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Swachh Survekshan 2020: इंदौर ही क्यों है देश का सबसे स्वच्छ शहर, लॉकडाउन के बावजूद कैसे होती रही साफ-सफाई?

Updated at : 20 Aug 2020 2:42 PM (IST)
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Swachh Survekshan 2020: इंदौर ही क्यों है देश का सबसे स्वच्छ शहर, लॉकडाउन के बावजूद कैसे होती रही साफ-सफाई?

Swachh Survekshan 2020, Indore: स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के परिणाम का ऐलान गुरुवार को हो गया. 100 से कम शहरों वाले राज्य में झारखंड नंबर वन बना तो वहीं देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा मध्य प्रदेश के इंदौर शहर को मिला. गुजरात का सूरत शहर दूसरे और महाराष्ट्र का नवी मुंबई को तीसरा स्वच्छ शहर है. यह लगातार चौथी बार (2017,18,19) है जब इंदौर को देश के सबसे स्चच्छ शहर का खिताब मिला है

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Swachh Survekshan 2020, Indore: स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के परिणाम का ऐलान गुरुवार को हो गया. 100 से कम शहरों वाले राज्य में झारखंड नंबर वन बना तो वहीं देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा मध्य प्रदेश के इंदौर शहर को मिला. गुजरात का सूरत शहर दूसरे और महाराष्ट्र का नवी मुंबई को तीसरा स्वच्छ शहर है. यह लगातार चौथी बार (2017,18,19) है जब इंदौर को देश के सबसे स्चच्छ शहर का खिताब मिला है

बता दें कि मोदी सरकार हर वर्ष सवच्छ शहर सर्वेक्षण परिणामों की घोषणा करती है. मध्य प्रदेश का इंदौर शहर 2017,2018 और 2019 में देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक, इस वर्ष स्वच्छता के लिए नगर निगम के अधिकारियों और सफाईमित्रों ने कोरोना लॉकडाउन की भी परवाह नहीं की. मार्च में लॉकडाउन लागू होने से जून में अनलॉक-1 तक इंदौर शहर में लगातार सड़कों की सफाई हुई, रात में प्रमुख सड़कें रोज धुलीं, घर-घर से रोज कचरा लिया जाता रहा.

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वो कारण जिससे इंदौर बना नंबर वन

  • इंदौर ने कचरा प्रबंधन शुल्क के 40 करोड़ वसूले. यह वह मुकाम था जिसे कोई दूसरा शहर छू भी नहीं सका. यहां तक बीते वर्ष नंबर दो रहे भोपाल में भी कचरा प्रबंधन शुल्क 15 करोड़ से ज्यादा नहीं बताया गया.

  • इंदौर के लोगों ने स्वच्छता को न सिर्फ सराहा, बल्कि उनके जवाबों के कारण इंदौर फिर नंबर एक बन सका. इसका मतलब यह कि जो शहर दावा कर रहा है उसकी सच्चाई लोग ही बताएंगे. दूसरे शहरों ने तो खुद को बहुत ही अच्छा और साफ बताया, लेकिन लोगों ने निगेटिव फीडबैक दिया.

  • लोगों ने सिंगल यूज प्लास्टिक बैन किया. डिस्पोजल के स्थान पर बर्तन बैंक और थैलियों के विकल्प में झोला बैंक शुरू किया.

  • शहर की 16 हजार इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया गया

  • घरों से निकलने वाले गीले कचरे को घरों में ही खाद में बदलकर 10 से ज्यादा कॉलोनियों को जीरो वेस्ट कॉलोनी बनाया गया

  • ट्रेंचिंग ग्राउंड में 15 लाख टन पुराना कचरा हटाकर 60 हजार से ज्यादा पौधे लगाकर सिटी फॉरेस्ट बनाया गया


सीएम शिवराज ने दी इंदौर को बधाई

इंदौर की इस उपलब्धि पर एमपी सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आज मध्यप्रदेश के लिए गर्व और प्रसन्नता का क्षण है. स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में देश के सबसे स्वच्छ शहर में प्रथम स्थान के सम्मान के लिए इंदौरवासियों, अधिकारियों और स्वच्छता योद्धाओं को बधाई. बता दें कि सीएम शिवराज सिंह चौहान मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठकर इस कार्यक्रम को देख रहे थे.

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंदौर के लोगों का शुक्रिया किया. केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इंदौर लगातार चौथे साल भारत का सबसे स्वच्छ शहर है. इंदौर और उसके लोगों ने स्वच्छता के प्रति अनुकरणीय समर्पण दिखाया है. इस शानदार प्रदर्शन के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान, शहर के लोगों, राजनीतिक नेतृत्व और नगर निगम को बधाई.

Posted By: Utpal kant

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