आरा में दाखिल-खारिज और परिमार्जन कार्य ठप, अनियमितता का आरोप; लोगों की बढ़ रही परेशानी

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सांकेतिक तस्वीर

Arrah News: आरा में दाखिल-खारिज और परिमार्जन मामलों के निष्पादन में देरी और कथित अनियमितताओं को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मियों पर मनमानी और बिना लेन-देन काम न करने के आरोप लग रहे हैं.

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Arrah News:(नरेन्द्र प्रसाद सिंह) भोजपुर जिले के आरा में दाखिल-खारिज और परिमार्जन से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताओं और देरी का मामला सामने आया है. आरोप है कि अंचल कार्यालयों में पदस्थ अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी मनमानी तरीके से कार्य कर रहे हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति यह है कि लोगों के अनुसार बिना कथित ‘लेन-देन’ के काम नहीं किया जा रहा है. इससे आवेदक लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उनके मामलों का निष्पादन समय पर नहीं हो पा रहा है.

कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर लोग

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे दाखिल-खारिज और परिमार्जन जैसे जरूरी कार्यों के लिए बार-बार अंचल कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं. इसके बावजूद उनके आवेदन लंबित पड़े हैं. इस लापरवाही के कारण एक ओर जहां आम जनता को परेशानी हो रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार की छवि पर भी असर पड़ रहा है. लोगों में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है.

सरकार के निर्देशों की अनदेखी का आरोप

सरकारी निर्देशों के अनुसार दाखिल-खारिज और परिमार्जन जैसे मामलों का निष्पादन 35 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए, जबकि अधिकतम 75 दिनों की समय-सीमा निर्धारित है. इसके बावजूद कई मामले तय समय सीमा से अधिक लंबित बताए जा रहे हैं. लोगों का आरोप है कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है, जिससे पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में है.

समीक्षा बैठकों के बावजूद नहीं दिख रहा असर

जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी स्तर पर राजस्व विभाग की नियमित समीक्षा की जाती रही है, ताकि लंबित मामलों का निष्पादन तेजी से हो सके. लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इन समीक्षा बैठकों का कोई खास असर जमीन पर नहीं दिख रहा है. आरोप यह भी है कि अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मियों द्वारा समीक्षा के दौरान गलत या भ्रामक आंकड़े प्रस्तुत किए जाते हैं, जिससे वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती.

75 दिनों से अधिक लंबित मामले, बढ़ा आक्रोश

स्थानीय लोगों के अनुसार कई दाखिल-खारिज और परिमार्जन के मामले 75 दिनों से भी अधिक समय से लंबित हैं. इसके बावजूद उनका निपटारा नहीं किया जा रहा है.इस स्थिति से आम जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता और गति लाई जा सके.

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Ragini Sharma

लेखक के बारे में

By Ragini Sharma

वर्तमान में मैं, रागिनी शर्मा पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की.

इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.

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