रांची के सरस मेला में लगा योगदा सत्संग का आध्यात्मिक स्टॉल, बना आकर्षण का केंद्र

रांची के सरस मेले में लगा योगदा सत्संग का स्टॉल. फोटो: प्रभात खबर
Saras Mela: झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों सरस मेला लगा है. इस मेले में विभिन्न कंपनियों और उत्पादों के स्टॉल लगे हैं. इसी मेले में योगदा सत्संग सोसाइटी का आध्यात्मिक स्टॉल भी लगाया गया है, जो आकर्षण का केंद्र बना है. यहां परमहंस योगानन्द की शिक्षाओं, क्रिया योग और ध्यान विधियों की जानकारी दी जा रही है. ‘योगी कथामृत’ समेत कई भाषाओं में साहित्य उपलब्ध है, जिससे लोग आत्मिक शांति और विकास की ओर प्रेरित हो रहे हैं. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
Saras Mela: रांची के सरस मेला में इस बार योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया (वाईएसएस) द्वारा लगाया गया आध्यात्मिक साहित्य स्टॉल लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इस स्टॉल के माध्यम से परमहंस योगानन्द की शिक्षाओं और क्रिया योग की विधियों को जनसाधारण तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.
परमहंस योगानन्द की शिक्षाओं का प्रसार
यह स्टॉल विशेष रूप से महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि रांची वही स्थान है, जहां परमहंस योगानन्द को क्रिया योग के वैश्विक प्रसार की प्रेरणा मिली थी. वाईएसएस इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए लोगों को ध्यान और आत्मिक विकास की दिशा में प्रेरित कर रहा है.
‘योगी कथामृत’ सहित बहुभाषीय साहित्य उपलब्ध
स्टॉल पर परमहंस योगानन्द की प्रसिद्ध पुस्तक “योगी कथामृत” (ऑटोबायोग्राफी ऑफ अ योगी) समेत कई आध्यात्मिक ग्रंथ उपलब्ध हैं. हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ जैसी विभिन्न भाषाओं में साहित्य उपलब्ध होने से देशभर के लोग अपनी सुविधा अनुसार इन शिक्षाओं का लाभ उठा सकते हैं.
ध्यान का प्रत्यक्ष अनुभव दे रहा स्टॉल
स्टॉल पर आने वाले आगंतुकों को ध्यान की विधियों का संक्षिप्त अनुभव भी कराया जा रहा है. इससे लोग ध्यान की शक्ति और उसके सकारात्मक प्रभाव को प्रत्यक्ष रूप से समझ पा रहे हैं. यह अनुभव खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है, जो पहली बार ध्यान की ओर आकर्षित हो रहे हैं.
क्रिया योग के वैज्ञानिक अभ्यास की जानकारी
वाईएसएस द्वारा क्रिया योग की व्यवस्थित और वैज्ञानिक विधियों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है. इच्छुक लोगों को होम-स्टडी पाठ्यक्रम (लेसन) के माध्यम से इन तकनीकों को सीखने का अवसर प्रदान किया जा रहा है. यह पाठ्यक्रम साधकों को अपने घर पर ही नियमित अभ्यास करने में मदद करता है.
आध्यात्मिक साधना से जीवन में सकारात्मक बदलाव
क्रिया योग और ध्यान के अभ्यास से आंतरिक शांति, मानसिक संतुलन और भावनात्मक स्थिरता प्राप्त होती है. आज के तनावपूर्ण जीवन में ये साधनाएं लोगों को आत्मिक संतोष और स्पष्टता प्रदान करने में सहायक साबित हो रही हैं.
वाईएसएस स्टॉल पर मिल रहा मार्गदर्शन
स्टॉल पर मौजूद स्वयंसेवक और सदस्य आगंतुकों को परमहंस योगानन्द की शिक्षाओं, ध्यान विधियों और क्रिया योग के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं. साथ ही इच्छुक लोगों को वाईएसएस के पाठ्यक्रम से भी परिचित कराया जा रहा है.
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आध्यात्मिक जागरूकता का प्रेरणादायी मंच
यह स्टॉल न केवल आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार कर रहा है, बल्कि लोगों को जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित भी कर रहा है. रांची सरस मेला में वाईएसएस की यह पहल आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मविकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है.
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लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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