पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे मनीष रंजन, पत्र भेज कर मांगा तीन सप्ताह का समय
Published by :Prabhat Khabar News Desk
Published at :25 May 2024 12:24 AM (IST)
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Birsa Munda
तत्कालीन ग्रामीण विकास सचिव मनीष रंजन ने शुक्रवार को पूछताछ के लिए हाजिर होने के बदले तीन सप्ताह का समय मांगा है. उन्होंने इसका आधार प्रधानमंत्री की झारखंड यात्रा के दौरान ‘ब्ल्यू बुक’ के अनुसार सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और प्रोटोकॉल में गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए गठित कमेटी में शामिल होना बताया गया है.
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विशेष संवाददाता(रांची).
तत्कालीन ग्रामीण विकास सचिव मनीष रंजन ने शुक्रवार को पूछताछ के लिए हाजिर होने के बदले तीन सप्ताह का समय मांगा है. उन्होंने इसका आधार प्रधानमंत्री की झारखंड यात्रा के दौरान ‘ब्ल्यू बुक’ के अनुसार सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और प्रोटोकॉल में गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए गठित कमेटी में शामिल होना बताया गया है. इडी ने फिलहाल उनके पत्र पर कोई फैसला नहीं किया है. हालांकि, एक-दो दिनों में दूसरा समन जारी होने की उम्मीद है. ग्रामीण विकास विभाग में कमीशनखोरी की जांच के दौरान मिले तथ्यों के आलोक में इडी ने समन जारी कर मनीष रंजन को 24 मई को पूछताछ के लिए हाजिर होने का निर्देश दिया था. शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे राजस्व विभाग के कर्मचारी के माध्यम से मनीष रंजन ने इडी को अपना पत्र भेजा. इसमें उन्होंने 24 मई को पूछताछ के लिए हाजिर होने में असमर्थता जतायी है. साथ ही हाजिर होने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा. इसके लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री की यात्रा में कोई गड़बड़ी नहीं हो, इसके लिए गठित समिति में शामिल होना बताया है. बता दें कि 28 मई को दुमका में प्रधानमंत्री की यात्रा प्रस्तावित है. इसकी तैयारियों पर नजर रखने और रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी है. उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने इस कमेटी का गठन एक मार्च 2024 की प्रस्तावित यात्रा के लिए किया था.तीन साल तक सचिव के रूप में काम किया है मनीष रंजन ने :
मनीष रंजन ने तीन साल तक ग्रामीण विकास सचिव के रूप में काम किया है. इडी को जानकारी मिली है कि उनके कार्यकाल में भी विभाग में बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी हुई है. इडी ने इस मामले में सबसे पहले मुख्य अभियंता बीरेंद्र राम को गिरफ्तार किया था. इसके बाद मनी लाउंड्रिंग के आरोप में बीरेंद्र के सीए मुकेश मित्तल सहित उससे संबंधित लोगों को गिरफ्तार किया. मई 2024 में इडी ने कमीशनखोर के मामले में विभागीय मंत्री आलमगीर आलम, उनके आप्त सचिव संजीव लाल और सहयोगी जहांगीर को गिरफ्तार किया. जहांगीर के घर से 32.20 करोड़ रुपये जब्त किये गये हैं. गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के बाद मिली जानकारी के बाद इडी ने तत्कालीन सचिव मनीष रंजन को समन भेजा है.जहांगीर के घर पर दूसरी बार इडी का छापा :
इडी ने जहांगीर आलम के घर पर शुक्रवार को दूसरी बार छापा मारा. इडी की टीम दोपहर बाद जहांगीर के घर पर दूसरी बार पहुुंची. इससे पहले इडी ने छह मई को उसके घर पर छापा मारा था. इसमें उसके घर से 32.20 करोड़ रुपये जब्त किये गये थे. रुपयों की थैली में रखी गयी पर्चियों में कई तरह की सूचनाएं लिखी हुई थीं. इसमें रुपये देने वालों के अलावा कमीशन की रकम के बंटवारे का ब्योरा भी था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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