ढोल-नगाड़े के साथ निकली कलश यात्रा

Updated at : 28 Sep 2017 5:27 AM (IST)
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ढोल-नगाड़े के साथ निकली कलश यात्रा

दुर्गोत्सव. धूमधाम से हुई नवरात्र की सप्तमी पूजा साहिबगंज : दुर्गा पूजा के सातवें दिन बुधवार की सुबह गंगा घाट पर कला बोउ की पूजा अर्चना की गयी. कला बोउ पूजन के साथ ही वैदिक मंत्रोचार के साथ नवपत्रिका की पूजा कर देवी का आह्वान किया गया. शहर से सटे गंगा के घाट पर एकता […]

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दुर्गोत्सव. धूमधाम से हुई नवरात्र की सप्तमी पूजा

साहिबगंज : दुर्गा पूजा के सातवें दिन बुधवार की सुबह गंगा घाट पर कला बोउ की पूजा अर्चना की गयी. कला बोउ पूजन के साथ ही वैदिक मंत्रोचार के साथ नवपत्रिका की पूजा कर देवी का आह्वान किया गया. शहर से सटे गंगा के घाट पर एकता व संस्कृति की झलक देखने को मिली.
आज हुई कालरात्रि की पूजा : दुर्गा पूजा के सातवें दिन बुधवार को आदिशक्ति के कालरात्रि रूप का पूजा हुई. शास्त्र के अनुसार ये काल का नाश करने वाली हैं. इसलिए इन्हें कालरात्रि कहा जाता है. देवी का यह स्वरूप मृत्यु को भी परास्त करने वाला है. मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है. भक्तों का सदैव शुभ फल प्रदान करने वाली होती हैं. इसलिये इन्हें शुभकरी भी कहा जाता है. शहर के दुर्गा पूजा पर बंगला संस्कृति की छाप आज भी साफ झलकती है.
शहर के आधा दर्जन दुर्गा पूजा मंडप में बंगला विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा अर्चना होती है.
बंगाल से आता है ढाकी : पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में सालों से बंगाली रीति-रिवाज से मां दुर्गा की पूजा अर्चना होती है. यहां सबसे पहले बंगाली समुदाय के किरतन रक्षित ने 1890 में मां दुर्गा की पूजा शुरू करायी थी. यहां की पूजा में बंगाली संस्कृति की झलक दिखाई पड़ती है. बंगाल से मां के आगमन पर ढाक वाले मंगाये जाते है. पुरोहित भी बंगाली समुदाय से है.
बंगाल से आते हैं पुरोहित: पश्चिमी बंगाल से सटा होने के कारण सभी पंडालों में बंगला संस्कृति की झलक साफ दिखती है. पंडालों में बंगाल के पुरोहित ही पूजन के लिये बुलाये जाते है. सभी पूजा पंडालों में षष्ठी से ही माता रानी के दर्शन के लिये कपाट खोल दिये गये हैं.
बोरियो में भी निकली शोभा यात्रा
बोरियो. शारदीय नवरात्र की सप्तमी पूजा को लेकर बुधवार को मोरंग नदी तट से पुराना दुर्गा मंदिर एवं तेली टोला दुर्गा मंदिर से विधिवत रीति रिवाज के साथ श्रद्धालुओं ने वारी कलश शोभा यात्रा निकाली गयी. जो विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए मंदिर परिसर पहुंची. पुराना दुर्गा मंदिर के वारी कलश यात्रा में जहां लगभग 15 हजार श्रद्धालु शामिल हुए, वहीं तेलो टोला दुर्गा मंदिर की यात्रा में लगभग 10 हजार श्रद्धालओं ने भाग लिया. इसके अलावे सैकड़ों श्रद्धालु मोरंग नदी तट से दंडवत देते हुए मंदिर परिसर पहुंचे. मौके पर बोरियो थाना प्रभारी सुशील कुमार के नेतृत्व में विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस बल सुरक्षा में लगे रहे. मौके पर पूजा कमेटी के विक्रमादित्य सेन, श्रीकांत रक्षित, मिठू दत्ता, निताय मंडल, मनोज दास, सुमन कुमार, अमित कुमार, भोला दे, अमित रक्षित सहित अन्य उपस्थित थे.
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