नालंदा में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजनाएं एक साल से बंद पड़ी हैं, हजारों छात्रों की पढ़ाई पर संकट

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Nalanda News : नालंदा जिले में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की तीन प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाएं पिछले एक वर्ष से बंद पड़ी हैं. प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक और मेरिट-कम-मीन्स (एमसीएम) छात्रवृत्ति योजना ठप होने से आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है. हजारों छात्र इन योजनाओं की सहायता राशि पर निर्भर थे

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Nalanda News : (कंचन कुमार) नालंदा जिले में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की तीन प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाएं पिछले एक वर्ष से बंद पड़ी हैं. प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक और मेरिट-कम-मीन्स (एमसीएम) छात्रवृत्ति योजना ठप होने से आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है. हजारों छात्र इन योजनाओं की सहायता राशि पर निर्भर थे, लेकिन अब उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है.

दिशा बैठक में हुआ बड़ा खुलासा

छात्रवृत्ति योजनाओं के बंद रहने का मामला हाल ही में सांसद कौशलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी) बैठक में सामने आया. बैठक में अधिकारियों ने स्वीकार किया कि फिलहाल इन योजनाओं का संचालन नहीं हो रहा है. इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक सूचना या स्पष्ट अपडेट जारी नहीं किया गया है.

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प्री-मैट्रिक से एमसीएम तक सभी योजनाएं प्रभावित

अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजनाएं वर्षों से गरीब और मेधावी छात्रों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती रही हैं. इन योजनाओं के बंद होने से स्कूल, कॉलेज और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. कई अभिभावकों ने कहा कि छात्रवृत्ति नहीं मिलने से बच्चों की पढ़ाई जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है.

फीस और किताबों का खर्च उठाना हुआ कठिन

छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि फीस, किताब और अन्य शैक्षणिक खर्च अब भारी पड़ने लगे हैं. कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंता में हैं. लगातार देरी और प्रशासनिक चुप्पी से लाभुकों में असमंजस और नाराजगी बढ़ती जा रही है.

सरकार से योजनाएं जल्द शुरू करने की मांग

छात्रों और अभिभावकों ने सरकार से जल्द छात्रवृत्ति योजनाएं दोबारा शुरू करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो कई छात्रों की पढ़ाई बीच में ही प्रभावित हो सकती है. लोगों ने प्रशासन से इस मामले में स्पष्ट जानकारी और त्वरित कार्रवाई की मांग की है.

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