सरायकेला के जोजो गांव में मनाया गया सरहुल महोत्सव, नाच-गान में झूमे लोग

Updated at : 31 Mar 2026 11:00 AM (IST)
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sarhul mahotsav in jojo village

सरायकेला के जोजो में आयोजित सरहुल महोत्सव में मांदर पर थाप देते हुए लोगों के साथ नृत्य करते विधायक दशरथ गागराई और अन्य

Seraikela Kharsawan News: सरायकेला-खरसावां जिले के जोजो गांव में सरहुल महोत्सव धूमधाम से मनाया गया. पारंपरिक कपड़ों में लोगों ने मांदर-नगाड़ों की थाप पर नृत्य किया, जिससे पूरा गांव गीत-संगीत से गूंज उठा. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें. 

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सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट

Seraikela News: झारखंड के सरायकेला जिला के जोजो गांव (खरसावां विस क्षेत्र) में पारंपरिक आस्था और उल्लास के साथ आदिवासी सरहूल महोत्सव का आयोजन किया गया. आदिवासी भूमिज मुंडा समाज के तत्वाधान में इस कार्यक्रम में आदिवासी समाज के लोग अपने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए. सरहुल महोत्सव का यह आयोजन आदिवासी संस्कृति, एकता और परंपरा का सुंदर और जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया. 

नाया ने जाहेरथान में की पूजा अर्चना 

आदिवासी सरहुल महोत्सव की शुरआत नाया गणेश सरदार द्वारा जाहेर थान (सरना स्थल) में पूजा अर्चना कर की गयी. इस दौरान पूजा अर्चना कर सुख, शांति, समृद्धि, हरियाली, अच्छी फसल की कामना की. यहां पर सरहुल पर्व मनाने आए लोगों ने पारंपरिक तरीके से अपने-अपने कानों पर सरई फूल (सखुआ का फूल) लगाकर सरखोसी की.

विधायक ने किया कार्यक्रम को संबोधित 

आदिवासी सरहूल महोत्सव को संबोधित करते विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि सरहुल का यह पर्व प्रकृति, पर्यावरण और मानव जीवन के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है. सरहुल का पर्व प्रकृति प्रेम का संदेश देता है. आदिवासी समाज का प्रकृति के साथ अनन्याश्रय संबंध है. यह पर्व प्रकृति के साथ हमारे अटूट संबंध को भी रेखंकित करती है. प्रकृति के उपासना का पर्व सरहुल हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देता है. इस मौके पर जिला परिषद सदस्य लक्ष्मी सरदार ने कहा कि सरहूल का पर्व हमें प्रकृति से प्रेम और उसकी रक्षा का संदेश देता है. सरहुल का पर्व हमारी जनजातीय परंपराओं, सामुदायिक एकता और प्रकृति के सम्मान का जीवंत प्रतीक है.

पारंपरिक गीत-संगीत से गूंज उठा जोजो गांव

जाहेरथान में पूजा अर्चना करने के बाद आदिवासी समुदाय के लोगो ने सामुहिक रुप से नृत्य किया. मांदर और नगाड़ों की थाप पर सरहुल गीतों पर लय से लय मिलाते हुए पारंपरिक नृत्य कर सभी का मन मोह लिया. इससे पूरा परिसर पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य से गूंज उठा. ये सिलसिला देर शाम तक चलता रहा. इस दौरान हर साल कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई.

कार्यक्रम में उमड़ी भीड़

कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़. कार्यक्रम में विधायक दशरथ गागराई, जिप सदस्या लक्ष्मी सरदार के अलावे सामाजिक कार्यकर्ता बासंती गागराई, मुखिया मीना माझी, लव किशोर सरदार, पार्वती सरदार, रानी हेंब्रम, रामु सरदार, दिवाकर सरदार, हारा सरदार, अभिमन्यू सरदार, रंजीत सरदार, दीनबंधु सरदार, कार्तिक सरदार और अन्य मौजूद थे. 

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Sweta Vaidya

लेखक के बारे में

By Sweta Vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर में लाइफस्टाइल बीट के लिए कंटेंट लिखती हैं. वह पिछले एक साल से व्यंजन (Recipes), फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे विषयों पर लेख लिख रही हैं. उनका उद्देश्य पाठकों को रोजमर्रा की जिंदगी को आसान और स्टाइलिश बनाने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देना है.

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