आरा में दाखिल-खारिज और परिमार्जन कार्य ठप, अनियमितता का आरोप; लोगों की बढ़ रही परेशानी
Published by : Ragini Sharma Updated At : 26 May 2026 10:13 AM
सांकेतिक तस्वीर
Arrah News: आरा में दाखिल-खारिज और परिमार्जन मामलों के निष्पादन में देरी और कथित अनियमितताओं को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मियों पर मनमानी और बिना लेन-देन काम न करने के आरोप लग रहे हैं.
Arrah News:(नरेन्द्र प्रसाद सिंह) भोजपुर जिले के आरा में दाखिल-खारिज और परिमार्जन से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताओं और देरी का मामला सामने आया है. आरोप है कि अंचल कार्यालयों में पदस्थ अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी मनमानी तरीके से कार्य कर रहे हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति यह है कि लोगों के अनुसार बिना कथित ‘लेन-देन’ के काम नहीं किया जा रहा है. इससे आवेदक लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उनके मामलों का निष्पादन समय पर नहीं हो पा रहा है.
कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे दाखिल-खारिज और परिमार्जन जैसे जरूरी कार्यों के लिए बार-बार अंचल कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं. इसके बावजूद उनके आवेदन लंबित पड़े हैं. इस लापरवाही के कारण एक ओर जहां आम जनता को परेशानी हो रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार की छवि पर भी असर पड़ रहा है. लोगों में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है.
सरकार के निर्देशों की अनदेखी का आरोप
सरकारी निर्देशों के अनुसार दाखिल-खारिज और परिमार्जन जैसे मामलों का निष्पादन 35 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए, जबकि अधिकतम 75 दिनों की समय-सीमा निर्धारित है. इसके बावजूद कई मामले तय समय सीमा से अधिक लंबित बताए जा रहे हैं. लोगों का आरोप है कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है, जिससे पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में है.
समीक्षा बैठकों के बावजूद नहीं दिख रहा असर
जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी स्तर पर राजस्व विभाग की नियमित समीक्षा की जाती रही है, ताकि लंबित मामलों का निष्पादन तेजी से हो सके. लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इन समीक्षा बैठकों का कोई खास असर जमीन पर नहीं दिख रहा है. आरोप यह भी है कि अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मियों द्वारा समीक्षा के दौरान गलत या भ्रामक आंकड़े प्रस्तुत किए जाते हैं, जिससे वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती.
75 दिनों से अधिक लंबित मामले, बढ़ा आक्रोश
स्थानीय लोगों के अनुसार कई दाखिल-खारिज और परिमार्जन के मामले 75 दिनों से भी अधिक समय से लंबित हैं. इसके बावजूद उनका निपटारा नहीं किया जा रहा है.इस स्थिति से आम जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता और गति लाई जा सके.
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