बांग्लादेशी घुसपैठिये कल्याणकारी योजनाओं के हकदार नहीं, हम उन्हें खाना नहीं खिलायेंगे : शुभेंदु अधिकारी

Updated:
विज्ञापन
जनगणना फॉर्म भरने के बाद बंगाल के चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी.

जनगणना फॉर्म भरने के बाद बंगाल के चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी.

पश्चिम बंगाल में 16वीं जनगणना के लिए स्व-गणना प्रक्रिया शुरू हो गयी है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश से आये अवैध प्रवासियों को किसी भी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा. उन्हें उनके देश वापस भेजा जायेगा.

विज्ञापन

पश्चिम बंगाल में शनिवार को भारत की 16वीं जनगणना के लिए स्व-गणना प्रक्रिया शुरू हुई. इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह सर्वेक्षण असली लाभार्थियों के लिए एक स्थायी रिकॉर्ड तैयार करेगा. उन्होंने अवैध प्रवासियों और शरणार्थियों के बीच स्पष्ट अंतर भी बताया. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना की प्रक्रिया और अवैध आप्रवासन अलग-अलग मुद्दे हैं.

अवैध प्रवासी कल्याणकारी योजनाओं के हकदार नहीं : सीएम

मतदाता सूची में शामिल नहीं किये गये लोगों और एसआईआर न्यायाधिकरण का सामना कर रहे लोगों की स्थिति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेश से आये अवैध प्रवासी कल्याणकारी लाभ पाने के हकदार नहीं हैं. उन्हें वापस उनके देश भेज दिया जायेगा, क्योंकि हम उन्हें खाना नहीं खिला पायेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) के दायरे में आने वाले लोग घुसपैठिये नहीं, शरणार्थी हैं.

जनगणना के पहले चरण में स्व-गणना की हुई शुरुआत

आधिकारिक जनगणना वेबसाइट पर अपनी जानकारी भरकर दशक में एक बार होने वाले इस सर्वेक्षण के स्व-गणना चरण की शुरुआत करने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल पात्र लाभार्थियों तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए स्थायी रिकॉर्ड तैयार करने में किया जायेगा. फरवरी में जानकारी मिलने के बाद, लोगों को सामाजिक सहायता के लिए बार-बार दस्तावेज जमा नहीं करने होंगे. उन्हें हर सामाजिक योजना, जाति प्रमाण-पत्र या लाभ के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा.

ये भी पढ़ें: Video: पश्चिम बंगाल में जनगणना शुरू, शुभेंदु अधिकारी ने ऑनलाइन भरा अपना फॉर्म

15 अगस्त तक खुला रहेगा जनगणना पोर्टल

इस जनसंख्या सर्वेक्षण के पहले चरण के तहत पोर्टल एक अगस्त से 15 अगस्त तक खुला रहेगा. इस दौरान लोग आधिकारिक वेबसाइट पर अपना विवरण अपलोड कर सकते हैं. इसके बाद 16 अगस्त से 14 सितंबर तक मकानों की सूची बनाने का कार्य किया जायेगा.

27 लाख में सिर्फ 7 लाख लोग पहुंचे ट्रिब्यूनल

शुभेंदु ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और मतदाताओं की एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट) सूची को लेकर जतायी जा रही चिंताओं पर कहा कि सूची में शामिल कई लोगों ने इसे चुनौती नहीं दी है. उन्होंने कहा कि एसआईआर न्यायाधिकरण के समक्ष जाने का अवसर प्राप्त करने वाले 27 लाख लोगों में से केवल 7 लाख ने आवेदन किया है.

ये भी पढ़ें: घुसपैठियों में बंगाल की 3D नीति का खौफ, हकीमपुर बॉर्डर पर बीएसएफ से कह रहे- साहब, हमें वापस भेज दो

घुसपैठिये नहीं रहेंगे बंगाल में

मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश से बंगाल आये लोगों में 2 तरह के लोग हैं. एक श्रेणी घुसपैठियों की है. वे बंगाल में नहीं रहेंगे. उनकी पहचान की जायेगी, पुष्टि की जायेगी और उन्हें वापस भेज दिया जायेगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि दूसरे देशों से आये हिंदू, सिख, ईसाई और जैन घुसपैठिये नहीं, सीएए के तहत शरणार्थी हैं. जो लोग अपनी जान बचाने या धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए 31 दिसंबर, 2024 तक बांग्लादेश से बंगाल आये हैं, उन पर कोई मुकदमा नहीं चलाया जायेगा. पुलिस उन्हें परेशान नहीं कर पायेगी.

कोट अगर कोई देश का नागरिक नहीं है, तो उसे किसी भी सामाजिक योजना का फायदा नहीं मिलेगा. केंद्र और राज्य सरकारें भारतीय नागरिकों के लिए जिम्मेदार हैं. एक बार नागरिकों की सही सूची तैयार हो जाने पर, सरकार के लिए काम करना आसान हो जायेगा. -शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

जनगणना में लगाये गये 14399 कर्मचारी

पश्चिम बंगाल में जनगणना के काम के लिए लगभग 3,400 पर्यवेक्षक और कुल 14,399 कर्मचारियों को लगाया गया है. जनगणना में जनसंख्या की गिनती बाद में की जायेगी. यह 28 फरवरी, 2027 तक चलेगा. मुख्यमंत्री ने इस जनगणना को ‘शत प्रतिशत डिजिटल’ जनगणना बताते हुए पश्चिम बंगाल के लोगों से इस सर्वेक्षण में भाग लेने और अधिकारियों का सहयोग करने का आग्रह किया.

ये भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी का डोनाल्ड ट्रंप स्टाइल एक्शन, मिशन Detect, Delete and Deport शुरू, 9 घुसपैठियों को डिटेंशन सेंटर में डाला


विज्ञापन
मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola