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गुड़गांव नदी में पानी कम, 12 दिनों से जलापूर्ति ठप

Updated at : 02 May 2024 11:48 PM (IST)
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गुड़गांव नदी में पानी कम, 12 दिनों से जलापूर्ति ठप

गुड़गांव नदी में पानी कम होने से मझगांव प्रखंड में 12 दिनों से जलापूर्ति ठप है. इससे गर्मी में पानी के लिए दर-दर 2300 परिवार भटकने को मजबूर हैं. हर साल पानी की समस्या होने पर ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए चुनाव में सबक सिखाने का निर्णय लिया है.

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मझगांव.

पश्चिमी सिंहभूम जिले में करोड़ों रुपये से बनी मझगांव प्रखंड ग्रामीण जलापूर्ति योजना 12 दिनों से बंद पड़ी है. इससे 2300 परिवारों को पानी नहीं मिल पा रहा है. नतीजतन पानी के लिए परिवार प्रचंड गर्मी में दर-दर भटकने को हुए विवश हो रहे हैं.जानकारी के अनुसार, मझगांव प्रखंड के गुड़गांव नदी से ग्रामीण जलापूर्ति योजना लगभग 04 वर्षों से संचालित हो रही है. क्षेत्र के लोगों का दुर्भाग्य है कि चार साल बीतने के बाद भी नदी में पानी जमाव को डैम का निर्माण नहीं किया जा सका है. इससे जैसे ही गर्मी दस्तक देती है, तो क्षेत्र के 2300 परिवारों को पानी मिलना बंद हो जाता है. मझगांव प्रखंड ग्रामीण जलापूर्ति योजना से बलियापोसी, पडसा व मझगांव पंचायतों के दर्जनों गांव में पानी की सप्लाई होती है. हर साल गर्मी में नदी का पानी पूरी तरह सूख जाता है. कई बार पीएचडी विभाग में इसकी शिकायत की गयी और ग्रामीणों की मांग रही है कि गुड़गांव नदी में जहां से पानी सप्लाई की जाती है, वहां पर पानी स्टोर के लिए डैम का निर्माण या फिर कुआं बनाकर पानी जमा की जाए, लेकिन 4 वर्ष बीतने के बाद भी विभाग की ओर से कोई पहल नहीं की जाती है.

पांच किमी दूर से कई टोला लोग ला रहे पानी:

इधर, दर्जनों गांव के अधिकतर नलकूप बेकार पड़े हैं. जिस पर भी कोई पहल नहीं की जा रही है. वहीं, ग्रामीण जलापूर्ति योजना का पानी मझगांव गांव के सैकड़ों परिवारों को पूर्व से ही नहीं मिलता आ रहा है, क्योंकि गांव के कई टोले ऊंचाई पर स्थित है, जिसके लिए वहां शुरू से ही पानी नहीं पहुंचता है, लेकिन उसके लिए अब तक कोई प्रावधान नहीं किया गया. गांव के ग्रामीण चिलचिलाती गर्मी में 5 किलोमीटर दूर सोनापोस तालाब और सरगरिया नदी पर निर्भर हैं और पीने का पानी के लिए देर रात से लाइन में लगकर पानी ले जा रहे हैं. लोगों का कहना है कि अब लोकसभा चुनाव में इसका परिणाम देखने को मिलेगा.

क्या कहते हैं लोग

नदी में डैम निर्माण को कई बार विभाग से कहा गया है. विभाग की लापरवाही के कारण क्षेत्र के 2300 ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है. हर संभव प्रयास कर लोगों को पानी दिलाने का कार्य की जाएगी.

लंकेश्वर तामसोय, जिप सदस्य

पिछले दो वर्षों से क्षेत्र के ग्रामीणों की मांग है कि नदी में डैम का निर्माण किया जाये, लेकिन विभाग की लापरवाही से 2300 परिवारों को पानी नहीं मिल पा रहा है. विभाग तत्काल किसी भी स्तर से पानी दे.

सरस्वती चातार, प्रखंड प्रमुख

जब से ग्रामीण जलापूर्ति योजना शुरू हुई हमारे टोला में पानी ही नहीं पहुंचा है. रात में जाग कर दूसरी जगह से पानी लाकर काम चलाना पड़ रहा है.

रिजवान उल हक, ग्रामीण

लगभग 12 दिन से पानी मिलना बंद हो गया है. काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और विभाग जल्द से जल्द पानी दिलाने का कार्य करें.

सागर पूर्ति, ग्रामीण

लगभग 12 दिनों से पानी बंद है, हम लोग दूसरे गांव से पानी लाकर जीवन यापन कर रहे हैं. अगर यही हाल रहा तो लोस चुनाव में इसका विरोध करेंगे.

मंगलसिंह पिंगुवा, पडसा

नदी में पानी सूखने के कारण सप्लाई बंद है, विभाग को इसकी सूचना दे दी गयी है. विभाग के पदाधिकारी कुछ दिन पूर्व भी आकर इसका निरीक्षण कर चुके हैं.

नरेश कुमार, सुपरवाइजर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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