PM मोदी के पोस्टर पर बवाल : श्रीलेखा मित्रा को 300 किमी दूर से पुलिस का समन, 2 दिनों में मिले 6-7 नोटिस

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श्रीलेखा मित्रा.

श्रीलेखा मित्रा.

अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित आपत्तिजनक तस्वीर वाले पोस्टर मामले में मुश्किलें बढ़ गयीं हैं. पिछले 48 घंटों में उन्हें विभिन्न थानों से 6-7 पुलिस नोटिस मिले हैं, जिनमें जांच के लिए पेश होने का निर्देश दिया गया है.

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Sreelekha Mitra Police Notices: कोलकाता के एस्प्लेनेड में 24 जुलाई को आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित तौर पर आपत्तिजनक तस्वीर/पोस्टर लहराने के मामले में बांग्ला फिल्मों की अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. पिछले 48 घंटों के भीतर राज्य के विभिन्न थानों से उन्हें लगातार समन भेजे जा रहे हैं. श्रीलेखा मित्रा ने मीडिया को बताया कि 2 दिन में उन्हें कम से कम 6-7 पुलिस नोटिस मिले हैं. सभी नोटिस में उन्हें जांच के लिए पेश होने को कहा गया है. एक नोटिस मालदा से है, एक बैरकपुर से, तो एक आनंदपुर से... उन्होंने कहा- मैं गिनती भूल चुकी हूं. बृहस्पतिवार को आसनसोल के हीरापुर थाने में उनके खिलाफ एक शिकायत दर्ज करायी गयी.

किन-किन थानों में दर्ज हुई FIR?

श्रीलेखा के खिलाफ राज्यभर के कई जिलों और कई थानों में मामले दर्ज किये गये हैं. अब तक उपलब्ध विवरण इस प्रकार है.

  1. आनंदपुर थाना (दक्षिण-पूर्वी कोलकाता)
  2. बिधाननगर साइबर पुलिस स्टेशन (उत्तर 24 परगना)
  3. चटर्जीहाट थाना (हावड़ा)
  4. नोआपारा थाना (बैरकपुर, उत्तर 24 परगना)
  5. मालदा जिला पुलिस (कोलकाता से लगभग 300 किमी दूर)
  6. हीरापुर थाना (आसनसोल, पश्चिम बर्धमान)

आसनसोल के हीरापुर थाने में नयी शिकायत

हीरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए गौरव बनर्जी ने कहा है कि श्रीलेखा मित्रा ने रैली के दौरान उक्त पोस्टर हाथ में लेकर कैमरे के सामने प्रदर्शन किया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए. ऐसा जान-बूझकर किया गया. इससे प्रधानमंत्री के पद की गरिमा को ठेस पहुंची है. शिकायतकर्ता ने श्रीलेखा के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

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अफवाह फैलाने और मानहानि से जुड़े हैं सभी केस

श्रीलेखा के खिलाफ दर्ज ज्यादातर मामलों में शांति भंग करने, जनता के बीच अफवाह या भ्रम फैलाने और मानहानि से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. श्रीलेखा के वकील शमीम अहमद ने कहा कि उनकी मुवक्किल छात्र नहीं हैं, लेकिन उन्हें पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठे मामले में घसीटा गया है. श्रीलेखा सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करेंगी और नोटिस का जवाब देंगी.

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रैली में हुई हिंसा और सुप्रीम कोर्ट का आदेश

24 जुलाई की उसी रैली के दौरान तोड़फोड़ के आरोप में गिरफ्तार किये गये 16 पुरुषों को मंगलवार को बैंकशाल कोर्ट से जमानत मिल गयी. यह जमानत सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद मिली, जिसमें कहा गया था कि आंदोलन में शामिल ऐसे छात्रों को राहत दी जायेगी, जिनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है. हालांकि, कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि मामलों को पूरी तरह वापस नहीं लिया गया है. केवल जमानत दी गयी है.

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आंदोलन करने वालों पर कार्रवाई से विपक्ष चिंतित

दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद असम, बंगाल और बिहार में प्रदर्शनकारियों पर हो रही पुलिसिया कार्रवाई पर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने गहरी चिंता व्यक्त की है.


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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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