गलवान के अमर वीर कुंदन कुमार ओझा को श्रद्धांजलि, दुर्गम घाटी में चीनी सैनिकों के छुड़ा दिए थे छक्के
साहिबगंज के डिहारी गांव में 16 बिहार रेजिमेंट के रिटायर्ड सुबेदार नागेंद्र साह को सम्मानित करते एसडीपीओ सुशील कुमार. फोटो: प्रभात खबर
Sahibganj News: साहिबगंज के डिहारी गांव में गलवान घाटी के शहीद कुंदन कुमार ओझा की छठी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पूर्व सैनिकों ने शहीद को नमन किया तथा उनके पिता रविशंकर ओझा को सम्मानित कर वीरता और बलिदान को याद किया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
साहिबगंज के मंडरो से गुड्डू रजक की रिपोर्ट
Sahibganj News: गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए साहिबगंज के वीर सपूत कुंदन कुमार ओझा की छठी पुण्यतिथि पर मंगलवार को उनके पैतृक गांव डिहारी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों ने शहीद को नमन करते हुए उनके अदम्य साहस और बलिदान को याद किया.
डिहारी गांव में दी गई श्रद्धांजलि
साहिबगंज सदर प्रखंड के हाजीपुर पश्चिम पंचायत अंतर्गत डिहारी गांव में आयोजित कार्यक्रम में साहिबगंज के अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आइंद, एसडीपीओ सुशील कुमार, झामुमो जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, केंद्रीय समिति सदस्य बबलू मिश्रा, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामदरश यादव तथा झारखंड राज्य भाषा अकादमी, साहिबगंज के सचिव सच्चितानंद सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए. सभी अतिथियों ने शहीद कुंदन कुमार ओझा की प्रतिमा और चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके सर्वोच्च बलिदान को देश के लिए प्रेरणादायी बताया.
16 बिहार रेजीमेंट के सूबेदार मेजर ने सुनाई शौर्यगाथा
कार्यक्रम के दौरान 16 बिहार रेजीमेंट के सूबेदार मेजर नागेंद्र साह ने शहीद कुंदन कुमार ओझा के सैन्य जीवन और वीरता की गाथा को विस्तार से साझा किया. उन्होंने बताया कि 16 जून 2020 को गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक मुठभेड़ के दौरान कुंदन कुमार ओझा ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. उन्होंने शहीद के पिता रविशंकर ओझा से भी मुलाकात की और उनके पुत्र की वीरता तथा देशभक्ति पर चर्चा की.
शहीद के पिता को शॉल और बुके देकर किया सम्मानित
श्रद्धांजलि सभा के दौरान एसडीओ अमर जॉन आइंद, एसडीपीओ सुशील कुमार तथा झामुमो जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने शहीद के पिता रविशंकर ओझा को शॉल ओढ़ाकर और बुके भेंट कर सम्मानित किया. मौजूद लोगों ने कहा कि देश के लिए अपने पुत्र को खोने वाले परिवार का सम्मान करना समाज और राष्ट्र दोनों का दायित्व है. शहीद परिवारों का त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है.
वक्ताओं ने याद किया गलवान घाटी का बलिदान
झामुमो जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा कि गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में कुंदन कुमार ओझा ने अद्वितीय वीरता का परिचय दिया था. उन्होंने अपने प्राणों की परवाह किए बिना देश की सीमाओं की रक्षा की और अमर हो गए. वहीं शिव शंकर यादव ने भी शहीद की वीरता का उल्लेख करते हुए उपस्थित लोगों के साथ भारत माता की जय के नारे लगाए. उन्होंने कहा कि ऐसे वीर सपूतों की वजह से देश सुरक्षित है और हर नागरिक को उनके बलिदान को सदैव याद रखना चाहिए.
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पूर्व सैनिकों को भी किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों का भी सम्मान किया गया. इस अवसर पर पूर्व सैनिक शैलेश सिंह, गंगा सागर यादव, संजय यादव, राजेश कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग उपस्थित थे. श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से लोगों ने शहीद कुंदन कुमार ओझा के बलिदान को नमन करते हुए संकल्प लिया कि देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रभक्ति की भावना को हमेशा जीवित रखा जाएगा.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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