झारखंड शिक्षक नियुक्ति में बड़ी कार्रवाई की तैयारी: दोषी अफसरों पर गिरेगी गाज, अयोग्य शिक्षकों की जाएगी नौकरी!

Published by :Sameer Oraon
Published at :02 May 2026 8:34 PM (IST)
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Jharkhand Teacher Recruitment Case

झारखंड हाईकोर्ट

Jharkhand Teacher Recruitment Case: स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति परीक्षा-2016 की गड़बड़ियों की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने सुनवाई शुरू कर दी है. जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और राज्य सरकार को नियुक्त अभ्यर्थियों के नाम, प्राप्तांक और नियुक्ति तिथि का पूरा विवरण शपथ पत्र के माध्यम से जमा करने का निर्देश दिया है. कमीशन यह जांच करेगा कि क्या कम अंक वाले अभ्यर्थियों को गलत तरीके से नियुक्त किया गया है और क्या सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन हुआ है.

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Jharkhand Teacher Recruitment Case, रांची: झारखंड में वर्ष 2016 की स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने अपनी कार्यवाही शुरू कर दी है. शनिवार को डोरंडा स्थित हाईकोर्ट के पुराने भवन में जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने इस मामले की पहली सुनवाई की. कमीशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को स्टेट मेरिट लिस्ट, नियुक्त अभ्यर्थियों के नाम, उनके प्राप्तांक और नियुक्ति की वास्तविक तिथि का विस्तृत विवरण शपथ पत्र के साथ दाखिल करने का निर्देश दिया है.

क्या है कमीशन की जांच का मुख्य केंद्र?

कमीशन मुख्य रूप से इस बात की पड़ताल करेगा कि क्या जेएसएससी ने सुप्रीम कोर्ट के 2 अगस्त 2022 के आदेश के बाद संशोधित योग्यता सूची सही तरीके से तैयार की थी? जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या याचिकाकर्ताओं से कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को समायोजित किया गया है और क्या अनुपस्थित रहे अभ्यर्थियों की रिक्तियों को कम योग्यता वाले उम्मीदवारों से भरा गया. इसके अलावा, 17,784 विज्ञापित रिक्तियों के मुकाबले केवल 12,046 परिणामों के प्रभावी होने के कारणों की भी जांच होगी.

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दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

सुनवाई के दौरान माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद और जेएसएससी के उप सचिव बशीर अहमद उपस्थित रहे. कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी. इसमें वास्तविक अभ्यर्थियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ अयोग्य अभ्यर्थियों को हटाने और गड़बड़ी के दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय या आपराधिक कार्रवाई करने का प्रावधान शामिल है.

क्या है पूरा मामला

बता दें कि वर्ष 2016 में 17,786 पदों पर बहाली शुरू हुई थी. आरोप है कि जिला और राज्य स्तरीय मेरिट के फेर में सैकड़ों ऐसे अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित रह गए, जिनके अंक कट-ऑफ से अधिक थे. इसी के बाद मीना कुमारी व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने इस जांच कमीशन का गठन किया है. मामले की अगली सुनवाई अब 9 मई को होगी.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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