रामगढ़: छह साल बाद भी शुरू नहीं हो सका ट्रॉमा सेंटर, मरीजों को नहीं मिल रही सुविधा 

Published by : Sweta Vaidya Updated At : 26 May 2026 9:00 AM

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ट्रॉमा सेंटर का भवन

Ramgarh News: झारखंड के रामगढ़ जिले में बना ट्रॉमा सेंटर छह साल बाद भी पूरी तरह चालू नहीं हो सका है. चुटुपालू घाटी स्थित सैनी होटल के पास ट्रॉमा सेंटर का निर्माण किया गया था. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें. 

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रामगढ़ से राजीव कुमार की रिपोर्ट 

Ramgarh News: चुटुपालू घाटी फोरलेन बनने के बाद घाटी क्षेत्र में लगातार सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ने लगी थी. इसके बाद रामगढ़ की जनता ने ट्रॉमा सेंटर निर्माण की मांग प्रशासन, सांसद और विधायकों के सामने उठाई थी. मांग को लेकर कई बार आंदोलन भी हुए. करोड़ों रुपये की लागत से ट्रॉमा सेंटर का निर्माण हुआ और वर्ष 2019 में इसका उद्घाटन भी कर दिया गया, लेकिन छह साल बाद भी ट्रॉमा सेंटर पूरी तरह शुरू नहीं हो सका है. वर्तमान में यह सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रहा है. 

उद्घाटन के बाद भी नहीं मिली सुविधा 

चुटुपालू घाटी स्थित सैनी होटल के पास ट्रॉमा सेंटर का निर्माण किया गया था. निर्माण के बाद वर्ष 2019 में इसका उद्घाटन किया गया. लंबे समय तक भवन बंद पड़ा रहा. कोरोना काल में यहां कोविड मरीजों के लिए अस्थायी व्यवस्था की गई थी. वर्ष 2021 में गूगल पथ एंड गिव इंडिया की ओर से ट्रॉमा सेंटर में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था, जिसका उद्घाटन जनवरी 2022 में तत्कालीन सांसद जयंत सिन्हा, विधायक जयप्रकाश भाई पटेल, ममता देवी और अंबा प्रसाद द्वारा किया गया था. बावजूद इसके मरीजों को अब तक इसका फायदा नहीं मिल सका है. 

ट्रॉमा सेंटर भवन में चल रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 

वर्तमान में सदर प्रखंड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ट्रॉमा सेंटर भवन से संचालित किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार रामगढ़ एसडीओ कार्यालय के पास नए भवन का निर्माण कार्य पिछले लगभग एक वर्ष से चल रहा है. भवन तैयार नहीं होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं अस्थायी रूप से ट्रॉमा सेंटर भवन से संचालित की जा रही हैं. चिकित्सकों ने बताया कि नया भवन तैयार होने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा. 

घायलों को इलाज के लिए जाना पड़ता है दूर 

चुटुपालू घाटी में आए दिन छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं. ट्रॉमा सेंटर चालू नहीं रहने के कारण घायलों को 12 से 15 किलोमीटर दूर सदर अस्पताल अथवा निजी अस्पतालों में ले जाना पड़ता है. स्थानीय निवासी और अधिवक्ता द्वारिका प्रसाद ने कहा कि समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण कई बार घायल मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है. वहीं अधिवक्ता विधानचंद सिंह ने कहा कि लोगों की जान बचाने और दुर्घटना में घायल मरीजों को तुरंत इलाज कराने के लिए ट्रॉमा सेंटर को तत्काल चालू किया जाना चाहिए. 

सुविधाएं बहाल करने की प्रक्रिया जारी : सिविल सर्जन 

सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार ने बताया कि हाल ही में उन्होंने ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण किया है. ऑपरेशन थियेटर सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को बहाल करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि ट्रॉमा सेंटर को जल्द से जल्द सुचारू रूप से शुरू करने के लिए कोशिश किए जा रहे हैं.

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लेखक के बारे में

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श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

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