पीजीटी परीक्षा में गड़बड़ी की सीबीआइ जांच का आग्रह, हाइकोर्ट ने मांगा जवाब

Updated at : 07 Jun 2024 12:28 AM (IST)
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पीजीटी परीक्षा में गड़बड़ी की सीबीआइ जांच का आग्रह, हाइकोर्ट ने मांगा जवाब

बोकारो के श्रेया डिजिटल केंद्र से 481 अभ्यर्थियों के चयन करने का मामला

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रांची (राणा प्रताप). झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने 3120 स्नातकोत्तर प्रशिक्षित (पीजीटी) शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 का आयोजन किया था. उक्त परीक्षा में अभ्यर्थियों ने भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया था. इस मामले को लेकर बीरेंद्र कुमार सिंह व अन्य की ओर से झारखंड हाइकोर्ट में याचिका दायर कर गड़बड़ी की सीबीआइ जांच की मांग की गयी है. उक्त याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने जेएसएससी को निर्देश दिया कि इस रिट याचिका के लंबित रहने के दौरान कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के डिजिटल डाटा के साथ-साथ प्रश्न/उत्तर व रिस्पोंस कुंजी को सुरक्षित रखा जाये. अदालत ने राज्य सरकार व जेएसएससी के अधिवक्ता को निर्देश लेकर चार सप्ताह के अंदर जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा. मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता मनोज टंडन ने पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि पीजीटी शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा सीबीटी मोड में ली गयी थी. इसमें भारी गड़बड़ी की गयी है. एक प्रार्थी रूपा मंडल ने 11 दिसंबर 2023 को जेएसएससी के परीक्षा नियंत्रक को अपना आवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ यह भी कहा गया कि वह 24 अगस्त 2023 को परीक्षा में शामिल हुई थी और कम से कम 11 प्रश्नों के उत्तर बदल दिये गये थे. इसके लिए उसने आयोग के समक्ष अभ्यावेदन दायर किया था. अधिवक्ता श्री टंडन ने यह भी कहा कि जेएसएससी द्वारा एक सेंटर श्रेया डिजिटल केंद्र, बोकारो से 481 अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया है, जिससे पता चलता है कि परीक्षा पहले से ही फिक्स थी. उन्होंने पूरे मामले की जांच सीबीआइ से कराने का आग्रह किया. वहीं, सीबीआइ के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सीबीआइ की कार्रवाई तभी होगी, जब यह अदालत या राज्य सरकार की ओर से सीबीआइ को यह मामला सौंप दिया जायेगा. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी बीरेंद्र कुमार सिंह व अन्य की ओर से याचिका दायर कर पीजीटी शिक्षक नियुक्ति में हुई गड़बड़ियों की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की गयी है. यह है मामला : जेएसएससी ने 11 विषय में 3120 स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया वर्ष 2023 में शुरू की थी. उक्त परीक्षा सीबीटी मोड में अगस्त माह से शुरू हुई थी. नवंबर 2023 में चार विषयों तथा अभ्यर्थियों के आंदोलन के बाद नाै मार्च 2024 को सात विषयों का रिजल्ट जारी किया गया. परीक्षा में भारी गड़बड़ी का आरोप लगा. प्रश्न व उत्तर आयोग द्वारा जबलिंग भी किया गया. इस कारण अभ्यर्थियों द्वारा दिये गये कई प्रश्नों के उत्तर भी बदल गये. इतना ही नहीं सिर्फ श्रेया डिजिटल केंद्र, बोकारो से ही 481 अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया है, वह भी क्रमवार अभ्यर्थी चयनित किये गये हैं.

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