ ने कहा कि लॉकडाउन का उल्लंघन कर यदि कहीं ताड़ी बेची जा रही है, तो संबंधित थानाध्यक्ष इसके लिए जिम्मेदार है. ताड़ी बेचने वाले से लेकर पीने वाले तक को बख्शा नहीं जायेगा. थानाध्यक्षों के खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी.

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