शुभेंदु अधिकारी के स्वागत में आधी रात को मना जश्न, दीपावली जैसा नजारा, जमकर उड़े गुलाल

Published by :Mithilesh Jha
Published at :11 May 2026 10:04 PM (IST)
विज्ञापन
Suvendu Adhikari Celebration Kanthi Purba Medinipur West Bengal News

Suvendu Adhikari Celebration Kanthi: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शपथ ग्रहण के बाद आधी रात को अपने पैतृक घर कांथी पहुंचे. माता-पिता का आशीर्वाद लेने के साथ ही उन्होंने हजारों समर्थकों के साथ जीत का जश्न मनाया. देखें कांथी के उत्सव की विशेष रिपोर्ट.

विज्ञापन

Suvendu Adhikari Celebration Kanthi: पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शपथ ग्रहण के बाद पहली बार देर रात अपने पैतृक निवास कांथी (Kanthi) पहुंचे, तो वहां का नजारा ऐसा था मानो दीपावली हो. जैसे ही ‘मेदिनीपुर के बेटे’ का काफिला आधी रात को कांथी की सीमा में दाखिल हुआ, पूरा इलाका ‘जय श्रीराम’ और ‘वंदे मातरम’ से गूंज उठा.

आधी रात को कांथी की सड़कों पर जनसैलाब

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य शपथ ग्रहण समारोह के बाद शुभेंदु सीधे अपने माता-पिता का आशीर्वाद लेने घर पहुंचे. कांथी की सड़कों पर आधी रात को भी जनसैलाब ऐसा था, मानो पूरा शहर सोयी नहीं, बल्कि अपने ‘नायक’ के स्वागत का इंतजार कर रहा था.

शंख ध्वनि और आतिशबाजी, कांथी में मिनी दीपावली

शुभेंदु अधिकारी के स्वागत के लिए कांथी में अभूतपूर्व इंतजाम थे. महिलाओं ने शंख बजाकर और तिलक लगाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया. कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को केसरिया गुलाल से सराबोर कर दिया.

इसे भी पढ़ें : नंदीग्राम की सीट छोड़ देंगे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी? हाई-प्रोफाइल सीट से कौन लड़ेगा उपचुनाव?

मेरे बेटे ने बहुत संघर्ष किया : शिशिर अधिकारी

शुभेंदु ने अपने घर पहुंचकर पिता शिशिर अधिकारी और माता गायत्री देवी के पैर छुए. पिता शिशिर अधिकारी ने कहा- यह मेदिनीपुर की मिट्टी की जीत है. मेरे बेटे ने बहुत संघर्ष किया है और आज बंगाल की जनता ने उसे सही जिम्मेदारी सौंपी है.

Suvendu Adhikari Celebration Kanthi: आधी रात का जश्न

आधी रात को भी आसमान आतिशबाजी की रोशनी से नहाया हुआ था. मिठाई की दुकानें खुली थीं और लोगों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर डांस किया.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

शुभेंदु का संदेश- यह मेरी नहीं, आपकी जीत है

जश्न में शामिल समर्थकों को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा- मैं कांथी की जनता का ऋणी हूं, जिन्होंने मुझे संघर्ष की ताकत दी. यह जीत बंगाल के हर उस गरीब और शोषित इंसान की है, जो बदलाव की राह देख रहा था. मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनका पहला लक्ष्य राज्य में कानून-व्यवस्था को बहाल करना और विकास को गति देना है. नयी सरकार बिना किसी भेदभाव के हर बंगाली के लिए काम करेगी. ‘प्रतिशोध की राजनीति’ का अंत होगा.

इसे भी पढ़ें : बंगाल में आज से आयुष्मान योजना लागू, जानें शुभेंदु कैबिनेट की पहली बैठक में किन 6 एजेंडों पर लगी मुहर

मेदिनीपुर बना सत्ता का नया केंद्र

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुभेंदु के मुख्यमंत्री बनने से बंगाल की सत्ता का केंद्र अब कोलकाता से खिसककर मेदिनीपुर की ओर भी झुका है. कांथी में हुए इस ‘मिडनाइट सेलिब्रेशन’ ने साबित कर दिया कि शुभेंदु की पकड़ अपने इलाके में कितनी मजबूत है. 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत (207 सीटें) के पीछे मेदिनीपुर और आसपास के जिलों का बड़ा योगदान रहा है.

कांथी का संदेश- नयी दिशा में बढ़ चुका है बंगाल

कांथी की शांतिपूर्ण लेकिन जोशीली सड़कों ने यह संदेश दे दिया है कि बंगाल अब एक नयी दिशा में कदम बढ़ा चुका है. मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु का अपने घर आना न केवल समर्थकों के लिए उत्सव थी, बल्कि विरोधियों के लिए भी एक बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन था.

इसे भी पढ़ें

कौन हैं नंदीग्राम के ‘जायंट किलर’ शुभेंदु अधिकारी, जिन्होंने ममता बनर्जी को 2 बार हराया और ढाह दिया टीएमसी का अभेद्य किला

सत्ता के शिखर पर तो पहुंच गये शुभेंदु अधिकारी, क्या बन पायेंगे ज्योति बसु और ममता बनर्जी जैसे जननायक?

ममता बनर्जी 31 सीटों पर ‘वोटर लिस्ट’ को सुप्रीम कोर्ट में देंगी चुनौती, क्या बदल जायेंगे बंगाल के चुनाव परिणाम?

13 साल बाद राइटर्स बिल्डिंग लौटेगा बंगाल सचिवालय, बीबीडी बाग के छोटे दुकानदारों की चमकेगी किस्मत

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola