रोहतास में ट्रैफिक नियमों की उड़ रही धज्जियां, नो एंट्री पर भारी वाहनों का आवागमन; प्रशासनिक सख्ती बेअसर

Published by : Ragini Sharma Updated At : 26 May 2026 9:49 AM

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सांकेतिक तस्वीर

Sasaram News: रोहतास में ट्रैफिक व्यवस्था सुधार के लिए लागू नो एंट्री नियमों के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही जारी है. स्थानीय लोगों ने पुलिस की शिथिलता और कथित मिलीभगत पर सवाल उठाए हैं. प्रशासन की सख्ती के बावजूद व्यवस्था पर असर नहीं दिख रहा है.

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Sasaram News:(संतोष चंद्रकांत) रोहतास जिले के बिक्रमगंज शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए अनुमंडल प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. अनुमंडलाधिकारी प्रभात कुमार के निर्देश पर सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर नो एंट्री लागू की गई है, ताकि बाजार, स्कूल और मुख्य चौक-चौराहों पर यातायात सुचारू रहे. इसके बावजूद शहर के तेंदुनी चौक सहित कई इलाकों में ट्रक, हाइवा और बालू लदे वाहनों की आवाजाही धड़ल्ले से जारी है. इससे प्रशासन की पूरी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.

पुलिस मौजूद, फिर भी नियमों का उल्लंघन जारी

स्थानीय लोगों का कहना है कि तेंदुनी चौक पर ट्रैफिक पुलिस और थाने की गश्ती गाड़ियां मौजूद रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद नो एंट्री के दौरान भारी वाहन बेखौफ होकर शहर के अंदर प्रवेश कर रहे हैं. लोगों का आरोप है कि जब नियम लागू कराने वाली पुलिस ही व्यवस्था का पालन नहीं करा पा रही है, तो प्रशासन की सख्ती का असर जमीन पर कैसे दिखेगा. स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरे इस पूरी स्थिति की गवाही दे सकते हैं, लेकिन अब तक किसी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.

लाइनर व्यवस्था पर भी उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार, नो एंट्री के दौरान वाहनों को लाइनरों के माध्यम से शहर के अंदर प्रवेश कराया जाता है. इसके एवज में तय रकम लिए जाने की भी चर्चा है. इसके बाद ट्रकों को बिना किसी रोक-टोक के शहर में प्रवेश मिल जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह नो एंट्री लागू होने के बाद शुरुआती समय में यह तर्क दिया जाता है कि सलेमपुर पुल के भीतर पहले से फंसे वाहनों को निकाला जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी दिनभर भारी वाहनों का आना-जाना जारी रहता है.

प्रशासनिक सख्ती पर उठे सवाल

शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से बार-बार निर्देश और सख्ती के बावजूद जमीनी स्तर पर उसका पालन नहीं हो पा रहा है. इससे न सिर्फ यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बढ़ रहा है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और नो एंट्री व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की मांग की है, ताकि शहर को जाम और अव्यवस्था से राहत मिल सके.

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