रूसी वॉरशिप ने ब्रिटेन के पास की फायरिंग, इंग्लिश चैनल में तनाव, भारतीय कप्तान की गिरफ्तारी पर भड़की पुतिन की नेवी?

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वॉरशिप की प्रतीकात्मक तस्वीर. फोटो- कैनवा.

Russian Warship Firing English Channel: इंग्लिश चैनल में रूसी युद्धपोत एडमिरल ग्रिगोरोविच ने ब्रिटिश ध्वज वाली यॉट ब्राइट फ्यूचर को चेतावनी दी, लेकिन इसके बावजूद नौका रास्ता नहीं बदल रही थी, जिसके बाद चेतावनी स्वरूप गोलियां चलाई गईं. यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब रूस की कथित शैडो फ्लीट से जुड़े तेल टैंकर स्मिर्टोस के भारतीय कप्तान अजय पंत पर ब्रिटिश प्रतिबंधों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है.

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Russian Warship Firing English Channel: इंग्लिश चैनल में तनातनी बढ़ रही है. रूस के ‘शैडो फ्लीट’ को जब्त करने और उसके भारतीय कैप्टन को गिरफ्तार करने के बाद, मंगलवार को यहां एक ऐसी घटना घटी, जिसने कुछ समय के लिए समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी. रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एक ब्रिटिश ध्वज वाली यॉट और रूसी युद्धपोत के बीच संभावित टक्कर को टालने के लिए चेतावनी स्वरूप गोलियां चलानी पड़ीं. यह घटना ब्रिटेन के दक्षिणी तट के पास आइल ऑफ वाइट से लगभग 32 किलोमीटर दूर अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में हुई. इसमें रूसी फ्रिगेट ‘एडमिरल ग्रिगोरोविच’ और ब्रिटेन की ‘ब्राइट फ्यूचर’ नाम की एक यॉट शामिल थी. हालांकि, राहत की बात है कि घटना के दौरान यॉट पर मौजूद किसी व्यक्ति के घायल होने या किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली. 

रूस का दावा- यॉट खतरनाक दिशा में बढ़ रही थी

रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि युद्धपोत के चालक दल ने देखा कि ‘ब्राइट फ्यूचर’ ऐसी दिशा में आगे बढ़ रही थी, जिससे वह सीधे युद्धपोत के बेहद करीब पहुंच सकती थी. मंत्रालय के मुताबिक, यॉट के चालक दल से रेडियो के जरिए कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद रूसी नाविकों ने उनका ध्यान आकर्षित करने के लिए सिग्नल फ्लेयर भी दागे.

150 मीटर की दूरी पर पहुंची यॉट, फिर चली चेतावनी गोली

रूस का कहना है कि सभी चेतावनियों के बावजूद यॉट अपनी दिशा में आगे बढ़ती रही. जब दोनों जहाजों के बीच की दूरी घटकर लगभग 150 मीटर रह गई, तब ‘एडमिरल ग्रिगोरोविच’ के कमांडर ने यॉट के संभावित मार्ग के सामने छोटे हथियारों से चेतावनी गोलियां चलाने का आदेश दिया. रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘फ्रिगेट एडमिरल ग्रिगोरोविच के चालक दल ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का पूरी तरह पालन किया और किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए.’ रूस के अनुसार, चेतावनी मिलने के बाद ‘ब्राइट फ्यूचर’ ने अपनी दिशा बदल ली और युद्धपोत से दूर चली गई.

ब्रिटेन ने भी की घटना की पुष्टि

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने भी इस घटना की पुष्टि की है.  घटना के बाद ब्रिटिश नौसेना के जहाज ‘एचएमएस टाइन’ से एक सीबोट भेजी गई, जिसने यॉट पर मौजूद लोगों की जांच की. हालांकि ब्रिटिश पक्ष ने स्पष्ट किया कि चेतावनी गोलियां सीधे यॉट को निशाना बनाकर नहीं चलाई गई थीं, बल्कि उनका उद्देश्य संभावित टक्कर को रोकना था. इसके बाद यॉट ने अपनी यात्रा जारी रखी.

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि घटना के समय रूसी युद्धपोत पर रॉयल नेवी के गश्ती जहाज ‘एचएमएस मर्सी’ की निगरानी बनी हुई थी. प्रवक्ता ने कहा कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में हुई और ब्रिटिश अधिकारियों को इसकी पूरी जानकारी थी.

इंग्लिश चैनल दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है. रूसी नौसैनिक जहाज नियमित रूप से इस रास्ते से गुजरते हैं. उनकी गतिविधियों पर ब्रिटिश सैन्य एजेंसियां लगातार नजर रखती हैं. लेकिन बीते कुछ दिनों से यहां तनातनी बढ़ रही है.

ब्रिटेन ने रोका था रूसी ‘शैडो फ्लीट’ का जहाज

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब रविवार को ब्रिटिश कमांडो बलों ने रूस की कथित ‘शैडो फ्लीट’ से जुड़े तेल टैंकर ‘स्मिर्टोस’ पर कार्रवाई की थी. ब्रिटेन और यूक्रेन ने इस अभियान को रूस की युद्ध क्षमता के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम बताया था. दक्षिणी इंग्लैंड के तट के पास चलाए गए इस अभियान में ब्रिटिश कमांडो हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे रात के अंधेरे में जहाज पर उतरे थे. इस शिप में भारत और जॉर्जिया के 24 नाविक सवार हैं. फिलहाल इन सभी को ब्रिटेन के डॉर्सेट तट पर रोका गया है.

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भारतीय कप्तान अजय पंत पर लगा प्रतिबंध उल्लंघन का आरोप

इस मामले में सोमवार को ब्रिटिश अभियोजन अधिकारियों ने ‘स्मिर्टोस’ के भारतीय कप्तान अजय पंत के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. उन पर रूस पर लगाए गए ब्रिटिश प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है. ब्रिटेन ने यूक्रेन पर रूस के 2022 के आक्रमण के बाद कई आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध लागू किए थे. अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ‘स्मिर्टोस’ इन प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था.

38 वर्षीय अजय पंत को मंगलवार को साउथैम्प्टन मजिस्ट्रेट अदालत में वीडियो लिंक के जरिए पेश किया गया. सुनवाई के दौरान उन्होंने केवल अपना नाम, जन्मतिथि और भारत स्थित अपना पता बताया. रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आरोपों पर किसी प्रकार की दलील नहीं दी. उनके वकील ने अनुरोध किया कि मामले को क्राउन कोर्ट भेजा जाए. अदालत ने अजय पंत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. अब इस मामले में 16 जुलाई को बोर्नमाउथ क्राउन कोर्ट में याचिका और मुकदमे की तैयारी से जुड़ी अगली सुनवाई होगी.

जी7 बैठक के बीच बढ़ी संवेदनशीलता

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब फ्रांस में जी7 देशों के नेता एकत्रित हुए हैं. सम्मेलन में रूस पर दबाव बढ़ाने और यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए नए कदमों पर चर्चा हुई है. इंग्लिश चैनल में हुई यह घटना और ‘स्मिर्टोस’ पर ब्रिटेन की कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर बना हुआ है. जी7 बैठक में नेताओं ने साझा बयान में रूस के यूक्रेन पर आक्रमण की निंदा की.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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