तमिलनाडु में 6000-6000 देकर छूटीं नोवामुंडी की 7 नाबालिग बच्चियां, परिजनों को बताईं दास्तान

Updated:
विज्ञापन

महुदी पंचायत के बंगला डीपा गांव में परिवार के लोगों से बात करतीं पीएलबी प्रमिला पात्रा. फोटो: प्रभात खबर

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Human Trafficking: पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी से सात नाबालिग बच्चियों को काम दिलाने के बहाने तमिलनाडु ले जाया गया, जहां उनसे जबरन काम कराया गया और मारपीट की गई. बच्चियों ने 6000 रुपये देकर वहां से छुटकारा पाया. मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

Human Trafficking: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड से मानव तस्करी और नाबालिग बच्चियों के शोषण का एक गंभीर मामला सामने आया है. महुदी पंचायत के बंगला डीपा गांव की सात नाबालिग बच्चियों को काम दिलाने के नाम पर बहला-फुसलाकर तमिलनाडु ले जाया गया. वहां उनसे जबरन काम कराया गया और अमानवीय व्यवहार किया गया. पीड़ित बच्चियों ने घर लौटने के बाद अपने परिजनों को बताया कि वहां उन्हें प्रताड़ना सहनी पड़ी और आजादी पाने के लिए 6000 रुपये तक देने पड़े.

विज्ञापन

विधायक से लगाई गुहार

इस घटना की जानकारी सबसे पहले बच्चियों के माता-पिता ने क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकू को दी. उन्होंने पूरे मामले में मदद की गुहार लगाई. मामले को लेकर जब स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हुई, तो इसे लेकर प्रभात खबर में खबर प्रकाशित हुई. खबर सामने आने के बाद प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया और जांच की प्रक्रिया शुरू की गई.

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लिया संज्ञान

मामले की गंभीरता को देखते हुए चाईबासा स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रधान न्यायाधीश और सचिव के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई की गई. इसके तहत पैरालीगल वॉलंटियर (पीएलवी) प्रमिला पात्रा को नोवामुंडी प्रखंड के महुदी पंचायत के बंगला डीपा गांव भेजा गया. गांव पहुंचकर उन्होंने बच्चियों के अभिभावकों से मुलाकात की और पूरी घटना की जानकारी ली. अभिभावकों ने बताया कि अगस्त महीने के आसपास जगन्नाथपुर के रहने वाले सनिवारी सिंकू नामक व्यक्ति ने काम दिलाने का झांसा देकर सातों बच्चियों को तमिलनाडु ले गया था.

वहां कराया गया जबरन काम और मारपीट

परिजनों के अनुसार बच्चियों को वहां ले जाने के बाद उनसे काम के नाम पर कठोर श्रम कराया गया. जब उन्होंने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट भी की गई. इस दौरान बच्चियां काफी परेशान हो गईं और किसी तरह अपने परिजनों से संपर्क कर मदद मांगी. उन्होंने फोन कर अपने घरवालों से जल्द से जल्द उन्हें वहां से छुड़ाने की गुहार लगाई.

6000 रुपये देने के बाद मिली आजादी

पीएलवी प्रमिला पात्रा ने भी बच्चियों से फोन के माध्यम से संपर्क किया और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली. बच्चियों ने बताया कि वे किसी तरह वहां से निकलने में सफल हुई हैं और फिलहाल ट्रेन से अपने घर लौट रही हैं. उन्होंने बताया कि वहां से निकलने के लिए उन्हें 6000 रुपये जमा करने पड़े. इसके बाद ही, उन्हें जाने की अनुमति दी गई. फिलहाल सातों बच्चियां ट्रेन से अपने गांव लौट रही हैं, हालांकि नेटवर्क की समस्या के कारण उनसे पूरी तरह संपर्क नहीं हो पा रहा है.

मानव तस्करी के नेटवर्क पर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर क्षेत्र में मानव तस्करी और नाबालिगों के शोषण की गंभीर समस्या को उजागर करती है. मजदूरी और रोजगार के नाम पर गरीब परिवारों की बच्चियों को दूसरे राज्यों में ले जाने का सिलसिला लंबे समय से जारी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में कई बार बिचौलियों का नेटवर्क सक्रिय रहता है, जो गांव के भोले-भाले परिवारों को झांसा देकर उनके बच्चों को दूसरे राज्यों में ले जाते हैं.

इसे भी पढ़ें: सड़क दुर्घटना में पीड़ित परिवार को जल्द कैसे मिलेगा मुआवजा? लोहरदगा में वर्कशॉप का आयोजन

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में भी इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि मानव तस्करी से जुड़े गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं. साथ ही ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस तरह के झांसे से बचाने की कोशिश की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी नाबालिग को इस तरह की पीड़ा का सामना न करना पड़े.

इसे भी पढ़ें: गुमला में बच्चा चोरी की अफवाह पर बवाल, दो ग्रामीणों की पिटाई, पुलिस बचाई जान

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola