पीएमएवाई अवास कर्मियों का सरायकेला के जिला मुख्यालय पर धरना, 7 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल

जिला समाहरणालय के बाहर प्रदशर्न करते झारखंड राज्य आवास कर्मी संघ के सदस्य. फोटो: प्रभात खबर
Workers Protest: सरायकेला-खरसावां में पीएमएवाई आवास कर्मियों ने जिला समाहरणालय के बाहर धरना दिया और मांगें पूरी नहीं होने पर 7 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी. कर्मियों ने वेतन वृद्धि, ग्रेड-पे लागू करने और सेवा शर्तों में सुधार सहित कई मांगों को लेकर सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
सरायकेला से प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट
Workers Protest: झारखंड राज्य आवास कर्मी संघ रांची के आह्वान पर सरायकेला-खरसावां जिला इकाई की ओर से मंगलवार को जिला समाहरणालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया. धरने में बड़ी संख्या में आवास कर्मियों ने भाग लिया और सरकार से अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की. धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो वे चरणबद्ध आंदोलन को और तेज करेंगे.
पहले भी कर चुके हैं विरोध कार्यक्रम
आवास कर्मी संघ के जिलाध्यक्ष सावन सोय ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर कर्मियों ने पहले भी कई बार विरोध जताया है. उन्होंने कहा कि 16 फरवरी से 18 फरवरी तक सभी कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर काम किया था. इसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया. इसके बाद 23 फरवरी से 25 फरवरी तक कर्मियों ने कलमबंद हड़ताल कर अपना विरोध दर्ज कराया था.
17 मार्च से हड़ताल की चेतावनी
जिलाध्यक्ष सावन सोय ने कहा कि अगर जल्द ही मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो आवास कर्मी 17 मार्च से 20 मार्च तक हड़ताल पर जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद भी यदि सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तो सात अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी. इससे आवास योजनाओं के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है.
कई कर्मी रहे उपस्थित
धरना-प्रदर्शन के दौरान पीएमयू कर्मी और विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारी भी मौजूद रहे. इस मौके पर जिला समन्वयक सत्यवान कुमार, प्रशिक्षण समन्वयक बसंत कुमार साहू, प्रखंड समन्वयक सावन सोय, श्यामसुंदर महतो, ठाकुर सोरेन, लिपिक रावत, बीना बंकीरा, राकेश कुमार महतो, कीर्ति महतो, प्रखंड ऑपरेटर शिवा बेहरा, शिबू मुर्मु, ज्योति कुमारी, लक्ष्मी महतो, गीता, भीष्म मुंडा, संतोष जारिका और अभिषेक रावत सहित कई कर्मी उपस्थित रहे. कर्मियों ने एकजुट होकर सरकार से मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की.
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क्या है अवास कर्मियों की मांग
- वेतन वृद्धि की जाए, जिसमें प्रखंड लेखापाल सह कंप्यूटर ऑपरेटर का वेतन 36,000 रुपये, प्रखंड समन्वयक का वेतन 45,000 रुपये, जिला लेखापाल का 41,000 रुपये और जिला समन्वयक का वेतन में वर्तमान मानदेय से 70 फीसदी वृद्धि की जाए.
- जिला और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों और कर्मियों के पदों की स्वीकृति प्रशासी पदवर्ग समिति से किया जाए.
- जिला और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों और कर्मियों का मासिक मानदेय को बदलकर ग्रेड-पे का निर्धारण किया जाए.
- सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी और कर्मियों को योजना कार्य के नियमित अनुश्रवन एवं क्षेत्र भ्रमण के लिए देय मासिक मानदेय का 5% क्षेत्र भ्रमण भत्ता दिया जाए.
- सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को अकारण योजना कार्य से विमुक्त हटाने की परिस्थिति में विभाग स्तर से अपील करने का अवसर प्रदान किया जाए. इसके लिए विभागीय स्तर पर अपीलीय समिति का गठन किया जाए.
- सभी पदाधिकारियों कर्मियों का सेवाकाल लगभग 8 वर्ष से अधिक हो गया है. इ लिए प्रतिवर्ष नवीनीकरण की बाध्यता को समाप्त करते हुए सेवा विस्तार साठ साल किया जाए.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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