सरायकेला कोर्ट ने सुनाई थी फांसी की सजा, अब झारखंड हाईकोर्ट तय करेगा चुन्नू मांझी का भविष्य

Edited by Sameer Oraon
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झारखंड हाईकोर्ट की तस्वीर

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने वर्ष 2019 में चांडिल में हुए पति-पत्नी और तीन बच्चों की निर्मम हत्या के मामले में सुनवाई पूरी कर ली है. निचली अदालत ने आरोपी चुन्नू मांझी को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे उसने हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जबकि सरकार ने सजा बरकरार रखने की अपील की है. कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.

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Jharkhand High Court, रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल में हुए एक ही परिवार के पांच सदस्यों की निर्मम हत्या मामले में ऐतिहासिक फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने फांसी की सजा पा चुके दोषी चुन्नू मांझी की अपील और राज्य सरकार की ओर से सजा की पुष्टि (Confirmation) के लिए दायर याचिकाओं पर सुनवाई पूरी की.

निचली अदालत ने सुनाई थी फांसी की सजा

सरायकेला की निचली अदालत ने 25 सितंबर 2025 को चुन्नू मांझी को अपने ही रिश्तेदार रवि मांझी, उनकी पत्नी कल्पना और तीन मासूम बच्चों की टांगी से काटकर हत्या करने का दोषी पाते हुए फांसी की सजा सुनाई थी. इसके अलावा, अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था. इसी फैसले के खिलाफ दोषी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

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क्या था पूरा मामला?

यह खौफनाक घटना 23 फरवरी 2019 की सुबह की है. प्राथमिकी के अनुसार, दोषी चुन्नू मांझी ने अपने रिश्तेदार के परिवार पर टांगी से हमला कर पांचों की जान ले ली थी. हत्या के बाद वह कुल्हाड़ी लेकर अपने भाई सिद्धू सोरेन के घर भी पहुंचा और वहां भी हमला किया. उसने घर और मोटरसाइकिल में आग लगा दी थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था.

फैसले पर टिकी सबकी नजरें

खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है. अब हाईकोर्ट के इस फैसले से यह स्पष्ट होगा कि क्या चुन्नू मांझी की फांसी की सजा बरकरार रहेगी या उसे कोई राहत मिलेगी. राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए फांसी की सजा को कंफर्म करने की मांग की है.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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