सिदो-कान्हू की जयंती आज, भोगनाडीह में रात भर हुई पूजा-अर्चना, आज आयेंगे हेमंत सोरेन

Updated at : 11 Apr 2025 5:25 AM (IST)
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sidho kanhu birth anniversary 11 april

सिदो-कान्हू मुर्मू. फोटो : प्रभात खबर

Sidho Kanhu Murmu Birth Anniversary: साहिबगंज जिले के बरहरवा के भोगनाडीह में सिदो मुर्मू की जयंती 11 अप्रैल को मनायी जायेगी. इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन शामिल होंगे. इस दौरान कई कार्यक्रम होंगे. गुरुवार की रात से ही पूजा-अर्चना शुरू हो गयी. सिदो-कान्हू के जयंती समारोह में शामिल होने के लिए भारत के अलग-अलग राज्यों के लोग तो आते ही हैं, नेपाल से भी संताल समाज के लोग आते हैं.

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Sidho Kanhu Murmu Birth Anniversary: हूल के नायक सिदो-कान्हू की आज जयंती है. 11 अप्रैल 1815 को भोगनाडीह में सिदो मुर्मू का जन्म हुआ था. सिदो-कान्हू जयंती समारोह छठीहार महा के रूप में मनाया जाता है. यह दिन 1855 के उस संघर्ष की याद दिलाता है, जब अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंकने वाले सिदो का जन्म हुआ था. हर साल 11 अप्रैल को यह धरती उनकी जयंती के उत्सव में सराबोर हो जाती है. सिदो-कान्हू जयंती कोई साधारण समारोह नहीं, बल्कि उस सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, जो पीढ़ियों से संताल समाज की पहचान रही है. यह उत्सव बताता है कि इतिहास की डोर कभी टूटती नहीं, बस उसे नये रंगों से सजाया जाता है.

अमर शहीद सिदो कान्हू मुर्मू स्मृति स्थल को विशेष रूप से सजाया गया. फोटो : प्रभात खबर
  • छठीहार महा के रूप में होता है सिदो-कान्हू का जयंती समारोह का आयोजन
  • असम, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अलावा नेपाल से भी पहुंचते हैं लोग
  • सिदो मुर्मू को 1856 में जिस बरगद के पेड़ पर दी गयी थी फांसी, उस पेड़ के नीचे होती है प्रथम पूजा

देश के कई राज्यों और नेपाल से संताली समाज के लोग पहुंचे हैं पंचकठिया

इस छठीहार महा में शामिल होने के लिए नेपाल, असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा से संताल समाज के लोग क्रांति स्थल पंचकठिया पहुंचे हैं. वहां परिक्रमा करने के बाद अरगोडी मैदान स्थित मांझी थान एवं जाहेर थान में पूजा-अर्चना शुरू की गयी. गुरु बाबा मुगलू मरांडी और अब्राहम मरांडी के नेतृत्व में गुरुवार की देर रात पूजा-अर्चना शुरू हुई.

इसी बरगद की परिक्रमा करते हैं संताल समाज के लोग. फोटो : प्रभात खबर

पारंपरिक वेश-भूषा में बरगद के पेड़ की परिक्रमा करेंगे संताल समाज के लोग

गुरु बाबा ने बताया कि जब लोग (छठीहार महा) जयंती समारोह में पहुंचते हैं, तो सबसे पहले वे उस स्थान की परिक्रमा करते हैं, जहां सिदो-कान्हू को फांसी दी गयी थी. लोग पारंपरिक वेश-भूषा में तीर-धनुष लेकर बरगद के पेड़ के चारों ओर परिक्रमा करते हैं. फिर पूजा-पाठ कर नमन करते हैं. यह हमारी वर्षों पुरानी परंपरा है. इसके बाद सभी लोग पास ही स्थित अरगोडी मैदान पहुंचेंगे, जहां संताल समाज के देवी-देवताओं की पूजा की जाती है. पूजा का कार्यक्रम रात भर चलता है.

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हर साल 11 अप्रैल को सिदो-कान्हू की जन्मस्थली भोगनाडीह पहुंचते हैं लोग

यहां संताली सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है. 11 अप्रैल को लोग वीर शहीद सिदो-कान्हू की जन्मस्थली भोगनाडीह पहुंचते हैं. वहां उनके आवास में स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना कर उनके वंशजों से भेंट करते हैं. इसके बाद सभी अपने-अपने गंतव्य की ओर लौट जाते हैं.

मांझी थान से जाहेर थान तक दिखती है आदिवासी परंपरा की झलक. फोटो : प्रभात खबर

मांझी थान से जाहेर थान तक दिखती है आदिवासी परंपरा की झलक

यह उत्सव सिर्फ श्रद्धा नहीं, बल्कि संताल संस्कृति का जीवंत संग्रहालय है. मांझी थान और जाहेर थान जैसे पवित्र स्थलों पर पांच देवी-देवताओं की पूजा होती है. मांझी थान (संताल समाज का पूजा स्थल) में मारांग बुरू, ताला कुल्ही मांझी हाडाम, ताला कुल्ही मांझी बुढही, देवी-देवता एवं जाहेर थान संताल (समाज का पूजा स्थल), जिसमें जाहेर एरा, गोसाई एरा, मोडे कु तुरूई कु, पिलचुहाड़ाम- पिलचुबुढही एवं मरांग बुरू, ये पांच देवी-देवता आस्था का केंद्र स्थल हैं. रातभर चलने वाले अनुष्ठानों के बीच ढोल की थाप पर नृत्य होता है और पारंपरिक गीत गूंजते हैं.

आज बरहेट पहुंचेंगे मुख्यमंत्री, प्रशासन ने पूरी की तैयारी

सिदो-कान्हू जयंती समारोह में शामिल होने के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार (11 अप्रैल 2025) को बरहेट पहुंचेंगे. कार्यक्रम को लेकर बरहेट, भोगनाडीह, बरहेट बाजार, क्रांति स्थल पंचकठिया सहित समूचे चौक-चौराहों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गयी है. भोगनाडीह मैदान में कार्यक्रम स्थल पर भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है, जिसमें संताल परगना के कई सांसद और विधायक भी उपस्थित रहेंगे.

कल्पना सोरेन के साथ भोगनाडीह पहुंचेंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री यहां एक जनसभा को संबोधित करेंगे. सिदो-कान्हू जयंती समारोह में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री सह बरहेट विधायक हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी सह गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से भोगनाडीह पहुंचेंगे.

11 अप्रैल का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कार्यक्रम

  • मुख्यमंत्री पूर्वाह्न 11:50 बजे विशेष विमान से देवघर एयरपोर्ट पहुंचेंगे.
  • हेलीकॉप्टर से 12:30 बजे भोगनाडीह हेलीपैड पर उतरेंगे.
  • 12:40 बजे सिदो-कान्हू पार्क में सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करेंगे.
  • सड़क मार्ग से क्रांति स्थल पंचकठिया पहुंचेंगे और 1:05 बजे पुष्प अर्पित कर नमन करेंगे.
  • सिदो-कान्हू के वंशजों से मिलने उनके घर जायेंगे.
  • दोपहर 1:25 बजे फुटबॉल मैदान में आयोजित विभिन्न सरकारी योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन करेंगे.

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Mithilesh Jha

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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