बंगाल चुनाव 2026: सुप्रीम सुनवाई के बाद बोले कपिल सिब्बल- हर टेबल पर तैनात हो राज्य का कर्मचारी

Published by :Mithilesh Jha
Published at :02 May 2026 9:34 PM (IST)
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Kapil Sibal Supreme Court West Bengal Election 2026

Kapil Sibal Supreme Court Bengal Election: बंगाल चुनाव के बाद होने वाली मतगणना प्रक्रिया पर कपिल सिब्बल ने सवाल उठाये हैं. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि निष्पक्ष नतीजों के लिए काउंटिंग टेबल पर राज्य सरकार के कर्मचारी का होना जरूरी है. जानें क्या है पूरा मामला.

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Kapil Sibal Supreme Court Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से ठीक पहले कानूनी और राजनीतिक रस्साकशी तेज हो गयी है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने शनिवार को एक बड़ा बयान दिया है.

सिब्बल ने कहा है कि मतगणना में पारदर्शिता और समान अवसर (Level Playing Field) सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक काउंटिंग टेबल पर राज्य सरकार के एक कर्मचारी की मौजूदगी अनिवार्य होनी चाहिए. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बंगाल चुनाव के अंतिम परिणाम काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेंगे कि मतगणना केंद्र के भीतर क्या प्रक्रिया अपनायी जा रही है.

माइक्रो ऑब्जर्वर के रहते केंद्र के अतिरिक्त कर्मियों पर सवाल

कपिल सिब्बल ने निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा केंद्र सरकार के कर्मचारियों और PSU अधिकारियों की तैनाती पर हैरानी जतायी है. उन्होंने कहा कि हर टेबल पर पहले से ही केंद्र सरकार का एक कर्मचारी माइक्रो ऑब्जर्वर के रूप में तैनात होता है. ऐसे में अतिरिक्त केंद्रीय कर्मियों की तैनाती आश्चर्यजनक है.

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उन्होंने कहा कि आयोग के 13 अप्रैल के परिपत्र में ही कहा गया है कि प्रत्येक मेज पर राज्य सरकार का एक कर्मचारी भी नियुक्त किया जायेगा. इसे पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के इस परिपत्र के बारे में टीएमसी को 29 अप्रैल तक जानकारी नहीं थी, जिसके बाद तुरंत हाईकोर्ट का रुख किया गया था.

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सुप्रीम कोर्ट में क्या हुई बहस?

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को एक विशेष सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि टीएमसी की याचिका पर अब किसी और आदेश की आवश्यकता नहीं है. हालांकि, सिब्बल ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि उन्होंने अदालत में परिपत्र की संवैधानिकता को चुनौती नहीं दी, बल्कि केवल यह मांग की कि जो नियम लिखित में हैं, उनका पालन हो. उनके अनुसार, मतगणना टेबल पर केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के कर्मचारी होने चाहिए, ताकि संतुलन बना रहे.

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Kapil Sibal Supreme Court Bengal Election: नतीजों पर पड़ेगा असर?

कपिल सिब्बल ने इस मामले पर संवाददाता सम्मेलन करने की जरूरत को समझाते हुए कहा कि मतगणना कक्ष के भीतर की गतिविधियां ही तय करेंगी कि जनादेश का स्वरूप क्या रहता है. टीएमसी का मानना है कि केवल केंद्रीय कर्मियों की भारी मौजूदगी से मतगणना की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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