रांची में बोरिंग कराने से पहले करनी होगी जेब ढीली, 2500 रुपये की NOC के साथ घर में वाटर हार्वेस्टिंग भी जरूरी

रांची में चापानल बोरिंग के लिए अब देना होगा 2500 रुपये, Pic Credit- AI, Only For Symbolism
रांची नगर निगम क्षेत्र में बोरिंग कराने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब बोरिंग से पहले 2500 रुपये का एनओसी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य होगा। भूजल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।
रांची से उत्तम महतो की रिपोर्ट
रांची : राजधानी रांची में अब बोरिंग कराना पहले की तरह आसान नहीं होगा. नगर निगम क्षेत्र में चार इंच का बोरिंग कराने से पहले भवन मालिक को नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना होगा. इसके लिए 2500 रुपये शुल्क भी जमा करना होगा. शुल्क जमा करने के बाद ही नगर निगम बोरिंग की अनुमति देगा. नगर निगम ने एनओसी के साथ एक और महत्वपूर्ण शर्त जोड़ी है. इसके तहत बोरिंग की अनुमति लेने वाले प्रत्येक भवन मालिक को अपने परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण करना होगा. निगम का मानना है कि लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देना जरूरी है. इसी उद्देश्य से बोरिंग की अनुमति को रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़ा गया है. ज्ञात हो कि एक माह पहले नगर निगम में सभी बोरिंग मशीन संचालकों की बैठक हुई थी. इस बैठक के दौरान बोरिंग की एनओसी के लिए 5000 शुल्क का निर्धारण किया गया था. लेकिन निगम बोर्ड की बैठक में इस शुल्क को ज्यादा बताते हुए इसे पांच हजार के बजाय 2500 कर दिया गया.
बिना एनओसी बोरिंग कराने पर होगी कार्रवाई
नये नियमों में निगम ने यह प्रावधान किया है कि बिना एनओसी के बोरिंग कराना नियमों का उल्लंघन माना जायेगा. ऐसे मामलों में बोरिंग करने वाली मशीन को जब्त किया जायेगा. साथ ही संबंधित भवन मालिक के खिलाफ भी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है. निगम का कहना है कि नियमों का कड़ाई से पालन कराया जायेगा.
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सालभर में कितने बोरिंग हुए
नगर निगम इस नयी व्यवस्था के जरिये अपने क्षेत्र में होनेवाली सभी बोरिंग का रिकॉर्ड भी तैयार करेगा. एनओसी की प्रक्रिया लागू होने के बाद यह जानकारी उपलब्ध होगी कि एक साल में नगर निगम क्षेत्र में कितनी नयी बोरिंग करायी गयी. इससे भूजल दोहन पर निगरानी रखने और भविष्य की जल संरक्षण योजनाएं तैयार करने में भी मदद मिलेगी.
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By समीर उरांव
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