झारखंड विधानसभा के बाहर सत्ता पक्ष ने किया हंगामा, भाजपा ने कही ये बात

विधानसभा परिसर में एसआईआर का विरोध करते झामुमो, कांग्रेस और राजद के नेता और मंत्री.
SIR Protest in Jharkhand Vidhan Sabha: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले हुए मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ झारखंड में राजनीति गरम है. विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधानसभा के गेट पर सत्ताधारी दलों ने जमकर नारेबाजी की. वहीं, बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ऐसा लगता है कि इन्हें पता ही नहीं कि एसआईआर है क्या. यह पूरे देश में होगा.
SIR Protest in Jharkhand Vidhan Sabha: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन भी सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच टकराव जारी रहा. मंगलवार 26 अगस्त को सत्ता पक्ष के लोगों ने विधानसभा के गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया. बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान वोटर लिस्ट से हटाये गये लोगों के नाम की संख्या जारी होने के बाद से कांग्रेस और उसकी सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार पर हमलावर है.
SIR का इंडिया गठबंधन ने रांची में किया विरोध
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के इंडिया गठबंधन ने बिहार में मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया. इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. कहा, ‘मुझे लगता है कि ये लोग एसआईआर के बारे में समझ नहीं पाये हैं कि आखिर ये है क्या. वे सिर्फ और सिर्फ लोगों को गुमराह कर रहे हैं.’
बाबूलाल मरांडी बोले- पूरे देश में होगा एसआईआर
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इन दिनों बिहार में घूम रहे हैं. उनके नेता बिहार में जो मुद्दे उठा रहे हैं, वह लोगों पर प्रभाव नहीं छोड़ रहे. एसआईआर पूरे देश में होगा. झारखंड के नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य में यह देखने की जरूरत है कि प्रदेश की डेमोग्राफी बदल रही है. राहुल गांधी के पास भी इसका कोई समाधान नहीं है.
झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सत्ता पक्ष के विधायकों ने असेंबली गेट पर की नारेबाजी
इससे पहले विधानसभा के गेट पर इंडिया गठबंधन के नेताओं ने हाथों में तखित्यां लेकर ‘एसआईआर पर रोक लगाना होगा’, ‘गरीबों का वोट छीनना बंद करो’, ‘वोट से वंचित करना लोकतंत्र की हत्या है’ जैसे नारे लगाये.
दीपिका बोलीं- ईसीआई पर कार्रवाई हो, संसद में हो बहस
झारखंड की मंत्री और कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने विधानसभा गेट के बाहर कहा कि राहुल गांधी ने देश के सामने पूरा तथ्य रख दिया है. इलेक्शन कमीशन ने मतदाता सूची में गड़बड़ी की है. उन्होंने दावा किया कि अब लोगों के सामने सारे सबूत आ गये हैं कि मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे गये हैं. उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि सरकार इस मामले में कड़ी कार्रवाई करे. इस मुद्दे पर संसद में बहस होनी चाहिए.’
इसे भी पढ़ें : उम्रकैद की सजा काट रहे 51 कैदी किस आधार पर होंगे रिहा, यहां देखें नियम-शर्तें
इरफान अंसारी बोले- भाजपा ने देश को कठपुतली बना दिया
कांग्रेस के एक और नेता, जो झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं, ने कहा कि भाजपा ने देश को कठपुतली और आम लोगों को मजाक बना दिया है. डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि क्या आप लोगों से उनके वोट का अधिकार छीन लेंगे? वे झारखंड में ऐसा करने की सोज भी नहीं सकते.
बिहार में कांग्रेस से जुड़ रहे हैं लोग, दिखेगा इसका परिणाम
इरफान अंसारी ने कहा कि भाजपा वाले अभी बिहार नहीं जायेंगे. राहुल गांधी वहां गये हैं. उन्होंने मुस्लिमों और दलितों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिये हैं. कांग्रेस पार्टी से लोगों का जुड़ाव बढ़ रहा है. आने वाले दिनों में आपको इसका रिजल्ट देखने को मिलेगा.
