9 साल से चल रही है JSSC CGL Exam की प्रक्रिया, 3 चेयरमैन बदले लेकिन नहीं छंटे संकट के बादल

Published by : Sameer Oraon Updated At : 03 Oct 2024 1:57 PM

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जेएसएससी सीजीएल की नियुक्ति प्रक्रिया 9 साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी. हाल ही में अभ्यर्थियों ने एक बार फिर परीक्षा में धांधली का आरोप लगाया है.

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रांची : जेएसएससी सीजीएल की नियुक्ति प्रक्रिया तकरीबन 9 साल से चल रही मगर अभी तक इस परीक्षा से संकट के बादल नहीं छटे हैं. हर बार नये सिरे से नियुक्ति शुरू हुई लेकिन किसी न किसी कारण वश यह रद्द होता चला गया. इस दौरान तीन चेयरमैन आए और चले गये. अब ये परीक्षा एक बार फिर सुर्खियों में है. इसकी वजह है कि हाल ही संपन्न हुई परीक्षा में एक बार फिर अभ्यर्थियों ने गड़बड़ी का आरोप लगाया है.

क्या कहना है अभ्यर्थियों का

अभ्यर्थियों का कहना है कि 21 और 22 सितंबर को आयोजित जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा में एक बार फिर पेपर लीक हुआ लेकिन इंटरनेट बंद रहने की वजह से तुरंत सामने नहीं आ सका. इसके अलावा परीक्षार्थियों का यह भी कहना है कि सेंट्रल लेवल के सीजीएल प्रश्न पत्र से गणित, रिजनिंग और कंप्यूटर के हू बू हू प्रश्न कॉपी पेस्ट कर दिये गये. इसलिए इस परीक्षा को रद्द कर नये सिरे से परीक्षा ली जाए और इसकी सीबीआई जांच करायी जाए. दूसरी तरफ आयोग किसी तरह के पेपर लीक की घटना को मानने से इनकार कर रहा है. हालांकि झारखंड कर्मचारी आयोग ने जांच कमेटी बना दी है. उनका कहना है कि जब जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक रिजल्ट प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

कब आया था सीजीएल के लिए पहली बार विज्ञापन

बता दें कि इस परीक्षा के लिए पहली बार विज्ञापन साल 2015 में प्रकाशित हुआ था. उस वक्त आवेदन भरने का शुल्क एक हजार रुपये था. 21 अगस्त 2016 को इसका प्री एग्जाम हुआ और अक्टूबर में रिजल्ट प्रकाशित कर दिया गया. लेकिन मुख्य परीक्षा संपन्न नहीं हो सकी और इसे फिर रद्द करना पड़ा. साल 2017 में फिर से आवेदन लिये गये और परीक्षा की संभावित तारीख 2018 रखी गयी. इस बार पदों की संख्या में बढ़ोतरी की गयी. इसके बाद परीक्षा की संभावित तारीख में फिर बदलाव करते हुए 2019 का नवंबर-दिसंबर महीना रखा गया. लेकिन यह परीक्षा भी नहीं हो सकी.

नयी नियुक्ति नियमावली भी बनी पर परीक्षा टलती गयी

इसके बाद नयी सरकार बनी और साल 2021 को नियुक्ति वर्ष रखा गया. नियुक्ति के लिए नई नियमावली भी बनी. इसके बाद उसी साल आवेदन आमंत्रित किया गया. हाईकोर्ट से नियमावली रद्द हो जाने के कारण फिर से परीक्षा को रद्द करना पड़ा. साल 2022 में फिर से इस परीक्षा के लिए आवेदन लिये गये. परीक्षा की संभावित तारीख अगस्त में रखी गयी लेकिन फिर परीक्षा टल गयी. आखिरकार लंबे इतंजार के बाद साल 28 जनवरी 2024 को फिर परीक्षा आयोजित की गयी. लेकिन पेपर लीक हो जाने के कारण इस परीक्षा को रद्द करना पड़ा. छात्रों के प्रदर्शन के बाद इसी साल 21 और 22 सितंबर को परीक्षा आयोजित की गयी लेकिन यह परीक्षा भी अब विवादों में है. इस दौरान कितनों अभ्यर्थियों की उम्र निकल गयी. आवेदकों की संख्या भी बढ़कर साढ़े छह लाख हो गयी फिर भी परीक्षा से संकट के बादल नहीं छंटे.

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लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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