हत्यारोपित पुलिस पदाधिकारी उन्हें डरा-धमका रहे

Updated at : 24 Oct 2017 12:43 AM (IST)
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हत्यारोपित पुलिस पदाधिकारी उन्हें डरा-धमका रहे

पुलिस हिरासत में मौत का मुद्दा एक बार फिर उठा, मंतुज की विधवा ने कहा साहिबगंज : विगत 16 जुलाई को राजमहल थाना के हिरासत में एक आरोपित की मौत के मामले के मुद्दे को मृतक की विधवा ने एक बार फिर उठाया है. विधवा का कहना है कि हिरासत में मौत मामले को लेकर […]

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पुलिस हिरासत में मौत का मुद्दा एक बार फिर उठा, मंतुज की विधवा ने कहा

साहिबगंज : विगत 16 जुलाई को राजमहल थाना के हिरासत में एक आरोपित की मौत के मामले के मुद्दे को मृतक की विधवा ने एक बार फिर उठाया है. विधवा का कहना है कि हिरासत में मौत मामले को लेकर जिन पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया था वे दोनों अभी अलग अलग थाने में काम कर रहे हैं.

आये दिन वे दोनों पुलिस कर्मी उन्हें केस को लेकर डराते धमकाते हैं. विधवा बलुन बेवा ने एसपी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. बता दें कि विगत 14 जुलाई को एक दुष्कर्म के मामले में राजमहल थाना क्षेत्र के समस्तीपुर निवासी मंतुज शेख को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था.

16 जुलाई को उसकी संदेहास्पद मौत हिरासत के दौरान ही हो गयी. पुलिस प्रशासन ने लापरवाही बरतने के आरोप में तात्कालीन थाना प्रभारी ब्रह्मदेव चौधरी व एएसआई पवन सिंह को निलंबित कर दिया था. अब इनमें से एक ब्रह्मदेव चौधरी को रांगा थाना प्रभारी बनाया गया है और दूसरा पवन सिंह को जिरवाबाड़ी थाने में ड्यूटी दी गयी है. सोमवार को बलुन अपने पिता व चार बच्चों के साथ थाने में पहुंची थी.

बलुन ने दुहराया घटना को: मंतुज की विधवा बलुन बेवा ने आवेदन में फिर से घटना को दुहराया है. कहा है कि किसी दुष्कर्म मामले में 14 जुलाई को पुलिस ने पूछताछ के लिए उनके पति को राजमहल थाना लाया गया था. इसी दौरान पुलिस कर्मियों ने पीट पीट कर उनके पति की हत्या कर दी. कहा है कि 14 जुलाई को ही उनके पति से पुलिस पदाधिकारियों ने 50 हजार रुपये की डिमांड की थी. कहा था कि 50 हजार रुपये देने पर उसे केस से बचा लेंगे.

इस मांग को लेकर उसे छोड़ भी दिया था. 50 हजार रुपया नहीं देने पर पुन: 15 जुलाई को पुलिस उसके घर आयी और मंतुज को उठा कर ले गयी. 15 जुलाई को ही मंतुज ने कहा था कि ब्रह्मदेव व पवन सिंह उन्हें बहुत पीटते हैं. कहीं से भी 50 हजार रुपये व्यवस्था कर ला दो वरना ये लोग उसे मार देंगे. बलुन ने इस बात को समाज के समक्ष रखा. समाज के लोग 16 जुलाई को शाम छह बजे थाने पहुंचे तो थाना प्रभारी ने उससे कटाक्ष किया कि उसके पति को छोड़ दिया गया है.

बकझक के बाद थाना प्रभारी ने कहा मंतुज की मौत हो गयी है जो करना है कर लो. बलुन ने यह भी कहा है कि इस हत्या के बाद तो एसपी ने दोनों पुलिस अधिकारियों को निलंबित तो कर दिया. लेकिन इन दिनों दोनों पुलिस पदाधिकारी किसी अन्य थाने में काम कर रहे हैं और उन्हें डरा धमका रहे हैं. क्योंकि केस अभी भी चल रहा है.

बलुन ने इन्हें भी भेजा है आवेदन

मंतुज की विधवा ने एसपी सहित जिले के उपायुक्त, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, अध्यक्ष राष्ट्रीय महिला आयोग भारत सरकार, अध्यक्ष राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत सरकार, राज्यपाल, मुख्य सचिव, गृह विभाग सचिव, अध्यक्ष राज्य महिला आयोग, अध्यक्ष अल्पसंख्यक महानिदेशक, आयुक्त संताल परगना महानिरीक्षक संताल परगना दुमका, उपमहानिरीक्षक संताल परगना दुमका से न्याय का गुहार लगायी है.

महिला के आरोपों की होगी जांच

एसपी पी मुरुगन ने कहा है कि हिरासत में मंतुज की मौत मामले की जांच हो रही है. मामला अभी न्यायालय में चल रहा है. न्यायालय के निर्णय का इंतजार है. उधर निलंबन एक प्रक्रिया है.

क्योंकि निलंबन के बाद बहुत दिन तक बिना काम लिये नहीं रखा जा सकता. इस कारण दाेनों को विभिन्न थानों की जिम्मेवारी दी गयी है. उधर महिला बलुन बेवा ने जो भी आरोप लगाये हैं उसकी पूरी जांच की जायेगी. इसमें यदि दोनों दोषी पाये जाते हैं तो फिर से विभागीय कार्रवाई की जायेगी.

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