‘एसआईआर’ पर हंगामा, सदन की कार्यवाही 2 बार स्थगित
सत्तारूढ़ दलों के विधायकों ने हंगामा शुरू किया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध जताते हुए आसन के समक्ष आ गये. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक भी उनके पीछे-पीछे आसन के पास आ गये और सूर्या हंसदा ‘मुठभेड़’ मामले की सीबीआई जांच की मांग करने लगे.
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हुआ हंगामा
हंगामे के कारण अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो को सदन की कार्यवाही 2 बार स्थगित करनी पड़ी. पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर अपराह्न 2 बजे तक. सुबह करीब 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने एसआईआर का मुद्दा उठाया.
एसआईआर के जरिये हमारे वोट चुराना चाहती है भाजपा
यादव ने कहा, ‘ वे (भाजपा) एसआईआर के जरिये हमारे वोट चुराना चाहते हैं. हम एसआईआर का विरोध करते हैं और इसे वापस लिया जाना चाहिए. हम अपने वोटों की चोरी नहीं होने दे सकते.’ इसके बाद सत्ता पक्ष के सदस्य ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ का नारा लगाते हुए आसन के समक्ष आ गये.
भाजपा ने उठाया सूर्या ‘मुठभेड़’ का मुद्दा
इसके बाद भाजपा विधायक भी आसन के समक्ष आ गये और सूर्या हंसदा ‘मुठभेड़’ मामले की सीबीआई जांच की मांग करने लगे. अध्यक्ष ने सदस्यों से अपनी सीटों पर वापस जाने और प्रश्नकाल होने देने का आग्रह किया, लेकिन दोनों पक्षों के सदस्यों ने अपना विरोध जारी रखा. इसके कारण अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही मात्र 5 मिनट के बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही फिर हुआ हंगामा
दोपहर करीब 12 बजे जब सदन की कार्यवाही पुनः शुरू हुई, तो कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर का मुद्दा फिर उठाया. इस पर भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख और विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार आदिवासियों की जमीन लूट रही है.
नगरी में जबरन अधिग्रहित की किसानों की जमीन
भाजपा ने आरोप लगाया कि रांची के नगरी में रिम्स-2 अस्पताल परियोजना के लिए सरकार ने आदिवासी किसानों की जमीन जबरन अधिग्रहित की है. मरांडी ने कहा, ‘हमारी मांगें सूर्या हंसदा ‘मुठभेड़’ की सीबीआई जांच और किसानों को जमीन वापस दिलाना हैं.’
राधाकृष्ण किशोर बोले- भाजपा के मुद्दों का जवा देंगे
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार भोजनावकाश के बाद भाजपा के द्वारा उठाये गये मुद्दों पर जवाब देगी. बार-बार अनुरोध के बावजूद जब सदस्य अपनी सीटों पर नहीं लौटे, तो अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
चुनाव से पहले एसआईआर एक षड्यंत्र – शिल्पी नेहा तिर्की
इससे पहले दिन में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सदस्यों ने बिहार में एसआईआर और 130वें संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया. कृषि मंत्री और कांग्रेस नेता शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर करना एक ‘षड्यंत्र’ है.
इसे भी पढ़ें
अगस्त में कितनी हुई बारिश, यहां देखें 23 दिन का आंकड़ा
झारखंड को बारिश से नहीं मिलेगी राहत, 31 अगस्त तक वर्षा-वज्रपात का येलो अलर्ट
गुमला में 24 घंटे में 4 की मौत, 2 ने आत्महत्या की, 2 सड़क दुर्घटना में मरे
Viral Video: 105 साल की ‘जल परी’, आरा की दादी ने बोकारो के तालाब में लगायी छलांग, देखते रह गये लोग
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




