Bhubaneswar News: मजदूरों की छंटनी पर लगे रोक, प्रभावित परिवारों को मिले मुआवजा : बीएमएस

Published by : BIPIN KUMAR YADAV Updated At : 27 May 2026 11:46 PM

विज्ञापन

Bhubaneswar News: बीएमस ने ओडिशा श्रम विभाग की निष्क्रियता को लेकर राज्य सरकार को घेरा है.

विज्ञापन

Bhubaneswar News: भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस), ओडिशा प्रदेश ने राज्य के श्रम विभाग पर मजदूरों की समस्याओं की अनदेखी और उद्योगपतियों के प्रति झुकाव का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है. ओडिशा विधानसभा के बाहर बीएमएस के आंदोलन के 10 दिन पूरे होने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं करने पर संगठन ने नाराजगी जतायी. प्रदेश अध्यक्ष बादल महाराणा ने कहा कि श्रम विभाग की चुप्पी और निष्क्रियता यह दर्शाती है कि वह मजदूरों की बजाय पूंजीपतियों और उद्योग प्रबंधन के हितों को प्राथमिकता दे रहा है. उन्होंने मांग की कि श्रम मंत्रालय नियमों के अनुसार तुरंत हस्तक्षेप कर द्विपक्षीय या त्रिपक्षीय वार्ता शुरू करे, पर अब तक ऐसा नहीं हुआ.

श्रम विभाग अपनी जिम्मेदारियों से बच रहा

महाराणा ने कहा कि वार्ता सफल हो या असफल, यह बाद का विषय है, लेकिन बातचीत की पहल तक न करना यह साबित करता है कि श्रम विभाग अपनी जिम्मेदारियों से बच रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य सरकार के रवैये से देशभर के मजदूरों में आक्रोश बढ़ रहा है और ओडिशा आंदोलन के समर्थन में विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं. बीएमएस ने बालेश्वर के मजदूर तन्मय सेन की आत्महत्या पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे व्यापक छंटनी और आर्थिक संकट का परिणाम बताया. संगठन ने कहा कि लगातार हो रही छंटनी के कारण अनेक श्रमिक परिवार गंभीर आर्थिक और मानसिक दबाव में हैं और तन्मय सेन को ‘मजदूर अधिकार आंदोलन का शहीद’ घोषित किया. महासंघ ने कहा कि एक मजदूर की जान जाने के बावजूद सरकार और श्रम विभाग संवेदनहीन बने हुए हैं, जिसे उन्होंने निंदनीय और गैर-जिम्मेदाराना बताया. बादल महाराणा ने राज्य की नौकरशाही पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कई विभागों में पुरानी बीजद सरकार की मानसिकता हावी है, जिससे पारदर्शिता और कार्य गति प्रभावित हो रही है और सरकार की छवि धूमिल हो रही है. उन्होंने कहा कि अड़ियल नौकरशाह संवाद प्रक्रिया को कमजोर कर रहे हैं.

तुरंत सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो उग्र आंदोलन

बीएमएस ने सरकार से तत्काल द्विपक्षीय/त्रिपक्षीय वार्ता बुलाने, व्यापक छंटनी पर रोक लगाने, प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने, तन्मय सेन के परिवार को उचित मुआवजा और एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी है. संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार तुरंत सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तो आंदोलन और अधिक व्यापक तथा उग्र किया जायेगा और इसके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार व श्रम विभाग की होगी.

विज्ञापन
BIPIN KUMAR YADAV

लेखक के बारे में

By BIPIN KUMAR YADAV

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola