Ranchi News: शिवलोक धाम मरासिल्ली पहाड़ पर नागा साधु महंत लाल गिरी को सांप ने डंसा, हो गई मौत

Ranchi News: इसी सांप ने महंत लालगिरी को डंसा, जिससे उनकी मौत हो गई. फोटो : प्रभात खबर
Ranchi News: रांची के नामकुम स्थित मरासिल्ली पहाड़ पर एक नागा साधु की सर्पदंश से मौत हो गई. साधु का नाम महंत लालगिरी था. लोगों ने सांप को पकड़ लिया है.
Ranchi News|नामकुम (रांची), राजेश वर्मा : झारखंड की राजधानी रांची के मरासिल्ली पहाड़ पर नागा साधु महंत लालगिरी को सांप ने डंस लिया. महंत लालगिरी की मृत्यु हो गई है. स्थानीय लोगों ने उन्हें डंसने वाले सांप को पकड़ लिया है. बता दें कि नामकुम के मरासिल्ली पहाड़ को शिवलोक धाम के नाम से जाना जाता है.
Ranchi News: बाएं हाथ की बीच वाली उंगली में सांप ने काटा
नामकुम थाना क्षेत्र के राजा उलातू के उनीडीह स्थित शिवलोक धाम मरासिल्ली पहाड़ पर रहने वाले नागा साधु शनिवार की रात जमीन पर सो रहे थे. इसी दौरान बाएं हाथ की बीच वाली उंगली में जहरीले सांप ने काट लिया. इसकी वजह से महंत लाल गिरी की मौत हो गई.
ट्रस्ट के सदस्यों एवं स्थानीय लोगों में शोक की लहर
घटना की जानकारी मिलते ही राजधानी रांची के शिवलोक धाम मरासिल्ली पहाड़ ट्रस्ट के सदस्यों एवं स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई. जानकारी के अनुसार, साधु काफी दिनों से पहाड़ पर रह रहे थे. बीच-बीच में अन्य जगहों पर भी आना-जाना करते थे. तीन दिन पहले ही पहाड़ पर लौटे थे.
रात के 3 बजे बिगड़ी साधु की हालत, कार्तिक को बुलाया
बताया जाता है कि शनिवार की रात शिवलोक धाम में बने कमरे में जमीन पर बिस्तर बिछाकर सो गए थे. रात 3 बजे उनकी हालत बिगड़ने पर उन्होंने पहाड़ के नीचे दुकान चलाने वाले कार्तिक को फोन किया. कहा कि तबीयत ठीक नहीं लग रही है. सांप ने काट लिया है. जल्दी आओ.
झाड़-फूंक शुरू होने से पहले ही हो गई साधु की मौत
कार्तिक एक अन्य साथी को लेकर पहाड़ पर चढ़ रहा था. तभी रास्ते में महंत लाल गिरी मिले. आनन-फानन में कार्तिक उन्हें लेकर राजाउलातू चौक पहुंचा. झाड़-फूंक शुरू होने से पहले ही साधु गिर गए. वहीं उनकी मौत हो गई.
कमरे में मिला जहरीला सांप, स्थानीय लोगों ने पकड़ा
घटना की सूचना मिलने पर ट्रस्ट के सदस्य एवं स्थानीय लोग पहाड़ पर पहुंचे. उन्होंने महंत लाल गिरी के कमरे की जांच की, तो उसमें एक जहरीला सांप मिला. इस सांप को सांप पकड़ने वाले स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची एवं मामले की जांच शुरू कर दी.
अंतिम दर्शन के लिए जुटे लोग
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में मातम पसर गया. साधु को मानने वाले लोग दूर-दूर से उनके अंतिम दर्शन के लिए शिवलोक धाम पहुंचे. साधु को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए आ रहे लोगों ने उनके शव पर फूल-माला भी चढ़ाए.
लातेहार के रहनेवाले थे महंत लाल गिरी
नागा साधु महंत लाल गिरी बाबा मूल रूप से लातेहार के रहने वाले थे. वह अलग-अलग जगहों पर भ्रमण करते रहते थे. शिवलोक धाम मरासिल्ली पहाड़ पर काफी दिनों से रह रहे थे. मरासिल्ली पहाड़ आने से पहले नामकुम रेलवे क्रॉसिंग के समीप स्थित मुक्तिधाम के मंदिर एवं शनि मंदिर में रहते थे.
इसे भी पढ़ें
रांची का मरासिल्ली पहाड़ बनेगा प्रसिद्ध तीर्थस्थल, सांसद संजय सेठ ने विवाह मंडल का किया शिलान्यास
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




