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आदिवासी समाज ने बाल विवाह रोका

Updated at : 29 Apr 2024 10:58 PM (IST)
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आदिवासी समाज ने बाल विवाह रोका

प्रखंड की लागुरा गांव की नाबालिग का विवाह डोमरा गांव के लेंगा पूर्ति के साथ हो रहा था. मुखिया ने रोका.

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बंदगांव.

प्रखंड की लागुरा गांव की नाबालिग का विवाह डोमरा गांव के लेंगा पूर्ति के साथ हो रहा था. इसकी जानकारी मिलने पर कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष जादोराय मुंडरी एवं मुखिया रजनी पुष्पा हेंब्रम, लच्छुराम मुंडरी समेत आदिवासी समाज के लोग डोमरा गांव पहुंचे. यहां विवाह कार्यक्रम को रोक दिया. मौके पर जादोराय मुंडरी ने कहा कि जब तक लड़की की उम्र 18 वर्ष नहीं हो जाती, तब तक विवाह न करें. उन्होंने कहा नाबालिग का विवाह कानूनी अपराध है. विवाह कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. इस मौके पर उन्होंने ग्रामीणों को बाल विवाह के प्रति जागरूक किया. इस मौके पर सिकंदर मुंडरी, गोपाल मुंडरी, अल्बर्ट मुंडरी, मोनिका मुंडरी समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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