क्रांति व शांति दोनों का प्रतीक है सरना झंडा
Published by : PAWAN KUMAR SAHU Updated At : 24 May 2026 9:56 PM
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प्रखंड के फतेहपुर मुंडाटोली में पांचवीं झंडागड़ी व प्रार्थना सभा आयोजित की गयी.
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प्रतिनिधि, लापुंग.
प्रखंड के फतेहपुर मुंडाटोली में पांचवीं झंडागड़ी व प्रार्थना सभा आयोजित की गयी. अध्यक्षता बुधवा पहान व पवन बरला ने की. बुधवा पहान ने विधि पूर्वक पूजा करायी. इसके बाद मीनू कच्छप, सोमरा मुंडा व एतवा पहान ने संयुक्त रूप से झंडागड़ी की. केंद्रीय उपाध्यक्ष सोमे उरांव ने कहा कि क्रांति व शांति दोनों का प्रतीक है सरना झंडा. मुख्य अतिथि कर्रा निवासी जयमंगल मुंडा ने कहा कि जल, जंगल व जमीन बचेगी, तभी सरना धर्म बचेगा. उन्हें सभी लोगों से अपनी परंपरा बचाकर रखने की अपील की. झंडागड़ी के दौरान सिंगबोंगा चाला आयो और जय धर्मेश के जयकारे से सरना स्थल गूंज उठा. लोगों ने राष्ट्रीय जनगणना व सरना धर्म कोड की चर्चा की. मंगरा मुंडा ने कहा आदिवासियों को शिक्षित होना जरूरी है. साथ ही सरना धर्मावलंबी विकट परिस्थिति में भी दूसरे धर्म को अपनाने से बचें. अनेक गांव की मंडलियों ने सरना भजन प्रस्तुत किया. मुख्य वक्ता मुखिया सबिता उरांव, जयंत बरला, नसीम आलम, जयंती उरांव, नीरज मुंडा, सोमरा मुंडा, मंगरा मुंडा, मासी गुडिया, बढैया मुंडा, सनिका सांगा, मीनू कच्छप, सनिका मुंडा, गैना कच्छप ने भी अपनी बातें कही. मौके पर मंगरा बरला, प्रताप बरला, धूमा बरला, सुनील बरला, शमीम बरला. मुंडा मुंडा, गूजा बरला व ग्रामीण मौजूद थे.फतेहपुर में पांचवीं झंडागड़ी सह प्रार्थना सभाB
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