सिमडेगा पुलिस ने ऑपरेशन रेड हंट चलाकर 10 वारंटियों को किया गिरफ्तार

वारंटियों की गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते सिमडेगा के एसपी मो अर्शी. फोटो : प्रभात खबर
Operation Red Hunt: सिमडेगा पुलिस ने दशकों से फरार चल रहे वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए एक अभियान चलाया. ‘ऑपरेशन रेड हंट सिमडेगा पुलिस’ के तहत 10 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से कुछ लोग दो-तीन और चार दशक से फरार थे. किसी ने अपना नाम तक बदल लिया था और फर्जी आधार भी बनवा लिया था.
Operation Red Hunt: सिमडेगा पुलिस ने दशकों से फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए जिले में ‘ऑपरेशन रेड हंट सिमडेगा पुलिस’ लांच किया था. इस स्पेशल ऑपरेशन के तहत 10 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली है. इन्हें सिमडेगा, बानो, जलडेगा, ठेठईटांगर, महाबुआंग थाने और ओड़गा ओपी से गिरफ्तार किया गया है. इनमें कोई 2 दशक से फरार था, तो कोई 3 दशक से. एक वारंटी 38 साल से फरार चल रहा था. उसे बी गिरफ्तार कर लिया गया है. सिमडेगा के एसपी मो अर्शी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सिमडेगा थाना क्षेत्र से 3, बानो थाना क्षेत्र से 2, जलडेगा थाना क्षेत्र से 2, ठेठईटांगर, महाबुआंग थाना और ओड़गा ओपी से एक-एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार वारंटियों का पूरा विवरण इस प्रकार है :-
झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
Operation Red Hunt: इन अपराधियों को किया गिरफ्तार
- सिमडेगा थाना क्षेत्र का अमित कुमार बाड़ा 14 वर्षों से फरार था. उसके पिता का नाम जॉन पतरस बाड़ा है. वह मुंजबेड़ा गांव का रहने वाला है. छेड़छाड़ के आरोप में उस पर ठेठईटांगर थाने में वर्ष 2011 में शिकायत दर्ज करायी गयी थी. 14 वर्षों से वह फरार था. अमित अपनी ससुराल रेंगारीह थाना क्षेत्र के तेलीटोली गांव में रह रहा था. छापेमारी के दौरान उसे गिरफ्तार किया गया.
- जॉन सोरेंग का पुत्र लिबनुस सोरेंग 21 वर्षों से फरार था. सिमडेगा थाना क्षेत्र के देवबहार कटहलटोली, गोतरा डीपाटोली निवासी ट्रक चालक लिबनुस पर अर्जुन ढोढा के पास अपने ट्रक से थाना के वाहन को धक्का मारने का आरोप था. उसके खिलाफ ठेठईटांगर थाना काण्ड सं- 48/04 दर्ज किया गया था. वह 21 वर्षों से फरार चल रहा था. इस दौरान वह सिमडेगा थाना क्षेत्र के गोतरा डीपाटोली में घर बनाकर अपने परिवार के साथ रह रहा था.
- बानो थाना क्षेत्र के बांकी गांव का अभियुक्त असारू सिंह (पिता पुसा सिंह) 12 वर्षों से फरार था. उस पर वाहन दुर्घटना करने के आरोप में गुमला जिले में जीआर- 68/13 दर्ज किया गया था.
- बानो थाना क्षेत्र निवासी जुनुल कंडूलना उर्फ अनिल कंडूलना, उर्फ जुनुल मुंडा (पिता स्व सावन कंडूलना) 32 वर्षों से फरार था. नवागांव पहानटोली निवासी जुनुल पर गैर इरादतन हत्या करने का आरोप दर्ज था. 32 वर्षों से फरार जुनुल को उसके गांव से गिरफ्तार किया गया.
- बानो थाना क्षेत्र के हाटिंग होड़े निवासी मुकुंद महतो उर्फ संजय महतो (पिता स्व मदन महतो) पर रंगदारी मांगने एवं लूट के आरोप में बानो थाना कांड सं- 38/2008 दर्ज किया गया था. इनके खिलाफ गुमला जिला यथा बसिया थाना, कामडारा थाना, में केस दर्ज हैं. वह 17 वर्षों से फरार था. रांची जिला के बेड़ो थाना क्षेत्र के जामटोली में अपना नाम बदलकर रह रहा था. उसने अपना नाम संजय महतो कर लिया था. फर्जी आधार कार्ड भी संजय महतो के नाम से बनवा लिया था. उसे जामटोली गांव से गिरफ्तार किया गया.
- जलडेगा थाना क्षेत्र के जलडेगा जामटोली गांव के रहने वाले 13 साल से फरार कंदरू सिंह (पिता भुदुल सिंह) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उस पर परबा पंचायत में अपने ही मित्र की फराठी से मारकर हत्या कर शव छुपाने का आरोप है. अभियुक्त विगत 13 वर्षों से पुलिस को चकमा देकर फरार था और जलडेगा जामटोली में रह रहा था.
- जलडेगा थाना क्षेत्र के सूखा झरिया गांव निवासी मो नौशाद खां (पिता स्व कुदरत अली) पर सिमडेगा कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों के दो गुटों की आपसी लड़ाई में पिस्टल का भय दिखाकर मारपीट करने का आरोप है. अभियुक्त 21 वर्षों से फरार था और रांची जिले के डोरंडा थाना क्षेत्र में रह रहा था. उसे डोरंडा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है.
- ठेठईटांगर थाना क्षेत्र के आसनबेड़ा गांव निवासी भीमसेंट लोहरा उर्फ टेको लोहरा (पिता स्व प्रसाद लोहरा) को पुलिस ने उसके गांव आसनबेड़ा से गिरफ्तार किया है. उसके खिलाफ जलडेगा थाना में गृह भेदन करने के आरोप में जीआर 05/02 दर्ज किया गया था. इसके बाद से वह फरार चल रहा था. 23 साल से फरार आरोपी को उसके गांव से पुलिस ने धर दबोचा.
- महाबुआंग थाना क्षेत्र के सुमिनबेड़ा सेरेंग छापर गांव निवासी पावल गुड़िया (पिता जयमसीह गुड़िया) 29 वर्षों से फरार था. उस पर अपने ही गांव की लड़की का बलात्कार करने का आरोप है. बानो थाना में उसके खिलाफ 1996 में मुकदमा दर्ज हुआ था. वर्ष 2003 में कोर्ट ने उसे सजा दी. बाद में हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गयी. आखिरकार रांची के तुपुदाना थाना क्षेत्र के डोंगरी गांव में ब्रिजफोर्ड स्कूल के पास किराये के मकान में रह रहा था. अब जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया.
- ओड़गा ओपी के सेरेंगढ़ा गांव निवासी जोहन मुंडा उर्फ जोधा टोपनो को पुलिस ने 38 साल बाद गिरफ्तार किया है. उस पर पैतानो गांव में वादी के घर से लकड़ी लूटने का आरोप था. उसे सेरेंगढ़ा स्थित उसके घर से विशेष छापामारी करके गिरफ्तार कर लिया गया.
इसे भी पढ़ें
Kal Ka Mausam: 27 अगस्त को झारखंड में कैसा रहेगा मौसम, इन 9 जिलों के लिए जारी हुआ है येलो अलर्ट
हाथी-मानव संघर्ष रोकने के लिए चाकुलिया में लांच होगा अबुआ हाथी ऐप
झारखंड विधानसभा के बाहर सत्ता पक्ष ने किया हंगामा, भाजपा ने कही ये बात
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




