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गोविंदपुर : जुगाड़ तकनीक से गोविंदपुर ईडब्ल्यूएस फ्लैटवासी को मिल रहा है पानी

Updated at : 13 Jun 2024 8:56 PM (IST)
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जुगाड़ तकनीक से गोविंदपुर डब्ल्यूएस फ्लैट वासी को मिल रहा है पानी

जुगाड़ तकनीक से गोविंदपुर डब्ल्यूएस फ्लैट वासी को मिल रहा है पानी

गोविंदपुर के ईडब्ल्यूएस फ्लैट के प्रथम तल पर रहने वाले लोगों के लिए पानी सप्लाई (Water Supply) की कोई व्यवस्था नहीं है. ऐसे में ईडब्ल्यूएस फ्लैट में रहने वाले लोग जुगाड़ तकनीक से अपने अपने घरों में पानी की आपूर्ति करवाते है.

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Water Supply News/Jamshedpur.अगर आप गोविंदपुर जनता फ्लैट(Govindpur janta flat) से होते हुए ईडब्ल्यूएस फ्लैट की ओर जाते है तो आपको एक फ्लैट से दूसरे फ्लैट के बीच में पानी के पाइप का गुच्छा देखने को मिलेगा. इन पाइपों को यू ही नहीं लगाया गया,ब्लकि इन पाइपों के भरोसे कई फ्लैटों में पानी की सप्लाई की जा रही है. जी हां गोविंदपुर के ईडब्ल्यूएस फ्लैट के प्रथम तल पर रहने वाले लोगों के लिए पानी सप्लाई (Water Supply) की कोई व्यवस्था नहीं है. ऐसे में ईडब्ल्यूएस फ्लैट में रहने वाले लोग जुगाड़ तकनीक से अपने अपने घरों में पानी की आपूर्ति करवाते है. जिससे वह अपनी रोज का काम कर पाते है. बताया जाता है कि गोविंदपुर ईडब्ल्यूएस फ्लैट के निचले तल पर रहने वाले लोग अपने अपने घरों में पानी के लिए बोरिंग करवा लिये है. इससे उनके घरों में पानी आसानी से आता है. लेकिन उपर तल पर रहने वाले लोगों के लिए बोरिंग कराने की कोई जगह नहीं है. इस कारण से उन लोगों को पानी की दिक्कत हो रही है. बताया जाता है कि डब्ल्यूएस फ्लैट के क्षेत्र में 216 फ्लैट है.
पड़ोस में हुई बाेरिंग से लेते है पानी :
गोविंदपुर ईडब्ल्यूएस फ्लैट(Govindpur ews flats) में रहने वाले लोगों ने बताया कि प्रारंभ में पीने का पानी के लिए चापाकल लगा हुआ था. जिससे पानी आसानी से मिल जाता था. वर्तमान में पानी की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण जिन घरों में पानी के लिए बोरिंग किया गया है, उन घरों से पानी लिया जाता है. बोरिंग के नल में पाइल लगा कर पानी को उपर- उपर पानी की टंकी में पहुंचाया जाता है. जिसके बाद वे लोग अपना काम कर पाते है. मोटर से पानी भरने के बदले में उपरी तल पर रहने वाले लोग मोटर की देख रेख के नाम पर रुपये देकर सहयोग भी करते है.

गर्मी नहीं, सालों भर ऐसे ही भरते है पानी :
गोविंदपुर ईडब्ल्यूएस फ्लैट के लोगों ने बताया कि टंकी में पानी भरने की यह व्यवस्था सिर्फ गर्मी में नहीं बल्कि सालों भर ऐसे ही चलता है. गर्मी में पानी की खपत के अनुसार ही पानी टंकी में भरा जाता है. कई बार तेज आंधी आने पर पाइप क्षतिग्रस्त भी होता है. या पाइप पुराना होने पर उसे बदलना भी पड़ता है. ऐसा नहीं करने पर सप्लाई के दौरान पानी का फव्वारा निकलने लगता है. जिससे पानी की बर्बादी के साथ लोगों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है.
जलापूर्ति योजना(water supply scheme) पहुंची, लेकिन टंकी पर नहीं चढ़ता पानी :
झारखंड सरकार की जलापूर्ति योजना गोविंदपुर क्षेत्र और गोविंदपुर ईडब्ल्यूएस फ्लैट के पास शुरू कर दी गयी है. पाइप लाइन का काम पूरा होने के बाद क्षेत्र में जलापूर्ति भी की जा रही है. लेकिन पानी का प्रेशर कम होने के कारण पानी पहले तल तक नहीं पहुंच पाती है. ऐसे में पहले तल पर रहने वाले लोगों को बाल्टी से पानी भर कर उपर ले जाना पड़ता है. कई जगहों पर पानी भरने के लिए नीचे ही बड़ी टंकी रखी गयी है. सप्लाई का पानी टंकी में भरने के बाद उस पानी को मोटर से उपर लगी टंकी में भरने का काम किया जाता है.

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Nikhil Sinha

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By Nikhil Sinha

Nikhil Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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