Ranchi: 292 करोड़ के रवींद्र भवन का 8 साल लंबा इंतजार फिर बढ़ा, सरकार की हरी झंडी का इंतजार
Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 12 May 2026 4:42 PM
रवींद्र भवन रांची की AI निर्मित तस्वीर
Ranchi: रांची में 292 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रवींद्र भवन परियोजना के उद्घाटन का इंतजार एक बार फिर बढ़ गया है. करीब 8 साल बाद भी सरकार की ओर से इसकी अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी है. पूरी रिपोर्ट नीचे पढ़ें...
विवेक चंद्रा
Ranchi: राजधानी रांची को सांस्कृतिक पहचान देने के उद्देश्य से बनाया गया बहुप्रतीक्षित रवींद्र भवन आठ साल बाद भी उद्घाटन का इंतजार कर रहा है. वर्ष 2017 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन पहले 15 नवंबर 2025 को झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर होना था, लेकिन भवन परिसर में स्थापित प्रतिमा को लेकर उठे विवाद के कारण कार्यक्रम टाल दिया गया था. इसके बाद प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार से नयी प्रतिमा बनवायी गयी और उसे अधिष्ठापित भी कर दिया गया. नयी प्रतिमा लगने के बाद उद्घाटन का रास्ता साफ माना जा रहा था, लेकिन अब तक तिथि घोषित नहीं हो सकी है.
9 मई को उद्घाटन की थी उम्मीद
लोगों को उम्मीद थी कि इस बार नौ मई को रवींद्र जयंती पर भवन का लोकार्पण कर दिया जायेगा, लेकिन इस बार भी उद्घाटन नहीं हो सका. सरकारी स्तर पर भवन को पूरी तरह तैयार बताया जा रहा है. अंतिम साज-सज्जा और परिसर सौंदर्यीकरण का काम भी पूरा हो चुका है. लंबे समय से कलाकारों, साहित्यकारों और सांस्कृतिक संगठनों को सरकार की ओर से उद्घाटन तिथि की घोषणा का इंतजार है.
2017 में शुरू हुआ था निर्माण
रवींद्र भवन का शिलान्यास 2 अप्रैल 2017 को किया गया था. इसका निर्माण कार्य जुडको को सौंपा गया था. शुरुआत में इस परियोजना की लागत 155 करोड़ रुपये तय की गयी थी, लेकिन वर्षों तक चले निर्माण कार्य, तकनीकी अड़चनों और बार-बार टेंडर प्रक्रिया प्रभावित होने के कारण इसकी लागत बढ़कर करीब 292 करोड़ रुपये पहुंच गयी. यानी परियोजना पर अनुमानित लागत से करीब 137 करोड़ रुपये अधिक खर्च हुए.
ऑडिटोरियम की क्षमता 1500 लोगों की
राज्य सरकार ने रवींद्र भवन को राजधानी का सबसे बड़ा सांस्कृतिक केंद्र बनाने की योजना के तहत विकसित किया है. यह पूर्वी भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक परिसरों में शामिल माना जा रहा है. भवन में करीब 1500 लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बनाया गया है, जहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के नाटक, संगीत समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम और साहित्यिक आयोजन कराये जा सकेंगे.
कलाकारों के लिए अभ्यास कक्ष भी मौजूद
इसके अलावा भवन में पुस्तकालय, कला दीर्घा, प्रदर्शनी कक्ष, सेमिनार हॉल और कलाकारों के लिए अभ्यास कक्ष भी बनाये गये हैं. ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था अत्याधुनिक तकनीक से लैस है. कला एवं संस्कृति विभाग की योजना यहां नियमित रूप से नाटक महोत्सव, पुस्तक मेले, चित्रकला प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यशालाएं आयोजित करने की है.
रवींद्र भवन : एक नजर में
- शिलान्यास : 2 अप्रैल 2017
- निर्माण एजेंसी : जुडको
- प्रारंभिक लागत : 155 करोड़ रुपये
- वर्तमान अनुमानित लागत : करीब 292 करोड़ रुपये
- अतिरिक्त खर्च : करीब 137 करोड़ रुपये
- क्षमता : 1500 सीटों वाला ऑडिटोरियम
- विशेषता : पूर्वी भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल
- सुविधाएं : पुस्तकालय, कला दीर्घा, प्रदर्शनी कक्ष, सेमिनार हॉल, अभ्यास कक्ष
- मौजूदा स्थिति : भवन तैयार. उद्घाटन बाकी.
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अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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